> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2020-09-06

Pawan Jury BhilwaraRj

डॉ तरुण जी कोठारी और डॉ विलास जी जगदाले "अब" पोस्टकार्ड कैम्पेन का समर्थन कर रहे है !!
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4 मिनिट का यह वीडियो देखें -- <https://www.facebook.com/amit.s.upadhyay.16/videos/3712275555467759/>;
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वीडियो में डॉ तरुण जी कोठारी एवं डॉ विलास जी जगदाले इस बिंदु पर डिस्कस कर रहे है कि लॉकडाउन खत्म करने के लिए पोस्टकार्ड भेजना शुरू करना चाहिए !!
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(1) यह खुली हुई बात है कि, ये दोनों महोदय शुरु से ही पोस्टकार्ड केम्पेन के खिलाफ रहे है, और इसीलिए न तो इन्होने कभी पीएम / सीएम को लॉकडाउन ख़त्म करने के लिए पोस्टकार्ड लिखा और न ही इन्होने अपने दर्शको को कभी पीएम को पोस्टकार्ड भेजने के निर्देश दिए।
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हम रिकालिस्ट्स पिछले 4 महीनो से लगातार नागरिको से अपील कर रहे है कि, उन्हें पीएम को लॉकडाउन ख़त्म करने के लिए पोस्टकार्ड भेजना शुरू करना चाहिए। और जब यह मांग काफी आगे बढ़ गयी और ये अपने समर्थको के सामने एक्सपोज होने लगे तो इन्हें पोस्टकार्ड भेजने का समर्थन करने के लिए बाध्य होना पड़ा !!
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मेरा मानना है कि, यदि इन्होने अपने समर्थको को वैक्सीन आदि षड्यंत्रों पर डिबेट करने में न उलझा लिया होता और यदि ये अपने दर्शको को यह स्पष्ट निर्देश देते कि -- उन्हें लॉकडाउन पूर्णतया समाप्त करने के लिए पीएम को पोस्टकार्ड / भेजना शुरू करना चाहिए तो शायद लॉकडाउन काफी पहले समाप्त हो गया होता, या कम से कम लॉकडाउन समाप्त होने की सम्भावना काफी बढ़ जाती। और इससे भारत के लाखों करोड़ो लोग उस नुकसान से बच जाते जो नुकसान उन्हें लॉकडाउन की वजह से उठाना पड़ा है !!
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(2) डॉ तरुण जी कोठारी और डॉ विलास जी जगदाले पिछले कई महीनो से पीएम को पोस्टकार्ड भेजने का विरोध क्यों कर रहे थे ?
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(2.1) असल में, पोस्टकार्ड भेजने का तरीका ऐसा है कि पोस्टबॉक्स पर नेता एवं नागरिक के बीच का अंतर लुप्त हो जाता है। पोस्टकार्ड भेजने के लिए किसी अतिरिक्त स्किल, विशेषज्ञता, एप्रोच आदि की जरूरत नहीं पड़ती। सिर्फ 50 पैसे में पोस्टकार्ड खरीद कर कोई भी व्यक्ति हेश टेग लिखकर इसे डिब्बे में गिरा सकता है।
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यदि नेता पोस्टकार्ड डालने आएगा तो कार्यकर्ता एवं नागरिक सोचेंगे कि -- अरे यह तो मैं भी कर सकता हूँ। और फिर उसे नेता की जररूत नहीं रह जायेगी।
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अत: यह देखने में आया है कि, लीड करने की इच्छा रखने वाले बहुधा कार्यकर्ता / नेता पोस्टकार्ड केम्पेन का समर्थन नहीं करते !! बल्कि वे ऐसे तरीके को तरजीह देते है जिस तरीके से आन्दोलन को आगे बढ़ाने में उनकी जरूरत पड़े, और समर्थक उनसे चिपके रहे।
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(2.2) यदि ये नागरिको को पीएम / सीएम के पीछे जाने को कहेंगे तो इन्हें बीजेपी-कोंग्रेस-आम आदमी पार्टी के नेताओं एवं उनके अंधभक्तो के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। अत: अपने आप बचाए रखने के लिए ये विरोध के ऐसे तरीके का इस्तेमाल करते है ताकि बीजेपी-कोंग्रेस-आम आदमी पार्टी के नेताओं को सेफ एग्जिट दिया जा सके।
