> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2020-08-27

Pawan Jury BhilwaraRj

हरियाणा सरकार राईट टू रिकॉल के नाम पर नागरिको के साथ छल कर सकती है !!
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हम रिकालिस्ट्स पिछले 20 सालों से सरकार से राईट टू रिकॉल का क़ानून लागू करने के लिए कह रहे है। हमने इसका ड्राफ्ट लिखकर सरकारों को हजारों बार सैकड़ो तरीको से भेजा है, राईट टू रिकॉल ड्राफ्ट्स के लाखों पर्चे नागरिको में बाँटें है, और राइट टू रिकॉल के क़ानून ड्राफ्ट्स पर चुनाव लड़े है।
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2 दशको के निरंतर प्रयासों से सरकार पर दबाव बना और अब वे नागरिको को भ्रमित करने के लिए एक छद्म राईट टू रिकॉल लाने का मंसूबा बना रहे है !!
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मिडिया रिपोर्ट्स से यह जानकारी मिल रही है कि सरकार विधानसभा में जो ड्राफ्ट रखने वाली है, उसमें उन्होंने "राईट टू रिकॉल सरपंच" के ड्राफ्ट में वोट वापसी पासबुक एवं स्वीकृति दर्ज करने के सिस्टम को शामिल नहीं किया है !!
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मतलब हरियाणा सरकार जो राईट टू रिकॉल क़ानून लागू कर रही है, उसके लागू होने के बाद भी न तो हरियाणा के प्रत्येक मतदाता को वोट वापसी पासबुक मिलेगी, और न ही मतदाता पटवारी कार्यालय में जाकर किसी भी दिन अपनी स्वीकृति दर्ज / रद्द करवा सकेंगे !!
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साफ़ नजर आ रहा है कि, हरियाणा सरकार की मंशा ठीक नहीं है। वे नागरिको को बुत्ता देने के लिए राईट टू रिकॉल सरपंच का ऐसा ड्राफ्ट लागू करने की कोशिश कर रहे है जिससे नागरिको में यह धारणा खड़ी की जा सके कि :
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(a) राईट टू रिकॉल अस्थिरता लाता है
(b) राईट टू रिकॉल से प्रशासन में कोई अच्छे बदलाव नहीं आते।
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अभी तक हरियाणा सरकार ने अपना ड्राफ्ट पब्लिक नहीं किया है। किन्तु मीडिया रिपोर्ट्स कहती है कि :
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(1) उनके ड्राफ्ट में वोट वापसी पासबुक नहीं है। इसकी जगह वे मतदाताओं के हस्ताक्षर लेने टाइप की किसी प्रणाली पर विचार कर रहे है।
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सरकार के पास मतदाताओ के हस्ताक्षर का कोई डेटा नहीं होता है, और गाँवो में कई लोग हस्ताक्षर करना जानते भी नहीं है। अत: न तो कभी हस्ताक्षर इकट्ठे होंगे, न इन्हें कभी सत्यापित किया जा सकेगा, और न ही कभी सरपंच का रिकॉल प्रोसीजर काम करेगा !!
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(2) वे रिकॉल पोल की सीमा भी नीची रख सकते है, ताकि उस सरपंच को भी रिकॉल का सामना करना पड़े जिसे किसी समय पंचायत में दर्ज कुल मतदाताओं के 51% मतदाताओं का समर्थन हासिल है।
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(3) उनके राईट टू रिकॉल ड्राफ्ट में मतदाता को यह सुविधा नहीं रहेगी कि मतदाता किस भी दिन प्रत्याशी को अपनी स्वीकृति दे सके या किसी भी दिन अपनी स्वीकृति रद्द कर सके।
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<https://timesofindia.indiatimes.com/city/chandigarh/right-to-recall-bill-to-be-brought-in-legislative-assembly-haryana-deputy-cm/articleshow/77744757.cms>;
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राईट टू रिकॉल पार्टी द्वारा प्रस्तावित राईट टू रिकॉल सरपंच के ड्राफ्ट में प्रत्येक मतदाता को एक वोट वापसी पासबुक मिलेगी, और नागरिक किसी भी दिन पटवारी कार्यालय में जाकर अपनी स्वीकृति दर्ज करवा सकेगा। मतदाता अपनी स्वीकृति SMS, मोबाइल एप या ATM द्वारा भी दर्ज करवा सकेंगे। किन्तु हरियाणा सरकार ने अपने ड्राफ्ट में जानबूझकर इन प्रावधानों को शामिल नहीं किया है, ताकि ड्राफ्ट को कमजोर करके राईट टू रिकॉल प्रणाली को नागरिको में बदनाम किया जा सके !!
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राईट टू रिकॉल पार्टी द्वारा प्रस्तावित वोट वापसी पासबुक वाला क़ानून ड्राफ्ट यहाँ देखें - <https://www.facebook.com/pawan.jury/posts/3174296922688522>;
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सभी कार्यकर्ताओ से आग्रह है कि, वे हरियाणा के मुख्यमंत्री एवं पंचायती राज मंत्री को ट्विट करें कि 'वोट वापसी पासबुक' वाले राईट टू रिकॉल सरपंच का क़ानून लागू करें।
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साथ ही आने वाली 5 तारीख को हरियाणा के नागरिक #EndLockdownTotally के साथ साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री को एक अतिरिक्त पोस्टकार्ड राइट टू रिकॉल सरपंच के लिए भी भेजें। वोट वापसी पासबुक वाले राईट टू रिकॉल सरपंच के ड्राफ्ट के लिए इस हेश का इस्तेमाल करें - #RrpRtrSarpanch
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