> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2022-01-14

Pawan Jury BhilwaraRj

Kushagra Yadav Salonup:

क्यों अमेरिका का संविधान नागरिकों को बंदूकें रखने का "अधिकार" देता है, जबकि भारतीय संविधान इसका उल्लेख भी नहीं करता है?
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संविधान, संवैधानिक अधिकार, और मौलिक अधिकार जैसे शब्द अमीर वर्ग (elite class) द्वारा लोगों से बंदूकें छीनने के लिए बनाई गई बकवास कल्पनाएं हैं, ताकि जनता को मूर्ख बनाने के लिए यह विश्वास दिलाया जा सके कि "देखो, आपको हमारी बंदूकों से बचने के लिए बंदूकों की आवश्यकता नहीं है — यह पुस्तक जिसे 'संविधान' कहा जाता है, और 'मौलिक अधिकार' कहे जाने वाले ये शब्द हमारी बंदूकों-तोपों से आपकी रक्षा करेंगे"!!!
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अमीर वर्ग के लोगों के पास बंदूकें हैं, और उनके पास आम लोगों पर किसी भी "कानून" को थोपने के लिए डंडो-बंदूकों का उपयोग करने के वाले लिए वेतनधारी पुलिसकर्मी हैं। और वे आपको विश्वास दिलाना चाहते हैं कि जनता, बिना बंदूक के, कुछ जादू मंत्र, या पवित्र शब्दों का उपयोग करते हुए, जैसे "आबरा-का-डाबरा" या "खुल-जा-सिम-सिम", अमीर वर्ग के बंदूकों-हथियारों से अपनी रक्षा कर सकती है !!!
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अमीरों और उनके मंत्रियों/आईएएस/न्यायाधीशों ने न केवल पुलिसकर्मियों को बंदूकें दी हैं, बल्कि वेतन, पेंशन और कानूनी लाभ भी दिए हैं, और साथ ही जनता को लूटने का (अवैध) मौका भी दिया है !!!
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और इन अमीरों और उनके वेतनभोगी बुद्धिजीवियों के अनुसार, इन कुलीनों, और उनके मंत्रियों/आईएएस/न्यायाधीशों की सनक से खुद को बचाने के लिए आम लोगों को किसी बंदूक या किसी तलवार या यहां तक ​​​​कि नेलकटर की भी जरूरत नहीं है। आम लोग "मौलिक अधिकार", "अनुच्छेद 13", "अनुच्छेद 14", "अनुच्छेद 20" आदि जैसे जादुई शब्द बोल सकते हैं, और अत्याचार और लूट से बचने के लिए अगले जन्म का इंतजार कर सकते हैं !!!
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अगर भारत के नागरिको को खुद को सरकार के दमन से बचाना है और आने वाले संभावित अमेरिका-चीन के युद्ध से बचना है तो जूरी कोर्ट, वोट वापसी, धन वापसी आदि कानूनों के साथ साथ हर-हाथ-हथियार कानून को भी लागू कराना होगा।
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