Pawan Jury BhilwaraRj
भारत और अमेरिका के बीच तालाबंदी का अंतर
(1) अमेरिका में कोई जबरदस्ती चिकित्सा नहीं की गई।
(1.1) अमेरिका में किसी भी तरह की जबरदस्ती टेस्टिंग नहीं की गई। अगर कोई नागरिक टेस्टिंग के लिए मना करता है तो उसे घर में रहने का ऑर्डर दिया गया, और अगर वह आर्डर नहीं मानता तो उस पर कानूनी कार्रवाई की गई। लेकिन किसी प्रकार की जबरदस्ती की टेस्टिंग नहीं हुई।
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(1.2) अमेरिका में अस्पताल में जाकर इलाज कराना कानूनन बाध्य नहीं था। अगर उसे corona पॉजिटिव पाया जाता है तो वह या तो हॉस्पिटल में जा सकता है या घर रह सकता है। पर भारत में कानून छापे गए हैं उसमें या तो मरीज को खुद उठकर अस्पताल जाना होगा, या पुलिस उसे खींचकर लेकर जाएगी, या फिर निजी अस्पतालों में उसका इलाज होगा जहां उसे ₹10000 तक देना पड़ सकता है।
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(1.3) अमेरिका में मरीज को जबरदस्ती औषधि नहीं दी गई जबकि भारत में पुलिस द्वारा जबरदस्ती मरीजों को दवाई लेने के लिए बाध्य किया गया। और दवा लेने पर इनकार करने पर मरीज के खिलाफ मुकदमें दर्ज किये गए। और हाइड्रो क्लोरो क्वीन उन मरीजो को भी दी गयी जिनमे करोना के लक्षण नहीं थे !!!
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(2) भारत के तुलना में अमेरिका में लॉक डाउन नहीं के बराबर था।
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(2.1) लॉक डाउन के सारे दिनों में शहर की मेट्रो एवं बसें चालू थी। अमेरिका की मेट्रो ट्रेन मात्र 1 दिन के लिए बंद थी वह भी रखरखाव इत्यादि के लिए, और उस दिन भी शहर के अंदर की सारी बसें चालू थी।
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(2.2) शहर के अंदर की सारी बसें और ट्रेनें चालू थी पर उनकी फ्रीक्वेंसी यानी बारंबारता कम थी यानी कम ट्रेनें और बसें चल रही थी।
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(2.3) अमेरिका के अंदर की सारी फ्लाइट है चालू थी यानी आप हवाई जहाज से पूरे अमेरिका में कहीं भी आ जा सकते थे।
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(2.4) निजी वाहन पर कोई भी रोक-टोक नहीं थी पर उसमें 3 लोग से ज्यादा नहीं आ जा सकते थे पर अगर वह एक घर की कार है यानी उस में बैठने वाले सारे सदस्य एक ही परिवार के हैं तो अधिक लोग भी जा सकते थे।
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(2.5) अमेरिका में mask पहनने की कोई जबरदस्ती नहीं थी जहां पर सोशल डिस्टेंसिंग रख पाना कठिन हो जाता है वहीं पर मास्क पहनने की जबरदस्ती की गई थी। मतलब, किसी भी प्रकार के पार्क या सड़क पर चलने के लिए या गलियों में आपको mask की आवश्यकता नहीं थी।
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(2.6) अमेरिका में ऐसा कोई भी कानून नहीं बनाया गया था कि आपको कोई एप इंस्टॉल करना जरुरी हो। और उसी के द्वारा आप फ्लाइट या अन्य तरह की यात्रा कर सकते हैं। भारत में आरोग्य सेतु को आवश्यक किया गया।
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(2.7) आवश्यक सेवाएं जैसे खाना शराब, गाड़ियों की मरम्मत और हर तरह की मरम्मत तो एक भी दिन के लिए बंद नहीं किया गया था। आवश्यक दुकानों के बाहर शुरुआती दिनों में कुछ लाइने लगी थी पर धीरे-धीरे वह भी समाप्त हो गई। दुकानों के अंदर ज्यादा ग्राहकों को एक समय में आने से रोका गया था।
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(2.8) होटलों से होम डिलीवरी 1 दिन के लिए भी बंद नहीं थी आप कभी भी होम डिलीवरी मंगा सकते थे। बहुत सारे होटल जो बंद थे उसका कारण यह था ग्राहकों की कमी, जिसकी वजह से उन्हें बंद रखना पड़ रहा था।
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तात्पर्य यह है कि, भारत जैसी तालाबंदी यूएसए में नहीं थी। इससे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि भारत की जनता को मूर्ख बनाने के लिए और उन्हें इस बात का विश्वास दिलाने के लिए कि अमेरिका में भी लॉक डाउन है यह सारी चीजें की गई पर धरातल पर अगर देखें तो अमेरिका में कोई भी तालाबंदी यानी लॉक डाउन नहीं था।
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इन ख़बरों को विदेशी निजी हुई मीडिया द्वारा छुपाना समझ में आता है पर भारत सरकार द्वारा प्रायोजित दूरदर्शन ने भी इस प्रकार की कोई समाचार नहीं दिए। इस प्रकार यह समझा जा सकता है कि सारी पार्टियां सारी पार्टियां या संगठन आरएसएस आप अरविंद केजरीवाल नरेंद्र मोदी हर कोई एक समान विचार रखता है उनके में जनता के प्रति कोई आदर भाव उनके कष्ट के प्रति कोई सहानुभूति नहीं है सारी पार्टियां एक तरह का ही व्यवहार कर रही है।
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समाधान - दूरदर्शन अध्यक्ष पर वोट वापसी पासबुक एवं जूरी कोर्ट
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