Pawan Jury BhilwaraRj
सिक्खों ने 1923 में कृपाण दा मोर्चा आन्दोलन चलाकर शस्त्र रखने का अधिकार ले लिया था। और उन्होंने 1925 में फिर गोरो को SGPC एक्ट लागू करने के लिए भी बाध्य किया !!
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शस्त्र रखने का अधिकार एवं गुरूद्वारो का प्रबंधन - ये दो बड़ी वजहें है कि अभी तक सरकार ने बल प्रयोग में नंगई नहीं दिखाई है। शक्ति संतुलन से हिंसा की सम्भावना घटती है, और दोनों पक्ष संयम बरतते है।
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धर्म की आवश्यकता क्यों है ?
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धर्म की आवश्यकता हो या न हो किन्तु हमें धार्मिक संस्थाओं की जरूरत हर काल में रही है।
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(i) धर्म - प्रवचन, ज्ञान, दर्शन, मीमांसा, नैतिक उपदेश आदि धर्म है, जिसमें आध्यात्मिक तत्व है, भौतिक नहीं। कौन धर्म बचेगा और कौन नष्ट हो जायेगा इसमें इस प्रकार के धार्मिक ज्ञान की भूमिका लगभग शून्य नहीं बल्कि एकदम शून्य होती है !!
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(ii) धार्मिक संस्थाएं : संस्थाएं भौतिक है। यदि किसी धर्म की संस्थाओ का प्रशासन मजबूत है तो अमुक धर्म की संस्थाएं ताकतवर हो जाती है। और यही संस्थाएं आपत्तिकाल में अमुक धर्म के अनुयायियों को आश्रय प्रदान करती है।
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जब भी आपका सामना सरकार नामक संस्था से हो तो संघर्ष में टिके रहने के लिए आपको किसी ताकतवर संस्था की जरूरत होती है। और पिछले 10,000 वर्षो से धर्म एक मात्र संस्था रही है जो इतनी ताकतवर होती है कि राजा / सरकार / दुश्मन देश की सेना आदि से आपकी रक्षा कर सके !!
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हिन्दू धर्म की संस्थाओ का निरंतर क्षरण होने के कारण हिन्दू धर्म लगातार सिकुड़ रहा है। प्रस्तावित #HinduBoard क़ानून के गेजेट में आने से हिन्दू धर्म की संस्थाओ का प्रशासन मजबूत होना शुरू होगा और हिन्दू धर्म के सिकुड़ने की प्रक्रिया रूक जाएगी।
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हिन्दू बोर्ड का प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट यहाँ देखें - facebook.com/pawan.jury/posts/2241776019273955
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