Pawan Jury BhilwaraRj
जिस अफसर ने पीएम के “जिन्दा लौटने” के बयान को सार्वजनिक किया है उसे 50 नागरिको की जूरी के समक्ष पेश किया जाए और उससे जूरी यह पूछेगी कि – पीएम के जिन्दा लौटने वाला बयान सार्वजनिक करने के निर्देश उसे किसने दिए थे !! यदि वह अफसर सच नहीं बताता है तो जूरी उसका सार्वजनिक नार्को टेस्ट ले.
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पीएम इस तरफ की सौ बातें अपने स्टाफ / अधिकारियो से कहता है. इनमें से कई गंभीरता से कही जाती है, और कई लाईट ह्यूमर में. लेकिन इस तरफ की बात का मीडिया में आना बेहद खतरनाक है. सामान्यतया, कोई अफसर पीएम द्वारा कही गयी किसी बात को मीडिया में कहने की हिम्मत नहीं दिखा सकता. वह मिनिट से सस्पेंड होगा और उसे जेल तक हो सकती है. प्रधानमंत्री ने अब तक अमुक अधिकारी को सस्पेंड नहीं किया है.
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इसका सीधा आशय यह है कि – पीएम का मानना है कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने पीएम को जान से मारने की साजिश की थी !! और यह बयान पेड मीडिया पीएम के नाम से हेडलाइन के रूप में चला रहा है !!!
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और अमुक अफसर का जूरी के सामने नार्को टेस्ट लिए बिना यह बात कभी भी सामने नहीं आएगी कि उसे यह बयान सार्वजनिक करने के निर्देश किसने दिए थे. पेड मीडिया ने अमुक अफसर का नाम नहीं छापा है. ANI से भी पूछा जाना चाहिए कि उन्होंने पीएम का यह बयान किस अफसर के हवाले से प्रकाशित किया है.
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हमें नहीं पता कि ये ड्रामा कैसे और किसने स्टेज किया. अनुमान के आधार पर इसकी निम्न संभावनाएं है :
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(1) पेड मीडिया के प्रायोजको ने पंजाब के मुख्यमंत्री को यह ड्रामा स्टेज करने को कहा.
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(2) पेड मीडिया के प्रायोजको ने पीएम को ऐसा करने के निर्देश दिए. पेड मीडिया के प्रायोजको ने प्रधानमंत्री को निर्देश दिए कि वे अफसरों से कहे कि – सीएम को शुक्रिया कहना कि मैं “जिन्दा” लौट रहा हूँ. साथ ही पीएम ने अफसरों को यह भी निर्देश दिए कि वे उनके जिन्दा लौटने वाली बात को मीडिया में भी लीक करें.
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(3) मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री दोनों को इस बारे में जानकारी नहीं थी, और वे भी घटनाक्रम को घटने हुए देख रहे थे. पेड मीडिया के प्रायोजक इतने ताकतवर है कि वे मुख्यमंत्री या प्रधानमन्त्री को सूचित किये बिना उनके अधीनस्थ प्रशासन को निर्देश भेजकर इस तरह की घटना को संचालित एवं नियंत्रित कर सकते है.
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पेड मीडिया के प्रायोजको ने मीडिया कर्मियों को “जिन्दा लौटने” वाले बयान को हैडलाइन बनाने के निर्देश दिए. और इस तरह बिना किसी जांच के इसे मुख्यमंत्री द्वारा प्रधानमंत्री के क़त्ल की साजिश की शक्ल दे दी गयी !!
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फिर पेड मीडिया के प्रायोजको ने आई टी सेल से ऐसा मेटेरियल सर्कुलेट करने को कहा जिसका आउटपुट यह निकलकर आये कि पंजाब, कोंग्रेस, सिक्ख, खालिस्तानी आदि भारत के प्रधानमंत्री की हत्या करने की साजिश कर रहे है. और इन्हें सबक सिखाना जरुरी है !! दरअसल, पेड मीडिया के प्रायोजक इत्मिनान कर रहे है कि यदि वे 1984 से भी अधिक हिंसक और बड़े पैमाने पर दंगे करवाना चाहते है तो क्या वे उतनी पकड़ बना चुके है.
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अभी ये ड्रामा ख़त्म हो गया है, या 2-3 दिनों में सोशल मीडिया पर विष वमन के बाद समाप्त हो जाएगा. लेकिन आने वाले समय में आप ऐसी ही किसी घटना के गवाह बनेंगे जिसमें ऐसी ही कोई घटना हिंसक दंगो की शुरुआत करेगी.
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पंजाब पेड मीडिया के निशाने पर है. वे पंजाब को तोडना चाहते है. यह घटना पंजाब एवं शेष भारत के बीच बन रही खाई को और चौड़ा करने के लिए प्लांट की गयी.
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