> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2022-01-24

Pawan Jury BhilwaraRj

White Collar Mafia ;
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एक यू ट्यूब-फेसबुक सेलिब्रिटी किस प्रश्न पर “खामोश” रहकर यह सुनिश्चित करता है कि --
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(a) कार्यकर्ता नया चुनावी राजनैतिक विकल्प खड़ा करने के लिए काम न करें, और
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(b) विकल्प के अभाव में मतदाता फिर से पेड मीडिया पार्टियों (आरएसएस, कोंग्रेस, आपा, सपा, बसपा, अकाली आदि) को ही वोट करें।
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(1) मान लीजिये कि X एक यू ट्यूबर है जिसके 50,000 सब्सक्राईबर है। X अपने चेनल पर कोरोना एक षड्यंत्र है, कोरोना फर्जी है, वैक्सीन, चिप, मास्क, फार्मा कम्पनियों का षड्यंत्र एवं NWO आदि के विषय पर दसियों वीडियो अपलोड करता है। और अपने दर्शको से कहता है कि वे उसके वीडियो को शेयर करके जन जन पर पहुँचा कर लोगो को “जागरूक” करें।
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जब आप उससे पूछेंगे कि आप क्या कर रहे हो, और इस पूरी कवायद के पीछे आपका उद्देश्य क्या है ? तो आपको निम्न जवाब मिलेंगे :
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(1.1) मैं लोगों को कोरोना / NWO के बारे में जागरूक कर रहा हूँ !!
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(1.2) मैं कोरोना / NWO को एक्सपोज कर रहा हूँ !!
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(1.3) मैं लोगो में चेतना ला रहा हूँ !!
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(1.4) मैं क्रांति लाने की तैयारी कर रहा हूँ !!
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[OKAY... now let’s figure out his silence on – whom to VOTE !!]
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(2) और चुनावो के सम्बन्ध में X निम्नलिखित कदम उठाएगा :
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(2.1) वह अपने अनुयायियों से नहीं कहेगा कि - पेड मीडिया पार्टियों को वोट करें।
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(X को पता है कि, उसके सभी अनुयायियों को पता है कि - पेड मीडिया पार्टियों ने बाध्यकारी वैक्सीनेशन एवं लॉकडाउन का समर्थन किया था !! अब यदि X पेड मीडिया पार्टियों को वोट करने को कहता है तो X अपने कई दर्शक खो देगा।)
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(2.2) X अपने अनुयायियों से यह नहीं कहेगा कि – उन निर्दलीय उम्मीदवारों / छोटी पार्टियों के उम्मीदवारों को वोट करें जो बाध्यकारी वैक्सीनेशन एवं लॉकडाउन के खिलाफ है।
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(यदि X ऐसा कहता है तो उसके कई अनुयायी अमुक उम्मीदवारों का प्रचार करने लगेंगे, और उन्हें वोट दे देंगे। और आगे चलकर ये छोटे उम्मीदवार पेड मीडिया पार्टियों के खिलाफ एक वाजिब “चुनावी राजनैतिक विकल्प” बन सकते है।)
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(2.3) X न तो खुद बाध्यकारी वैक्सीनेशन, लॉकडाउन आदि के मुद्दे पर पेड मीडिया पार्टियों के खिलाफ चुनाव लड़ेगा, और न ही पेड मीडिया पार्टियों के खिलाफ कोई चुनावी उम्मीदवार उतारेगा।
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(X जानता है कि यदि उसने पेड मीडिया पार्टियों के खिलाफ “चुनावी राजनैतिक विकल्प” खड़ा करने की दिशा में काम किया तो यू ट्यूब-फेसबुक के प्रायोजक उसके वीडियो वगेरह के डिस्ट्रीब्युशन को सीमित कर देंगे।)
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(2.4) X अपने दर्शको से यह भी नहीं कहेगा कि – पेड मीडिया पार्टियों को वोट “न” करें !!!
