Pawan Jury BhilwaraRj
RSS समर्थित हरियाणा सरकार ने राईट टू रिकॉल सरपंच नामक जो क़ानून लागू किया है, उसमें मतदाताओं के पास सिर्फ नकारने की प्रक्रिया है। सिर्फ नकारने की प्रक्रिया होने के कारण जब किसी ग्राम पंचायत के मतदाता सरपंच को रिकॉल करेंगे तो सरपंच की कुर्सी खाली हो जायेगी और यह कुर्सी तब तक खाली रहेगी जब तक राज्य में पंचायत चुनाव नहीं आते !! और जब तक आगामी चुनाव नहीं होंगे तब तक अमुक पंचायत जिला कलेक्टर (सरकार) के अधिकार में चली जायेगी !!
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नकारात्मक (Negative) प्रक्रिया होने के कारण इससे अस्थिरता बढ़ेगी, एवं प्रशासन और भी बदतर हो जाएगा। इस क़ानून के कारण प्रशासन में बहुत बुरे बदलाव आयेंगे और नागरिक राईट टू रिकॉल कानूनों को बुरी नजर से देखने लगेंगे।
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तो राईट टू रिकॉल आन्दोलन को तोड़ने के लिए पेड मीडिया की मेहनत बढ़ती जा रही है !!
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राईट टू रिकॉल पार्टी द्वारा प्रस्तावित वोट वापसी सरपंच के कानून में सकारात्मक प्रक्रिया है। हमारे द्वारा प्रस्तावित क़ानून वोट वापसी पासबुक पर आधारित है, और इसमें सरपंच तब तक निष्काषित नहीं किया जाएगा जब तक मतदाताओ का बहुमत किसी अन्य व्यक्ति को सरपंच के रूप में चुन न ले। इस तरह RRP द्वारा प्रस्तावित क़ानून प्रशासन में अस्थिरता नहीं लाएगा, बल्कि सुधार लाएगा।
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#OpooseRssRtrSarpanch , #SupportRrpVvpSarpanch ,
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#VoteVapsiPassbook
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