> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2023-04-14

Pawan Jury BhilwaraRj

मार्च 1974 में जब निक्सन अमेरिका के राष्ट्रपति थे। ग्रैंड जूरी के आदेश पर पुलिस वाले उनके 7 ख़ास आदमियों (पूर्व एटोर्नी जनरल, मुख्य सहायक, विशेष सलाहकार आदि) को उठा कर ले गये थे। ग्रैंड जूरी ने उन पर झूठे साक्ष्य गढ़ने और ग़लत बयानी के आरोप तय किए।
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निक्सन भी आरोपी थे, किंतु वे बच गये। क्योंकि राष्ट्रपति पर जूरी मुक़दमा नही चला सकती है। राष्ट्रपति के ख़िलाफ़ मामलों को सिर्फ़ सीनेट ही सुनती है। पर निक्सन को इस्तीफ़ा देना पड़ा !! लगभग 40 आरोपियों को सजा हुई। और इनमें से ज़्यादातर निक्सन के करीबी थे। निक्सन उन्हें बचा नहीं पाए। आप इस स्कैंडल को वॉटरगेट नाम से जानते है।
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तब भी बड़ी मछलियाँ इस स्कैंडल से बच गयी। कैसे ?
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वाशिंगटन में ग्रैंड जूरी के चयन की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है। ग्रैंड जूरी सदस्यों को लॉटरी द्वारा नही चुना जाता। इनके चयन में जज आदि दख़ल रहता है। इसके अलावा ग्रैंड जूरी सदस्यों का कार्यकाल भी लंबा होता है (लगभग एक वर्ष तक) एवं ट्रायल सार्वजनिक नहीं होता। तो वहाँ की इलीट हाई प्रोफाइल मामलों को मैनिपुलेट करने में सफल हो जाते है।
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हमने जूरी कोर्ट का जो ड्राफ्ट प्रस्तुत किया है उसमें ग्रैंड जूरी का चयन सिर्फ़ लॉटरी से ही किए जाने का प्रावधान है। जज एवं सरकारी अधिकारियों का इसमें कोई दख़ल नही है। एवं ग्रैंड जूरी सदस्यों का कार्यकाल 30 दिनों का होगा। 30 दिनों बाद 10 सदस्य रिटायर होंगे और उनकी जगह नए सदस्य लॉटरी द्वारा आ जाएँगे, तथा सुनवाई हमेशा सार्वजनिक होगी।
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#JuryCourt
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