> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2020-06-04

Pawan Jury BhilwaraRj

क्यों कुछ लोग भारत में लॉकडाउन / टीकाकरण इत्यादि के लिए बिल गेट्स को दोष देते हैं, और पीएम/ सीएम, सोनिया-मोदी-केजरीवाल को कभी भी दोष नहीं देते?
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बकवास तर्क ? नहीं। एक बहुत चतुर तर्क !!!
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क्योंकि वे लोग चाहते हैं कि सोनिया-मोदी-केजरीवाल एवं अन्य मुख्यमंत्रियों आदि का यही भ्रष्ट राज आगे भी चलता रहे !!!
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आप ऐसे बहुत से शेर्लोक होम्स से मिलेंगे, जिन्होंने बड़ी चतुराई से पता लगा लिया कि भारत में लॉकडाउन के लिए सोनिया-मोदी-केजरीवाल बिलकुल भी जिम्मेदार नहीं हैं बल्कि इसके लिए बिल गेट्स जिम्मेदार है।
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और सबूत के रूप में, उनके पास एक पब्लिक वीडियो में बिल गेट्स के बयान हैं (कोई स्टिंग ऑपरेशन आदि नहीं ), और इन बयानों के आधार पर उन्होंने निष्कर्ष निकाला कि भारत में लॉकडाउन के लिए और लॉकडाउन की वजह हुई सारी तबाही और प्रताड़ना के लिए सोनिया-मोदी-केजरीवाल बिलकुल भी ज़िम्मेदार नहीं हैं।
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और इन लोगों की कोई भी पोस्ट सोनिया-मोदी-केजरीवाल और नीतीश, पटनायक, ठाकरे जैसे आदि मुख्यमंत्रियों को लॉकडाउनो के लिए कभी भी दोषी नहीं ठहराती !!!
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किसी ने भी लॉकडाउन के लिए सोनिया-मोदी-केजरीवाल या अन्य मुख्यमंत्रियों का इस्तीफ़ा नहीं माँगा !!
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ये जानते हुए भी कि सभी लॉकडाउनो के आदेश पर प्रधानमंत्री / मुख्यमंत्रियों ने साइन किये थे।
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जब आप अन्य पोस्ट्स देखेंगे, ये साफ हो जाएगा, क्यों वे झूठ बोलते हैं कि "सोनिया-मोदी-केजरीवाल लॉकडाउनो के लिए जिम्मेदार नहीं है बल्कि अकेला बिल गेट्स ही इस सबके लिए जिम्मेदार है"
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उनकी वाल पर बाकि अन्य पोस्ट्स में, आप सैंकड़ो ऐसी पोस्ट्स पाएंगे जिसमे वे सोनिया-मोदी-केजरीवाल, नीतीश, नवीन पटनायक, ठाकरे आदि की प्रशंसा कर रहे हैं।
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अन्य शब्दों में, ये लोग किसी पीएम/ सीएम से जुड़े हुए हैं या उनके अंधभगत हैं। और कार्यकर्ताओं और वोटर्स को भटकाना चाहते हैं और चाहते हैं कि वे सोचें भारत में लॉकडाउन के लिए पीएम/ सीएम बिलकुल भी जिम्मेदार नहीं है और वे सिर्फ और सिर्फ अकेले बिल गेट्स को या बिल गेट्स के साथ में WHO को कोसते रहें !!!
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और एक बचकाना तर्क है -- WHO ने 1 बिलियन डॉलर लॉकडाउन की शर्त के साथ दिए। 1 बिलियन डॉलर = 8000 करोड़ रूपये। और सरकारी राजस्व को लॉकडाउन द्वारा हुए नुक्सान का मूल्य लगभग 1 लाख करोड़ रूपये है और अर्थव्यवस्था नुक्सान का मूल्य शायद 10 गुना है। यदि बिल गेट्स अपनी सारी संपत्ति भी दे देता (जिसमे से अधिकतम ना बिक सकने वाले शेयर्स हैं ), तब भी केंद्र और राज्य सरकारों को 2 महीने के लॉकडाउन से हुए राजस्व नुकसान की भरपाई भी नहीं कर सकता था।
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तो इनका केवल एक ही मकसद है -- भारत के वोटर्स को मूर्ख बनाना
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@PmoIndia) को ट्वीट करे --

@PmoIndia #बिलगेट्स_को_बैन_करें #बिलगेट्स_संस्थाए_बैन_करें #कारण_झूठी_कोरोना_दहशत. बिल गेट्स का वीजा रद्द करें, उसकी संस्थाएं रद्द करें और भारत मे गेट्स और उसकी संस्थायों से पैसा लेने वाले NGOs भी बैन करें क्योंकि उसने झूठी कोरोना दहशत फैलाई और यह गैरजरूरी लॉकडाउन का आधार बना।
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My Tweet - <https://twitter.com/PawanJury/status/1263736369563815937>;
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