> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2021-08-21

Pawan Jury BhilwaraRj

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री पर वोट वापसी लागू करने का प्रस्तावित क़ानून
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(Vote Vapsi over State Health Minister)
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इस कानून का सार : यह कानून राज्य के स्वास्थ्य मंत्री को वोट वापसी पासबुक के दायरे में लाने के लिए लिखा गया है। इस कानून को विधानसभा से पास करने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री इसे सीधे गेजेट में छाप सकते है। #RRP31 , #VvpHealthMin
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मौजूदा व्यवस्था में स्वास्थ्य मंत्री ऐसे कानून छापता है जिससे फार्मा एवं बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मालिको को मुनाफा और आम नागरिको को नुकसान हो। जैसा आपने देखा कि कोरोना काल में विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियो ने औचक लॉकडाउन, अनिवार्य मास्क एवं अनिवार्य टीकाकरण जैसे कई गलत कानूनो की सिफारिश की और नागरिको को आर्थिक-मानसिक-शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
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इस कानून के लागू होने के बाद स्वास्थ्य मंत्री सीधे राज्य के मतदाताओ के नियंत्रण में आ जायेगा। तब यदि स्वास्थ्य मंत्री नागरिको के स्वास्थ्य को नुकसान देने वाले क़ानून लागू करता है तो राज्य के मतदाता वोट वापसी पासबुक का प्रयोग करके उसे किसी भी समय बदल सकेंगे। निकाले जाने का यह भय स्वास्थ्य मंत्री के व्यवहार में परिवर्तन लाएगा और वह जनहित में फैसले लेना शुरू करेगा।
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यदि आप इस क़ानून का समर्थन करते है तो मुख्यमंत्री को एक खुला निर्देश पत्र (Order via Open Letter) भेजे।
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निर्देश पत्र में यह लिखे : “मुख्यमंत्री जी, स्वास्थ्य मंत्री को वोट वापसी पासबुक के दायरे में लाने के आदेश जारी करें - #VvpHealthMin
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-------क़ानून ड्राफ्ट का प्रारम्भ-------
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टिप्पणियाँ इस क़ानून का हिस्सा नहीं है। नागरिक एवं अधिकारी टिप्पणियों का इस्तेमाल दिशा निर्देशों के लिए कर सकते है।
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(01) इस क़ानून के गेजेट में छपने के 30 दिनों के भीतर प्रत्येक मतदाता को एक वोट वापसी पासबुक मिलेगी। तब यदि आप अपने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री के काम-काज से संतुष्ट नहीं है, और उसे निकालकर किसी अन्य व्यक्ति को स्वास्थ्य मंत्री बनाना चाहते है तो पटवारी कार्यालय में स्वीकृति के रूप में अपनी हाँ दर्ज करवा सकते है। आप अपनी हाँ SMS, ATM या मोबाईल APP से भी दर्ज करवा सकेंगे। आप किसी भी दिन अपनी स्वीकृति दे सकते है, या इसे रद्द कर सकते है। स्वीकृति की एंट्री वोट वापसी पासबुक में आएगी। यह स्वीकृति आपका वोट नही है। बल्कि यह एक सुझाव है ।
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(02) स्वास्थ्य मंत्री बनने के इच्छुक व्यक्तियों द्वारा आवेदन करना :
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30 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी नागरिक यदि अपने राज्य का स्वास्थ्य मंत्री बनना चाहता है तो वह कलेक्टर के सामने स्वयं या किसी वकील के माध्यम से एक ऐफिडेविट प्रस्तुत कर सकता है। कलेक्टर सांसद के चुनाव में जमा की जाने वाली राशि के बराबर शुल्क‍ लेकर स्वास्थ्य मंत्री पद के लिए उसका आवेदन स्वीकार कर लेगा, और एफिडेविट को स्कैन करके मुख्यमंत्री की वेबसाईट पर रखेगा।
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(03) मतदाताओ द्वारा स्वीकृति दर्ज करना :
