Pawan Jury BhilwaraRj
कोरोना के संक्रमण को रोकने का लॉकडाउन से उतना ही सम्बन्ध था जितना चरखे चलाने का आजादी की लड़ाई से था !!
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तब भी अपने कॉमन सेन्स को ताक में रखकर पेड मीडिया पर निर्भर नागरिक यह शिद्दत से मानते थे कि चरखा चलाने से आजादी आएगी, और आज भी मीडिया की चपेट में चल रहे कार्यकर्ता यह मानते है कि लॉकडाउन कोरोना को रोकने के लिए लगाया गया था !!
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नोट बंदी की तरह ही लॉकडाउन भी एक भूल नहीं थी !! वे शुरू से यह जानते थे कि, लॉकडाउन का कोरोना को रोकने से उतना ही सम्बन्ध है, जितना कालेधन का नोटबंदी से है !!
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[ है गैब ए गैब जिसको समझते है हम शहूद,
है ख़्वाब में हनोज जो जागे है ख़्वाब में !!
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गैब - छिपा, शहूद - प्रकट , हनोज - अभी ]
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