> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2022-01-12

Pawan Jury BhilwaraRj

पेड मीडिया के प्रायोजको (अमेरिकी-ब्रिटिश-फ्रांसिस हथियार निर्माता) का नियंत्रण भारत पर लगातार बढ़ रहा है। और उनके बढ़ते हुए नियंत्रण की मूल वजह है संवेदनशील क्षेत्रो में विदेशी निवेश की अनुमति, यानि FDI !!
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पेड मीडिया द्वारा प्रायोजित भारत की सभी मुख्य धारा की राजनैतिक पार्टियाँ घोषित रूप से FDI के समर्थन में है, और इसी वजह से पेड मीडिया के प्रायोजक उन्हें पेड मीडिया में सकारात्मक कवरेज देते है। पेड मीडिया के प्रायोजक भारत में बाध्यकारी टीकाकरण एवं बाध्यकारी लॉकडाउन इसीलिए लागू करवाने में सफल रहे है, क्योंकि FDI के कारण भारत में पेड मीडिया के प्रायोजको की शक्ति काफी बढ़ी हुई है।
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जो कार्यकर्ता भारत में विदेशियों के बढ़ते हुए नियंत्रण को कम करना चाहते है, उन्हें पेड मीडिया पार्टियों (बीजेपी, कोंग्रेस, आपा, सपा, बसपा, सीपीआई आदि) के खिलाफ चुनावों में आना चाहिए। जब तक चुनावी मैदान में ऐसी पार्टियाँ / उम्मीदवार नहीं आयेंगे जो पेड मीडिया के प्रायोजको के एजेंडे के खिलाफ हो तब तक विदेशियों के बढ़ते नियंत्रण को रोका नहीं जा सकता।
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जागरुक करने के नाम पर भारत के कार्यकर्ताओ ने अपने 20 साल बेकार दिए और वे पेड मीडिया के प्रायोजको द्वारा पोषित पार्टियों के खिलाफ कोई राजनैतिक विकल्प खड़ा नहीं कर पाए.
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बहरहाल, यूपी, पंजाब, उत्तराखंड के कार्यकर्ताओ से आग्रह है कि वे विधानसभा चुनावों में उतरने का प्रयास करें। हम रिकालिस्ट्स उन सभी निर्दलीय उम्मीदवारों / पार्टियों का समर्थन करेंगे जो पेड मीडिया के एजेंडे के खिलाफ चुनाव में उतरता है। यदि आप निर्दलीय चुनाव नहीं लड़ना चाहते और न ही आपके पास कोई पार्टी है तो आप राईट टू रिकॉल पार्टी की और से चुनाव लड़ सकते है। हम आपको पूरा सहयोग करेंगे।
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राईट टू रिकॉल पार्टी ने पेड मीडिया के प्रायोजको के बढ़ते नियंत्रण को समाप्त करने के लये 31 क़ानून ड्राफ्ट प्रस्तावित किये है। राईट टू रिकॉल पार्टी यूपी, पंजाब, उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में कम से कम 15 सीटो पर चुनाव लड़ रही है।
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