> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2020-11-02

Pawan Jury BhilwaraRj

जागरूक करने का अपना मजा है। बिना यह जाने कि किसे किस विषय पर जागरूक करना है, आप सोच भर लीजिये कि - जागरूक करना है, और मन उल्लास से भर जाता है !!
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लोगो को जागरूक करना, जागरूक होने का सबसे आसान तरीका है। जैसे ही आप किसी को जागरूक करने की दिशा में कदम उठाते हो वैसे ही अगले मिनिट आप जागरूक हो जाते हो। इस तरह जागरूक करना द्विदिश प्रक्रिया है।
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जागरूक होने और न होने के बीच काफी महीन रेखा है। जब आप खुद को जागरूक मानते हुए किसी दूसरे को जागरूक कर रहे होते है तभी कोई तीसरा आकर आपको जागरूक करना शुरू कर देता है, मतलब वह आपको जता देता है कि - आप जागरूक नहीं हो !! और फिर आपको अपनी जागरूकता सिद्ध करने और भरपाई करने के लिए किसी चौथे को जागरूक करना पड़ता है, जो कि पहले से ही खुद को जागरूक मानकर चल रहा है।
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इस तरह जागरूक होना एक अनवरत चलने वाली प्रक्रिया है, जहाँ सभी जागरूक लोग जागरूक लोगो को अ-जागरूक मानकर चलते हुए जागरूक कर रहे है और उल्लासित हो रहे है !!
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सार यह है कि , आप किसी को सूचित तो कर सकते है किंतु जागरूक नही कर सकते। क्योंकि “जागरूक करने” का पाठ्यक्रम (Syllabus) अंतहीन (Round Tripping) है।
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(नोट : यह पोस्ट जागरूक करने के लिए नहीं है, सूचित करने के लिए है !!)
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