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ये दोनों महोदय पहले दिन से यह बात जानते थे कि असली मुद्दा कोरोना / मास्क / वैक्सीन आदि नहीं बल्कि लॉकडाउन है, और नागरिको को लॉकडाउन इसीलिए झेलना पड़ रहा है क्योंकि पीएम एवं सभी 28 राज्यों के सीएम लॉकडाउन के समर्थन में है !! किन्तु इन्होने नेताओं से अपने गठजोड़ के अवसरों को बचाए रखने के लिए लॉकडाउन को मुद्दा नही बनने दिया और कार्यकर्ताओ को उलझाए रखने के लिए कोरोना/ वैक्सीन आदि का इस्तेमाल किया !!
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(3) देर आयद पर दुरुस्त नहीं !!
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जैसा कि वीडियो में नजर आ रहा है , डॉ तरुण जी कोठारी और डॉ विलास जी जगदाले ने अपने दर्शको को पोस्टकार्ड भेजने के लिए स्पष्ट रूप रेखा नहीं दी है। उन्होंने अपने 20 मिनिट लम्बे वीडियो के अंत में इसे कुछ इस तरह डिस्कस किया कि, जो व्यक्ति पोस्टकार्ड डालने के आमादा है, वह ही पोस्टकार्ड डालने के बारे में विचार करेगा, वर्ना नहीं !!
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(3.1) उन्होंने इस बात को मुख्यतया रेखांकित नहीं किया है कि, नागरिको को लॉकडाउन समाप्त करने के लिए पीएम पोस्टकार्ड भेजना शुरू कर देना चाहिए।
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(3.2) उन्होंने EndLockdown हेश का उच्चारण किया है, EndLockdownTottaly का नहीं। जहाँ तक लॉकडाउन समाप्त करने की बात है लॉकडाउन की समाप्ति तो 2 महीने पहले ही शुरु हो चुकी है !! और पीएम / सीएम लॉकडाउन को धीरे धीरे खोलने में अगले 4 महीने का टाइम पास कर देने वाले है !!
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अत: हमने काफी पहले से ही #EndLockdownकी जगह #EndLockdownTottaly का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था। और वे अब भी सिर्फ EndLockdown हेश टेग की बात कर रहे है !! मेरे विचार में EndLockdown हेश का इस्तेमाल करना अब व्यर्थ है, और इसके कोई मायने नहीं है !!
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(3.3) उन्होंने अपने दर्शको को यह सूचना नहीं दी है कि, पोस्टकार्ड की फोटोकॉपी करवाकर इसे अपने पास रखना आवश्यक है। जबकि उन्हें इस बात की जानकारी है कि यदि नागरिक फोटोकॉपी अपने पास नहीं रखेंगे तो पोस्टकार्ड भेजना नहीं भेजना बराबर है !!
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तो मुझे नहीं लगता कि, डॉ तरुण जी कोठारी और डॉ विलास जी जगदाले का यह प्रयास सही दिशा में है। वे सिर्फ 2 अक्टूबर को पोस्टकार्ड भेजने की बात कर रहे है। किन्तु उन्होंने अपने समर्थको से यह नहीं कहा कि वे तुरंत पोस्टकार्ड भेजना शुरू करे और 2 अक्टूबर को भी फिर से भेजें।
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हम प्रत्येक महीने की 5 तारीख को 5 बजे पोस्टकार्ड भेजने का कैम्पेन चलाते है किन्तु लॉकडाउन जैसे इमरजेंसी मामले के लिए हम नागरिको से कहते है कि -- लॉकडाउन का पोस्टकार्ड आप किसी भी तारीख को भेज सकते है। किन्तु तब भी 5 तारीख को यह पोस्टकार्ड पुन: भेजे। क्योंकि यदि हम लॉकडाउन जैसे मसले के लिए 1 महिना इंतजार करेंगे तो जिस नागरिक को इस बारे में 6 तारीख को सूचना मिली है, उसे 1 महीने का इंतजार करना होगा !! और इस तरह एक महीने का टाइम पास हो जायेगा।
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तो हमारे विचार में 2 अक्टूबर तक इन्तजार करने की कोई तुक नहीं !! नागरिको को तुरंत लॉकडाउन को पूर्णतया समाप्त करने के लिए पोस्टकार्ड भेजना शुरू करना चाहिए। और फिर उनके समर्थक 2 अक्टूबर को भी फिर से पोस्टकार्ड भेज सकते है।
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Amit Upadhyay RrpMhulhasnagar MhUlhasnagar:

