Pawan Jury BhilwaraRj
क्या स्वास्थ्य मंत्री एवं मिलावट रोक अधिकारी पर वोट वापसी आये बिना आप अपने स्वास्थ्य की रक्षा कर पायेंगे ?
.
नहीं !! ज्यादातर मामलो में आप ऐसा नहीं कर पायेंगे !!!
.
यदि आप स्वस्थ रहना चाहते है तो आपकी सबसे बड़ी बाधा फार्मा के क्षेत्र में काम करने वाली बहुराष्ट्रीय कम्पनियां है। यदि आप बीमार बने रहते है तो ज्यादा दवाइयां बिकती है और फार्मा कम्पनियों का मुनाफा बढ़ता है। तो आपको बीमार बनाने के लिए वे स्वास्थ्य मंत्री का इस्तेमाल करते है। और यदि स्वास्थ्य मंत्री आपको बीमार बनाए रखना चाहता है तो स्वास्थ्य मंत्री के पास इतनी ताकत है कि आप उससे पार नहीं पा पायेंगे।
.
कुछ उदाहरण :
.
(1) नारियल पीना स्वास्थ्यवर्धक है, किन्तु स्वास्थ्य मंत्री यह सुनिश्चित कर सकता है कि जब भी आप नारियल पानी पिए तो उसमें सल्फर भी हो !! और इस तरह आने वाले समय में आप नियमित रूप से नारियल पानी पीने की वजह से स्वास्थ्य खोने लगेंगे !! और इसी तरह केलो एवं अन्य फलों आदि को पकाने में टोक्सिन का इस्तेमाल बढ़ता चला जाएगा।
.
(2) बाजार में जितना भी पैकेज्ड एवं प्रोसेस्ड फ़ूड उपलब्ध है उनमें अनुमति से अधिक टोक्सिन एवं प्रिजर्वेटिव डाले जा रहे है। तो आप जब भी कोई पैकेज्ड फ़ूड खाते है, स्वास्थ्य मंत्री आपके शरीर में ये हानिकारक रसायन भेज देता है। स्वास्थ्य मंत्री गैजेट का इस्तेमाल करके यह सुनिश्चित कर सकता है इस जहर में आगे और भी इजाफा हो।
.
(3) स्वास्थ्य मंत्री यदि शक्कर पर सब्सिडी रद्द करने की अनुशंसा कर देता है तो शक्कर गुड़ एवं सल्फर रहित खांड की तुलना में महंगी हो जायेगी जिससे खांड एवं गुड़ का उपभोग बढेगा। किन्तु स्वास्थ्य मंत्री ने शक्कर रिफाइंड ऑइल एवं चावल की पोलिशिंग पर अनुदान जारी रखकर यह सुनिश्चित किया कि जब भी आप इनका सेवन करे तो आपके शरीर में जहरीले रसायन जाए।
.
(4) लगभग सभी खाद्य पदार्थो में मिलावट है, और स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर जिला मिलावट रोक अधिकारी त्योहारों के दौरान हफ्ता वसूलने एवं नागरिको में भय फैलाकर उन्हें ब्रांडेड पैकेज्ड फ़ूड की तरफ धकेलने के लिए कुछ लोगो की धर पकड़ करके मामले को निपटा देता है, ताकि मिलावट का धंधा जारी रहे।
.
(5) स्वास्थ्य मंत्री ने वैक्सीन लेने के बाद हुई मौतों के आंकड़ो को वर्गीकृत करके जारी नहीं किया। आंकड़ो के अभाव में यह स्थापित नहीं किया सकता कि
द्वितीय लहर वैक्सीन जनित थी, और ज्यादातर संभावना है कि कोरोना की तुलना में वैक्सीन ने ज्यादा लोगो को बीमार किया / और मारा है। इस तरह स्वास्थ्य मंत्री सुनिश्चित कर सकता है कि जब आप किसी रोग का उपचार लें तो अमुक उपचार रोग से भी अधिक हानिकर हो।
.
(6) लॉकडाउन की वजह से अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित लाखों लोगो को उपचार नहीं मिला और उनकी मृत्यु हुयी। असल में लॉकडाउन ने कोरोना की तुलना में ज्यादा लोगो को आर्थिक-मानसिक-शारीरिक रूप से बीमार बनाया। यदि स्वास्थ्य मंत्री लॉकडाउन न डालने की अनुशंषा करता तो लॉकडाउन से बचा जा सकता था।
.
