Pawan Jury BhilwaraRj
(1) सरकार में बैठे बीजेपी नेताओ (शक्तिमान) ने ग़लीज़ दृश्य होने के बावजूद “पठान” के निर्मताओं से पैसा लेकर पहले फ़िल्म को पास किया !!
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(2) फिर उन्होंने RSS नेताओ (गंगाधर) से ग़लीज़ दृश्यों का हवाला देकर फ़िल्म का विरोध करने को कहा !! इस तरह नोट लेने के बाद मुस्लिम विरोधी-हिंदू समर्थक वोट खींचने के लिए RSS ने फ़िल्म का विरोध करना शुरू किया ।
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(3) निर्मताओं ने सरकार में बैठे नेताओं (शक्तिमान) से कहा कि पैसा लेने के बावजूद भी विरोध क्यों करवा रहे हो ?
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शक्तिमान ने कहा कि विरोध तो RSS (गंगाधर) कर रहा है !! इसीलिए वो दृश्य हमें काटने पड़ेंगे जिन्हें न काटने के एवज़ में आपने पैसा दिया था।
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(4) तब निर्माताओ ने BJP नेताओ (शक्तिमान) को दृश्य न काटने के एवज में और पैसा दिया !! BJP नेताओं ने उन्हें आश्वस्त किया कि अब अमुक दृश्य नहीं काटे जाएँगे।
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(5) नोट कमाने के बाद अब अपने वोट बचाने के लिए शक्तिमान ने इधर उधर से 2-3 सेकेंड के कुछ शॉट काट दिए (किंतु ग़लीज़ दृश्यों को नहीं काटा गया।)
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(6) गंगाधर (RSS) ने अपने कार्यकर्ताओ को यह बुत्ता देकर विरोध का मजमा समेटने को कहा कि - फ़िल्म में से अवांछित दृश्य काट दिये गए है !!!
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कुशल नेता किसी मुद्दे से नोट एवं वोट दोनों कमाते है। और बारी बारी से नोट एवं वोट दोनों कमाने के लिए गंगाधर को शक्तिमान की एवं शक्तिमान को गंगाधर की ज़रूरत होती है !!
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[ पुनश्च : हिंदू धर्म एवं संस्कृति का उपहास उड़ाने के विषय पर पीके एवं ओह माय गॉड में जितना कीचड़ परोसा गया है, उतना आज तक किसी मुख्य धारा की फ़िल्म में नहीं परोसा गया ।
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किंतु मोटा पैसा मिलने के कारण बीजेपी=RSS के नेताओं एवं कार्यकर्ताओ ने पूरे भारत में इन फ़िल्मों का प्रमोशन करने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी !!! ]
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