> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2022-01-18

Pawan Jury BhilwaraRj

चुनावो की ताकत ; केंद्र सरकार ने कोर्ट में कहा -- टीकाकरण अनिवार्य नहीं है !!!
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और सरकार ने यह वक्तव्य देने में पूरा एक वर्ष क्यों लिया ?
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लक्ष्य -
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(1) बाध्यकारी टीकाकरण का विरोध करने वाले कार्यकर्ताओ को मामू बनाना, और उन्हें चुनाव प्रचार और चुनाव लड़ने से दूर रखना, ताकि रॉथ्सचाइल्ड की पार्टियों जैसे कांग्रेस, आरएसएस, आपा, सपा, बसपा, अकाली आदि को बाध्यकारी टीकाकरण विरोधी कार्यकर्ताओ के कम चुनावी प्रतिरोध का सामना करना पड़े ( मैं खुद भी बाध्यकारी टीकाकरण के खिलाफ हूँ)
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(2) कार्यकर्ताओ को मूर्ख बनाकर इस बात पर आश्वस्त रखना कि बाध्यकारी टीकाकरण जैसे राजनैतिक फैसलों को रोकने के लिए चुनावों में आने की जरूरत नहीं है, और इन्हें जनहित याचिकाओ जैसे टटून्दर से रोका जा सकता है। और आश्वस्त होने के बाद कार्यकर्ता पेड मीडिया पार्टियों को चुनौती देने के लिए राजनैतिक विकल्प खड़ा करने की दिशा में काम नहीं करेंगे !!
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(3) जनहित याचिकाओ का सर्कस चलाने वाले फेक ओपोजिशन को वास्तविक विपक्ष के रूप में स्थापित करना – इन लोगो ने जनहित याचिका लगाने, लोगो को जागरूक करने आदि के नाम पर लोगो का 2 साल तक टाइम पास किया, और इस तरह उन्होंने टीका विरोधी कार्यकर्ताओ को रोथ्सचाइल्ड पार्टियों के खिलाफ चुनाव न लड़ने और रोथ्सचाइल्ड पार्टियों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे छोटे उम्मीदवारों के पक्ष में प्रचार न करने के लिए तैयार किया !!
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और एवज में पेड मीडिया के प्रायोजकों को अपने इस नियंत्रित विपक्ष की छवि टिकाए रखने के लिए उन्हें कुछ सकारात्मक क्रेडिट देनी थी।
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बहरहाल, अभी आप यूपी चुनाव निकल जाने दीजिए। और तब आप यह देख पायेंगे कि कैसे इन AIM, BRC, और ऐसे ही अन्य लोगो ने कैसे टीका विरोधी कार्यकर्ताओं भ्रमित करके पेड मीडिया के प्रायोजको को फायदा पहुँचाया है। AIM, BRC आदि ने टीका विरोधी कार्यकर्ताओ को चुनाव न लड़ने / और पेड मीडिया पार्टियों के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले कार्यकर्ताओ का प्रचार करने से रोककर टीका विरोधी कार्यकर्ताओ को गंभीर नुक्सान पहुँचाया है।
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( पुनश्च: AIM और BRC ही नहीं, बल्कि यहाँ दर्जनों नकली विपक्ष हैं, जो ईवीएम के अंधे कांच का समर्थन करते हैं, मॉरीशस संधि का समर्थन करते हैं, एफडीआई का समर्थन करते हैं, विदेशी सोशल मीडिया के निष्कासन का विरोध करते हैं, और कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने / प्रचार करने से दूर रहने के लिए प्रेरित करते है )
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