(7) अमेरिका ने 2001 में क़ानून बनाया कि यदि किसी वस्तु में यदि कम से कम 95% ऑर्गेनिक उत्पादों का इस्तेमाल हुआ है तो ही विक्रेता अमुक पैकेट पर ऑर्गेनिक का लेबल लगा सकता है। और यदि किसी उत्पाद को बनाने में 100% ऑर्गेनिक वस्तुओ का प्रयोग हुआ है तो विक्रेता उस पर "100% ऑर्गेनिक" लिख सकता है।
.
उन्होंने उन रसायनो को सूचीबद्ध किया हुआ है जिनका इस्तेमाल ऑर्गेनिक उत्पादों में नहीं किया जा सकता। और इसका उलंघन करने पर आर्थिक दंड के साथ लाइसेंस निरस्तीकरण तक का प्रावधान है। इससे ऑर्गेनिक में इन-ऑर्गेनिक की मिलावट करने वालो के लिए कारोबार का रास्ता बंद हो जाता है।
.
अमेरिका में जब यह क़ानून आया तो भारत ने भी इस तरह का कानून बनाया, किन्तु यह सिर्फ कागजो तक सीमित है। स्वास्थ्य मंत्री ने यह सुनिश्चित किया है कि इस तरह के क़ानून को धरातल पर लागू न किया जाए ताकि आर्गेनिक में इन-ऑर्गेनिक की मिलावट जारी रहे। और इस वजह से जब भारत से कोई ऑर्गेनिक उत्पाद एक्सपोर्ट करते हो तो आपको अमेरिकन एजेंसी द्वारा जारी किये गए ऑर्गेनिक प्रमाण पत्र की जरूरत होती है।
.
सार यह है कि, स्वास्थ्य मंत्री के पास ऐसे दर्जनों तरीके है जिनके माध्यम से वह आपके एवं आपके परिवारिक सदस्यों के स्वास्थ्य को लगातार तोड़ रहा है, और आने वाले समय में वह आपके स्वास्थ्य को और भी तेजी से तोड़ेगा।
.
ऊपर दी गयी सभी समस्याएं आपको स्वास्थ्य मंत्री ने दी है। और उसने ऐसा इसीलिए किया है क्योंकि वही मंत्री बनने एवं मंत्री बने रहने के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मालिकों द्वारा संचालित पेड मिडिया पर बुरी तरह से निर्भर है। स्वास्थ्य मंत्री को मंत्री बनाने एवं मंत्री बनाए रखने में आपकी यानि आम नागरिको की कोई भूमिका नहीं है। और यह एक मात्र वजह है कि स्वास्थ्य मंत्री बहुराष्ट्रीय कम्पनियो को मुनाफा देने वाले कानून छापता है।
.
स्वास्थ्य मंत्री पर वोट वापसी क़ानून आने से बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मालिक स्वास्थ्य मंत्री को नियंत्रित करने के क्षमता खो देंगे और वह सीधे नागरिको द्वारा नियंत्रित होगा। और तब स्वास्थ्य मंत्री ऐसे क़ानून छापना शुरू करेगा जिससे आपके स्वास्थ्य में सुधार आये। यदि वह ऐसा नहीं करता है तो नागरिक वोट वापसी पासबुक का प्रयोग करके उसे बदल देंगे।
.
-----------
.
स्वास्थ्य मंत्री पर वोट वापसी लागू करवाने के लिए आप क्या कदम उठा सकते है ?
.
(i) आने वाली 5 तारीख को अपने राज्य के मुख्यमंत्री को एक खुला आदेश-पत्र भेजे। खुले आदेश पत्र के रूप में आप बुक पोस्ट, लेटर, अंतर्देशीय पत्र, या पोस्टकार्ड भी भेज सकते है।
.
आदेश पत्र में में यह लिखे : मुख्यमंत्री जी, आपके लिए निर्देश है कि स्वास्थ्य मंत्री पर वोट वापसी लागू करें - #VvpHealthMin
.
(ii) राजनैतिक दलों पर दबाव बनाने एवं कार्यकर्ताओ का ध्यान आकृष्ट करने के लिए चुनावो में भाग लेना सबसे महत्त्वपूर्ण है। अत: इस क़ानून की मांग आगे बढ़ाने के लिए इस मुद्दे पर अपने क्षेत्र से विधायक, सांसद, पार्षद, सरपंच आदि का चुनाव लड़े, या उन उम्मीदवारों को वोट करें जिन्होंने अपने एजेंडे में इस कानून को शामिल किया है।
.
-------------