Pawan Jury BhilwaraRj
(1) RRP इफ़ेक्ट - RRR ; हर हाथ हथियार !!!
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पिछले 73 वर्षों से भारत में किसी भी राजनैतिक पार्टी ने भारतीयों को हथियारबंद करने के प्रस्ताव को अपने एजेंडे में शामिल नही किया है। राइट टू रिकॉल पार्टी एक मात्र पार्टी है जिसके उम्मीदवार इस मुद्दे पर चुनाव लड़ रहे है कि — हथियारबंद नागरिक समाज की रचना के लिए जनमत संग्रह कराया जाना चाहिए।
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कार्यकर्ताओं में इस माँग की बढ़ती लोकप्रियता ने पेड मीडिया के प्रायोजकों को मुख्य धारा की फ़िल्म में इस बिंदु का उल्लेख करने के लिए बाध्य किया है।
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(2) साउथ में अचानक से राइट टू रिकॉल के विषय पर एक के बाद एक फ़िल्में बन रही है। फ़ीचर फ़िल्म “वोटर” एवं “वन” इसी श्रेणी की फ़िल्में है । राइट टू रिकॉल को फ़ीचर करने के पीछे इन फ़िल्मों के निम्न उद्देश्य है :
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(1) राइट टू रिकॉल पार्टी के सकारात्मक क़ानून ड्राफ़्ट की माँग को तोड़ने के लिए दर्शकों के दिमाग़ में नकारात्मक राइट टू रिकॉल की प्रोसिजर प्लांट करना।
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(2) राइट टू रिकॉल के असूचित कार्यकर्ताओं को कमल हासन की पार्टी की तरफ़ भेजना ।
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