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(3.1) कोई भी नागरिक किसी भी दिन अपनी वोट वापसी पासबुक या मतदाता पहचान पत्र के साथ पटवारी कार्यालय में जाकर स्वास्थ्य मंत्री पद के किसी भी प्रत्याशी के समर्थन में अपनी हाँ दर्ज करवा सकेगा। पटवारी अपने कम्प्यूटर एवं वोट वापसी पासबुक में मतदाता की हाँ को दर्ज करके रसीद देगा। पटवारी मतदाताओं की हाँ को प्रत्याशीयों के नाम एवं मतदाता की पहचान-पत्र संख्या के साथ जिले की वेबसाईट पर भी सार्वजनिक करेगा। मतदाता मंत्री पद के प्रत्याशीयों में से अपनी पसंद के अधिकतम 5 व्यक्तियों को स्वीकृत कर सकता है।
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(3.2) स्वीकृति ( हाँ ) दर्ज करने के लिए मतदाता 3 रूपये फ़ीस देगा। BPL कार्ड धारक के लिए फ़ीस 1 रुपया होगी
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(3.3) यदि कोई मतदाता अपनी स्वीकृती रद्द करवाने आता है तो पटवारी एक या अधिक नामों को बिना कोई फ़ीस लिए रद्द कर देगा ।
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(3.4) प्रत्येक सोमवार को महीने की 5 तारीख को, कलेक्टर पिछले महीने के अंतिम दिन तक प्राप्त प्रत्येक प्रत्याशियों को मिली स्वीकृतियों की गिनती प्रकाशित करेगा। पटवारी अपने क्षेत्र की स्वीकृतियो का यह प्रदर्शन प्रत्येक सोमवार को करेगा।
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[ टिपण्णी1 : कलेक्टर ऐसा सिस्टम बना सकते है कि मतदाता अपनी स्वीकृति SMS, ATM एवं मोबाईल एप द्वारा दर्ज करवा सके।
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रेंज वोटिंग - मुख्यमंत्री ऐसा सिस्टम बना सकते है कि मतदाता किसी प्रत्याशी को -100 से 100 के बीच अंक दे सके। यदि मतदाता सिर्फ हाँ दर्ज करता है तो इसे 100 अंको के बराबर माना जाएगा। यदि मतदाता अपनी स्वीकृति दर्ज नही करता तो इसे शून्य अंक माना जाएगा । किन्तु यदि मतदाता अंक देता है तब उसके द्वारा दिए अंक ही मान्य होंगे। रेंज वोटिंग की ये प्रक्रिया स्वीकृति प्रणाली से बेहतर है, और ऐरो की व्यर्थ असम्भाव्यता प्रमेय ( Arrow’s Useless Impossibility Theorem ) से प्रतिरक्षा प्रदान करती है।]
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(04) स्वास्थ्य मंत्री की नियुक्ति एवं निष्कासन : यदि स्वास्थ्य मंत्री पद के किसी प्रत्याशी को राज्य की मतदाता सूची में दर्ज कुल मतदाताओ (कुल मतदाता, न कि केवल वे जिन्होंने स्वीकृति दर्ज की है) के 25% मतदाताओ की स्वीकृतियां प्राप्त हो जाती है, और यदि यह स्वीकृतियां पदासीन स्वास्थ्य मंत्री से 1% अधिक भी है, तो मुख्यमंत्री मौजूदा स्वास्थ्य मंत्री को निकाल कर सबसे अधिक स्वीकृति पाने वाले व्यक्ति को स्वास्थ्य मंत्री नियुक्त कर सकते है।
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[ टिपण्णी 2 : यदि सबसे अधिक स्वीकृति प्राप्त करने वाला व्यक्ति मौजूदा विधानसभा / विधान परिषद् का सदस्य नहीं है तो अमुक व्यक्ति मंत्री बनने के बाद आगामी 6 माह में होने वाले किसी भी चुनाव या उपचुनाव में विधायक का चुनाव लड़ कर विधायक बन सकता है]
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(05) जनता की आवाज :
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(5.1) यदि कोई मतदाता इस कानून में कोई परिवर्तन चाहता है तो वह कलेक्टर कार्यालय में एक एफिडेविट जमा करवा सकेगा। जिला कलेक्टर 20 रूपए प्रति पृष्ठ की दर से शुल्क लेकर एफिडेविट को मतदाता के वोटर आई.डी नंबर के साथ मुख्यमंत्री की वेबसाइट पर स्कैन करके रखेगा।
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(5.2) यदि कोई मतदाता धारा (5.1) के तहत प्रस्तुत किसी एफिडेविट पर अपना समर्थन दर्ज कराना चाहे तो वह पटवारी कार्यालय में 3 रूपए का शुल्क देकर अपनी हां / ना दर्ज करवा सकता है। पटवारी इसे दर्ज करेगा और हाँ / ना को मतदाता के वोटर आई.डी. नम्बर के साथ मुख्यमंत्री की वेबसाईट पर सार्वजनिक करेगा।
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