।। श्री राम समर्थ ।।

राइट टू रिकॉल पार्टी

डॉ तरुण कोठारी और डॉ विलास जगदाले की
" मन की बात " , मुझे समझ में नहीं आता यह डॉक्टर सरकार से मिले हुए हैं या विश्व स्वास्थ्य संगठन से जो चीज सबको पता है कि कोरोनावायरस बिल्कुल भी घातक नहीं है और इससे कोई खास मौतें नहीं हुई है उसे ही बार-बार कोसते रहते हैं , लॉकडाउन के विषय में इनके विचार बड़े कमजोर हैं।

और अब जब " संपूर्ण लॉकडाउन समाप्ति " के लिए पूरे देश में मांग उठ रही है तो यह उसे काट कर छोटा करने में लगे हैं और मात्र " लॉकडाउन समाप्ति " पर रोक रहे हैं ? लॉकडाउन समाप्ति तो शुरू ही हुई है तो आप क्या मांग रहे हैं ? व्यवस्था परिवर्तन को लेकर इनके पास कोई कानून नहीं ?

यह स्पष्ट समझ में आ रहा है कि लॉकडाउन घातक है और उसे समाप्त करने के लिए मार्च से ही राइट टू रिकॉल पार्टी द्वारा पोस्टकार्ड अभियान चलाया गया। उसमें hashtag #EndLockDownTotally है और संपूर्णता लॉकडाउन समाप्ति की मांग पार्टी द्वारा और देश के कई कार्यकर्ताओं द्वारा रखी गई।जबकि यहां पर डॉक्टर जगदाले यह स्पष्ट रूप से कहते आ रहे हैं कि
# Endlockdown ही मात्र होना चाहिए।

तो स्पष्ट रूप से यह एक समांतर नकली आंदोलन खड़ा करना चाह रहे हैं संपूर्ण लॉकडाउन समाप्ति के सामने। जिसमें राजीव वादियों और अन्य कार्यकर्ताओं की समय ऊर्जा नष्ट किया जाएगा और लॉकडाउन को लंबा खींचा जा सके।

जिन भी यह 2 अक्टूबर का चुन रहे हैं और इनके गुरु भी मोहन गांधी हैं जो देश के स्पष्ट रूप से बहुत बड़े गद्दार हो चुके हैं। जब भगत सिंह ने संपूर्ण आजादी की क्रांति फैलाई थी तो उसी समय मोहन गांधी ने डुप्लीकेट नमक का आंदोलन खड़ा किया था यह अपने गुरु की बात को पूरी तरह मानते हुए उसी तरह के काम में लग गए हैं।

पर वैक्सीनेशन 5G इत्यादि के नाम पर राजीव वादियों और अन्य को मूर्ख बनाने का काम करने वाले डॉ विश्वरूप राय चौधरी डॉक्टर तरुण कोठारी और अब महाराष्ट्र से नए ड्रामेबाज डॉक्टर विलास जगदाले जुड़े हैं। डॉक्टर जगदाले से तो मैंने स्वयं कई बार संपूर्ण व्यवस्था परिवर्तन के लिए राइट टू रिकॉल के कानूनों पर बातचीत की पर यह हमेशा बात टालते चले आए।

अब यह 2 अक्टूबर से नकली आंदोलन खड़ा करना चाहते हैं जिसमें जनता को मूर्ख बनाकर उनका गुस्सा ठंडा किया जाएगा। अभी तक इस बात को लेकर मैं स्पष्ट नहीं हूं कि यह मोदी के आदमी हैं या अरविंद केजरीवाल के या फिर सीधे-सीधे यह विदेशियों से तार जोड़ने के पीछे लगे हुए हैं। पर यह निश्चित है कि यह देश के लिए काम नहीं कर रहे और आम जनता और राजीव वादियों को बरगला रहे हैं। यह नकली है, इनका आंदोलन नकली है उनके मुद्दे नकली हैं इनका नेता उनके गुरु गांधी हैं ।

डॉ विश्वरूप राय चौधरी के बारे में तो कोई संदेह नहीं है कि उन्हें खड़ा किया गया है और लॉकडाउन इतना लंबा चल सके उसे मास्क वैक्सीन और 5G के नाम पर खींचा जा सके, डॉक्टर साहब खींचते रहेंगे।

डॉक्टर जगदाले एक तरफ तो कह रहे हैं कि हमें कोई मीडिया सपोर्ट नहीं करेगा और मुंबई में अंतरराष्ट्रीय मीडिया की प्रतीक्षा कर रहे हैं कहां से आएगा और क्यों आएगा अंतरराष्ट्रीय मीडिया इस मामले में ? क्या संबंध है विदेशियों से ? आज तक राइट टू रिकॉल मूवमेंट और राजीव भाई के लिए तो कोई भी देश इंडिया नहीं आया।

एक तरफ कह रहे हैं कि मीडिया सारा उनके हाथ में है यानी Rockefeller और Rothschild के और दूसरा पर उसी के द्वारा अपनी बात लोगों तक पहुंचाना चाह रहे हैं। एक समय आएगा कि इन्हें निश्चित ही मेंस्ट्रीम मीडिया की भी सहायता मिलेगी।