Pawan Jury BhilwaraRj
पेड मीडिया के प्रायोजको के लिए किसी प्रभावशाली व्यक्ति का मूल्य है कि --- अमुक व्यक्ति कितने रोथ्सचाइल्ड+रोकेफेलर विरोधी कार्यकर्ताओ को पेड मीडिया पार्टियों जैसे आरएसएस, कोंग्रेस, आपा, सपा, बसपा आदि के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों का प्रचार करने से रोक सकता है !!
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यू ट्यूब एवं फेसबुक उन सभी प्रभावशाली व्यक्तियों को प्रमोट करता है जो व्यक्ति पेड मीडिया पार्टियों को प्रमोट करते है, या फिर वे युवाओं को चुनावों में न उतरने का ज्ञान देते है। तो रोथ्सचाइल्ड+रोकेफेलर उन प्रभावशाली लोगो को बढ़ावा क्यों देते है जो लोगो को चुनावो से दूर रहने की नसीहत देते हैं?
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दरअसल, ये प्रभावशाली लोग अब रोथ्सचाइल्ड+रोकेफेलर विरोधी कार्यकर्ताओ को यह कन्विंस करने में असमर्थ हैं कि उन्हें आरएसएस, कांग्रेस, आपा, सपा, बसपा अकाली आदि पेड मीडिया पार्टियों को वोट देना चाहिए।
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अब यदि रोथ्सचाइल्ड विरोधी कार्यकर्ता चुनावों में आते हैं या रोथ्सचाइल्ड विरोधी पार्टियों के लिए प्रचार करते हैं, तो धीरे-धीरे भारत में एक रोथ्सचाइल्ड विरोधी “चुनावी विकल्प” सामने आ आएगा। चुनावी विकल्प !!
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और इसीलिए रोथ्सचाइल्ड+रोकेफेलर अपनी सोशल मीडिया कम्पनियों का इस्तेमाल करके उन लोगो को बढ़ावा दे रहे है जो अपने भाषण चातुर्य के माध्यम से कार्यकर्ताओ को चुनावी गतिविधियों से दूर रखने में अच्छा प्रदर्शन कर रहे है !!
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तो अगर कोई प्रभावशाली व्यक्ति, अपने 1000 अनुयायियों को घंटे भर की ज्ञान गंगा में नहलाने के बाद अंत में कहता है कि --
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(i) आने वाले जनवरी 2022 के पंजाब, यूपी, उत्तराखंड में चुनाव मत लड़ो,
(ii) और न ही उन छोटी पार्टियों / निर्दलीय प्रत्याशियों का प्रचार करों जो पेड मीडिया पार्टियों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे है,
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तो आपके दिमाग में संदेह के बादल तुरंत घुमड़ने चाहिए !!
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यहां तक कि राष्ट्रपिता महात्मा सुभाषचंद्र बोस ने भी कई चुनाव लड़े और वह भी अंग्रेजों के जमाने में !!
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जब तक देश में चुनाव लागू है और इनका निलम्बन नहीं हुआ है तब तक चुनाव लड़ना ही रोथ्सचाइल्ड द्वारा खड़ी की गयी पार्टियों को हराने का एकमात्र तरीका है।
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