Pawan Jury BhilwaraRj
अग्निपथ स्कीम :
.
(1) इस स्कीम के तहत प्रति वर्ष लगभग उतने ही सैनिक भर्ती किए जाएँगे जितने कि अभी किए जाते है। लेकिन इनमे से कम से कम 75% को 4 वर्षों में रिटायर कर दिया जाएगा। इस तरह 4 वर्ष बाद सेना के आकार में कमी आना शुरू हो जाएगी, और यह निरंतर जारी रहेगी।
.
इसके लिए वे ‘Up to 25%’ प्रावधान का इस्तेमाल करेंगे। यानी किसी वर्ष 20% स्थायी करेंगे किसी वर्ष 15% को। हवाला होगा - मापदंडों पर इतने ही खरे उतरे। अनुमान है कि, वे कुछ ही वर्षों में सेना का आकार 25% तक घटा देंगे। मतलब 12 लाख की सेना को 8 लाख पर लाकर पटक देंगे। और इस दौरान वे लगातार यह भी कहते रहेंगे कि — हम सेना का आकार नही घटाएँगे !!
.
सेना का आकार कम करने के पथ पर चलना आसान नही है। सरकार के लिए इसीलिए यह अग्निपथ है।
.
(2) 15 वर्षों बाद सेना में जितने भी सैनिक होंगे उनमें से सिर्फ़ 25% को ही पेंशन देनी होगी। इस तरह यह योजना अंत में कुल सैनिकों में से 75% सेनिको की पेंशन बंद करती है।
.
जो 75% सैनिक रिटायर हो जाएँगे उन्हें पेंशन नही मिलेगी। अतः ये सामान्य वीर नही है। ये अग्निवीर है। दूसरे शब्दों में सरकार ने पेंशन बंद करने के एवज़ में अग्निवीर का टाइटल दे दिया है !!
.
(3) सैनिकों की संख्या में कमी, वेतन में कमी और पेंशन में कमी से जो पैसा बचेगा यह पैसा विदेशी हथियार कम्पनियों की जेब में चला जाएगा, और ख़रीद-फ़रोख़्त की इस मद में से एक बड़ा हिस्सा नेता / अधिकारी/ मंत्री आदि खा जाएँगे।
.
—————
.
समाधान :
.
(1) हमें सेना का आकार बढ़ाने की ज़रूरत है। कम से कम हमें इसे चीन के बराबर यानी की दुगना करना ही चाहिए।
.
(2) स्वदेशी हथियारों के उत्पादन के लिए #Woic क़ानून गेजेट में छापा जाए और रक्षा में FDI पर रोक लगाई जाए।
.
————