Pawan Jury BhilwaraRj
यदि फ़ेसबुक लोगों को चिकन टिक्का मसाला खिलाने के लिए सक्रिय रूप से काम नही करता तो काफ़ी लोग चिकन टिक्का खाने से बच सकते थे।
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फ़ेसबुक के प्रोग्राम ने उन पोस्ट्स को ब्लॉक/फ़िल्टर किया जो चिकन टिक्का के सम्भावित साइड इफ़ेक्ट्स एवं उसके उपाय के रूप में पनीर टिक्का मसाला खाने की सलाह दे रहे थे।
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दूसरी तरफ़ फ़ेसबुक ने उन पोस्ट्स को प्रमोट किया जो पनीर टिक्का पर ख़ामोश थे और नागरिकों को यह कहकर भ्रमित कर रहे थे कि उनकी बॉडी को स्कैन किया जाएगा कि उन्होंने चिकन खाया है या पनीर !!!
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चित्र 1 : शेयर किए गए चित्र में कोई टेक्स्ट नही लिखे गए है। सिर्फ़ image में टेक्स्ट है।
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चित्र 2 : विडियो में भी कोई टेक्स्ट नही जोड़ा गया है। किंतु विडियो में टेक्स्ट है।
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दोनो स्थितियों में फ़ेसबुक ने इसे ट्रेक किया।
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समाधान : #Woic
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प्रस्तावित वोईक क़ानून मीडिया, सोशल मीडिया एवं फ़ार्मा सेक्टर में विदेशी निवेश पर रोक लगाता है।
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और यही वजह है फ़ेसबुक एवं यूट्यूब पर अपना प्रमोशन चाहने वाले सभी कार्यकर्ता (NWO, AIM, BRC etc) सोशल मीडिया एवं फ़ार्मा में विदेशी निवेश का समर्थन करते है।
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उपरोक्त लोग सोशल मीडिया एवं फ़ार्मा में विदेशी निवेश रोकने के लिए आवश्यक क़ानून पर ख़ामोश रहते है, और बदले में विदेशी सोशल मीडिया कम्पनियाँ इन्हें प्रमोट करती है।
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