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(यदि X अपने दर्शको से पेड मीडिया पार्टियों को वोट “नहीं” करने को कहता है तो उसे इस प्रश्न का सामना कारण पड़ेगा कि -- तब हम किसे वोट करें !! और एक बार यह प्रश्न विमर्श में आ जाता है तो विमर्श इसी जवाब पर ख़त्म होगा कि, पेड मीडिया पार्टियों के खिलाफ कार्यकर्ताओ को एक नया राजनैतिक विकल्प खड़ा करने की दिशा में काम करना चाहिए।)
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(3) अब हम देखते है की, कैसे “वोट किसे दें” प्रश्न पर अपनी ख़ामोश रहकर X यह सुनिश्चित करता है कि, कार्यकर्ता पेड मीडिया पार्टियों को चुनौती देने के लिए राजनैतिक विकल्प खड़ा करने की दिशा में काम न कर सके, और नतीजे में सभी वोट पेड मीडिया पार्टियों को ही मिले।
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(3.1) X यह बात जानता है कि, मेरे 99% फ़ॉलोअर्स ने पिछले चुनावों में पेड मीडिया पार्टियों को ही वोट किया है। पर चूंकि अब उनमें से कई लोग पेड मीडिया पार्टियों की नीतियों से क्षुब्द है, अत: X उन्हें बिंदु (2.1) में कही गयी सूचना नहीं देता।
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(3.2) X जानता है कि यदि अपने अनुयायियों को बिंदु (2.2 एवं 2.3) में बतायी गयी सूचना देगा तो उसके अनुयायियों तक उन उम्मीदवारों के बारे में सूचना पहुँच जायेगी जो पेड मीडिया पार्टियों को नुकसान देने के लिए राजनैतिक विकल्प खड़ा करने की दिशा में काम कर रहे है।
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(3.3) और चूंकि X के ये सभी अनुयायी पहले से पेड मीडिया पार्टियों के वोटर है, अत: यह सुनिश्चित करने के लिए कि उसके ये अनुयायी फिर से पेड मीडिया पार्टियों को ही वोट करें, X को सिर्फ बिंदु (2.2 एवं 2.3) पर अमल करना होता है। और चूंकि X ने अपने अनुयायियों तक नए राजनैतिक विकल्प की सूचना को पहुँचने से रोक दिया है, अत: उसके अनुयायीयों के पास फिर से पेड मीडिया पार्टियों को वोट देने का विकल्प शेष रह जाता है।
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(3.4) और X द्वारा बिंदु (2.4) में कही गयी सूचना न देने के बावजूद उसके ज्यादातर अनुयायी फिर से पेड मीडिया पार्टियों को वोट करेंगे, या कुछ लोग या तो वोट करने ही नहीं जायेंगे या नोटा दबा देंगे। वोट न करने या नोटा दबाने की स्थिति में इन मतदाताओं का वोट मतदान गणना से बाहर हो जाएगा। और पेड मीडिया पार्टियों की ताकत बनी रहेगी।
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(4) तो यहाँ X “वोट किसे दें” प्रश्न पर जानबूझकर खामोश रहकर मुख्य रूप से निम्नलिखित काम सक्रीय रूप से कर रहा है :
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(4.1) वह कार्यकर्ताओ को सरकार / अन्य स्थापित पार्टियों के खिलाफ बोलकर उन्हें अपनी और बुलाता है। ताकि कार्यकर्ता किसी ऐसे कार्यकर्ता समूह की और न चले जाए जो समूह पेड मीडिया पार्टियों के खिलाफ “चुनावी राजनैतिक विकल्प” खड़ा करने पर काम कर रहा है।
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(4.2) वह अपने अनुयायियों को व्यस्त रखने के लिए उन्हें सैंकड़ो घंटो के वीडियो/ ऑडियो/दस्तावेज/ पोस्ट्स आदि उपलब्ध कराता है, ताकि वे “नया राजनैतिक विकल्प” खड़ा करने की दिशा में काम न कर सके।
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(4.3) वह अपने अनुयायीयो को पेड मीडिया के खिलाफ चुनाव में आने वाले उम्मीदवारों के बारे में सूचित नहीं करता, ताकि उसके अनुयायी अमुक उम्मीदवारों को वोट न कर सके। और अमुक उम्मीदवारों को कम वोट मिलेंगे तो पेड मीडिया के खिलाफ लड़ने की उनकी राजनैतिक ताकत भी नहीं बढ़ पाएगी।
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(5) और यह पूरा राजनैतिक सर्कस चलाने के लिए उसे बिंदु (1.1, 1.2, 1.3, 1.4) में दी गयी टर्म का इस्तेमाल करने की जरूरत होती है।
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यदि X कहेगा कि – मैं राजनीती कर रहा हूँ, तो उस पर वाजिब प्रश्न उठेगा कि जब आप राजनीति कर रहे है, तो चुनावों में आइये, या बताइये कि किसे वोट देना है, या किसे नहीं देना है ?
