> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2020-12-20

Pawan Jury BhilwaraRj

किसान यदि तीनो क़ानून रद्द करवा भी देते है (जिसकी सम्भावना बेहद कम है) तो भी 2-4 साल बाद घूमा फिर कर कुछ संशोधनो के साथ वे ये कानून फिर से डाल देंगे। और किसानो को फिर से इतना लाव लश्कर लेकर आना पड़ेगा, जिसकी सम्भावना भी बेहद कम है !!
.
(a) यदि किसान चाहते है कि सरकार तीनो कृषि कानून रद्द करे तो सबसे आसान तरीका यह है कि आन्दोलन कारी तुरंत प्रभाव से एक राजनैतिक पार्टी रजिस्टर्ड कराएं। जैसे ही वे पार्टी बनाने की घोषणा करेंगे वैसे ही सभी राजनैतिक दलों में हलचल मच जायेगी, और उनकी मांगे मानने की सम्भावना बढ़ जायेगी !!
.
(b) स्थायी समाधान कृषि मंत्री, मुख्यमंत्री एवं मंडी अध्यक्ष को वोट वापसी पासबुक एवं जूरी ट्रायल के दायरे में लाना है। अत: आन्दोलन कारियों को वोट वापसी पासबुक की मांग अपने एजेंडे में शामिल करनी चाहिए !! क्योंकि रोकेफेलर, रोथ्स्चैल्ड एवं उनके एजेंटो (टाटा, अम्बानी, अडानी) की गाड़ी रुकने वाली नहीं है
.
----------
.
(1) कैसे 3 नए कृषि क़ानून किसानों के साथ साथ उपभोक्ताओं को भी बर्बाद कर सकते हैं ?
.
ये कृषि क़ानून RRGBE (RRGBE=रोकेफेलर, रोथ्स्चाइल्ड़, जॉर्ज सोरोस, बिल गेट्स इत्यादि, लगभग 2000 अमेरिकी-ब्रिटिश हथियार निर्माता, अभिजात वर्ग) एवं उनके एजेंटो जैसे TaBiAmAd (टाटा, बिरला, अंबानी, अडानी एवं लगभग 200 भारतीय औद्योगिक घरानों) को असीमित अनाज दालें एवं अन्य खाद्य जिंसों की जमाखोरी के लिए बैंक के पैसे का उपयोग करने में सक्षम करेगा।
.
इन कृषि कानूनों के आने के बाद RRGBE एवं उनके एजेंट (TaBiAmAd) खाद्य जिंसों की कृत्रिम कमी पैदा करके उपभोक्ताओं को ऊँची कीमते चुकाने के लिए मजबूर कर सकते है। जब फसल आएगी तो RRGBE & TaBiAmAd अपना जमा किया हुआ अनाज बहुत कम कीमतों पर बेचना शुरू कर सकते है, जिससे कीमतों में फौरी तौर पर काफी गिरावट आएगी, और तब किसानों को अपनी फसल कम कीमतों पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
.
इस तरह वे कीमतें गिराकर किसानो से कम दाम में फसलें खरीद लेंगे और फिर अगले चरण में वे उपभोक्ताओं से दोगुने दाम वसूल करेंगे !! दूसरे शब्दों में, कृषि कानूनों में असीमित जिंसे जमा करने की धारा यह सुनिश्चित करती है कि किसान एवं उपभोक्ता दोनों RRGBE एवं उनके एजेंटो TaBiAmAd की दया पर रहेंगे !! समाधान यह है कि, अमुक तीनो कृषि क़ानून रद्द किये जाए, कृषि में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को तत्काल प्रभाव से रोका जाए एवं बैंकिंग नियमो को संशोधित किया जाए।
.
(2) कैसे वोट वापसी किसानों की आय बढ़ाती है और उपभोक्ता को भी लाभ पहुंचाती है ?
.
अक्सर किसानों को टमाटर, आलू, प्याज आदि के लिए 3 से 5 रू प्रति किलो का भाव मिलता है, लेकिन आम तौर पर शहर में थोक कीमतें 30 रू प्रति किलो है !! परिवहन लागत सिर्फ कुछ रुपये प्रति किलोग्राम होने के बावजूद कीमतों में इतना बड़ा अंतर क्यों है ?
.
कीमतों के इस अंतर में दो कारक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है :
.
(2.1) मंडी अध्यक्ष अनुज्ञाधारी खरीदारों के साथ सांठगांठ बनाकर रखता है, अत: मंडी अध्यक्ष उन खरीदारों को मंडी में अनुमति नहीं देता जो किसानो को अधिक मूल्य की पेशकश करना चाहते है। वोट वापसी प्रक्रिया मंडी अध्यक्ष को उन खरीदारों को अनुमति देने के लिए बाध्य करेगी जो किसानो को मंडी में ऊँची कीमतों की पेशकश कर रहे है। इससे मंडी में खरीदारों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, और ज्यादा विकल्प सामने आने से किसानों को मंडी में उचित दाम मिलने लगेंगे।
.
(2.2) दूसरा कारक है, पुलिसिया भ्रष्टाचार !! जब टमाटर, आलू आदि जैसे प्रमुख खाद्य पदार्थ लेकर बड़े ट्रक शहर मंऔ प्रवेश करते है, और यदि ट्रक का मालिक अम्बानी-अडानी है तो पुलिसकर्मी ट्रक को नहीं रोकेंगे। लेकिन अगर ट्रक किसी कम रसूख वाले व्यक्ति का है, तो पुलिसकर्मी कोरोना परीक्षणों जैसे झूठे बहाने बनाकर या अन्य किसी कागजी खानापूर्ति का हवाला देकर ट्रक को रोक देते है।
.
इस तरह अम्बानी-अडानी बिचौलियों के तौर पर मोटा मुनाफा बनाने में सफल हो जाते है। पुलिसकर्मी मुख्यमंत्री के अधीन है, और पुलिसकर्मी इस तरह की धांधली मुख्यमंत्री के अनुमति / आदेश से ही करते है।
.
यदि मुख्यमंत्री को वोट वापसी पासबुक के दायरे में कर दिया जाए सीएम पुलिस कर्मियों का दुरुपयोग करने की क्षमता खो देंगे। इससे मंडी के खरीदार पूरे भारत के थोक बाजारों में अपना माल भेजकर बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकेंगे और इसलिए वे मंडी में किसानो को भी ऊँची कीमतों की पेशकश कर पायेंगे। थोक बाजार में ज्यादा विक्रेताओ के आने से थोक बाजार की कीमतों में कमी आएगी और उपभोक्ता को भी कम दाम चुकाने होंगे।
.
इस प्रकार मुख्यमंत्री एवं मंडी अध्यक्ष पर वोट वापसी इस समस्या का समुचित ढंग से समाधान करता है।
.
किसान आन्दोलन के लिए वोट वापसी पासबुक का पीडीऍफ़ यहाँ से डाउनलोड करें -- tinyurl .com/VvpFarmer
.
-----------