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और चूंकि X “वोट किसे दें” प्रश्न का सामना करने से बचना चाहता है, अत: वह खुद को अराजनैतिक दिखाने के लिए अपने इस पूरे सर्कस को “जागरूकता, चेतना, क्रांति शब्दों पर थपा देता है। यदि वह जागरूकता एवं क्रांति आदि शब्दों का इस्तेमाल नहीं करेगा तो उसके पास अपनी गतिविधियों को अराजनैतिक ठहराने का कोई तरीका नहीं है। और तब उसे इस यक्ष प्रश्न का जवाब देना होगा कि – वोट किसे दें ? और X के लिए यह प्रश्न के अंगारे की तरह है, जिसे वह छूना नहीं चाहता।
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(6) X को इससे क्या फायदा होता है ?
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इस तरीके का सर्कस चलाने से होने वाले लाभों के कई आयाम है। हैसियत एवं नेटवर्क के अनुसार अलग अलग प्रकार के X अवसर देखकर इससे अलग अलग तरह के फायदे ले लेते है।
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(6.1) जैसे राजनेता की खुराक वोट है, वैसे ही यू ट्यूबरो की गिज़ा है – व्यू काउंट एवं सब्सक्राइबर। और पेड मीडिया के प्रायोजक यू ट्यूब पर ऐसे X को काफी प्रमोट करते है जो राजनीती में रुचि लेने वाले कार्यकर्ताओ को “चुनावी राजनैतिक विकल्प” खड़ा करने की दिशा में काम करने से रोकता हो। इसीलिए सभी X क्रांति लाने या जागरूक करने का सबसे आसान तरीका यह बताते है कि – इस वीडियो को जन जन तक पहुंचा दीजिये !!
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(6.2) चूंकि इन्होने कभी किसी पेड मीडिया पार्टी को वोट करने या न करने के लिए नहीं कहा होता है, अत: हाईट बढ़ने पर ये लोग किसी न किसी पेड मीडिया पार्टी में घुस जाते है।
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सार : मेरा कार्यकर्ताओ से आग्रह यह है कि, आप अपनी यू ट्यूब / फेसबुक फीड में NWO के खिलाफ लड़ने वाले जितने भी क्रन्तिकारी सेलेब्रिटीज को देख रहे है, उनसे यह प्रश्न पूछिए कि – यूपी, पंजाब, उत्तराखंड चुनावों में हम वोट किसे दें ?
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इस प्रश्न को टालने के लिए या तो वे उत्तर नहीं करेंगे या फिर वे कोई रोमांटिक सा जवाब दे देंगे, जिसमें निचे दिए वाक्यों का कई तरह से घुमाव-फिराव-दोहराव होगा :
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हम राजनीति से दूर रहते है।
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वोट आप किसे भी दे दो हमें इससे कोई मतलब नहीं।
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वोट से क्रांति नहीं आती, क्रांति जागरूकता से आएगी।
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सभी पार्टियाँ एक जैसी है। आदि आदि
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यदि अमुक व्यक्ति या तो जवाब नहीं देता, या गोल गोल जवाब देता है तो समझ जाइए कि आपका पाला एक प्रकार के X से पड़ चुका है। और जब आप इस कसौटी पर उन्हें कसना शुरू करेंगे तो आपको मालूम होगा कि आप इस तरह के दर्जनों X से घिरे हुए है, और उनकी न्यूज फीड निरंतर आपका समय चूस रही है।
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जब तक आप इनसे छुटकारा नहीं पाते तब तक पेड मीडिया पार्टियों की ताकत बढती रहेगी। क्योंकि इनका मुख्य लक्ष्य आपको नया चुनावी राजनैतिक विकल्प को खड़ा करने की दिशा में काम करने से रोकना है। और इसके एवज में पेड मीडिया के प्रायोजक अपनी सोशल मीडिया कम्पनियों का इस्तेमाल करके इन्हें प्रमोट कर रहे है।
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