> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2020-04-20

Pawan Jury BhilwaraRj

पालघर में साधु-संतो की भीड़ द्वारा लाठियों से पीट पीट कर नियोजित / अनियोजित हत्या :
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समाधान — आरोपियों का जूरी द्वारा सार्वजनिक नार्को टेस्ट का कानून छापकर इस तरह के अपराधों को रोका जा सकता है। शेष सभी निंदा, उपदेश, आलोचना, विश्लेषण आदि टाइम पास समाधान है, और इससे कोई बदलाव नहीं आएगा।
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(1) जो इस घटना को गंभीरता से लेते है उन्हें तत्काल हत्यारो के जूरी ट्रायल एवं नार्को टेस्ट की मांग करनी चाहिए। घटना का वीडियो उपलब्ध है, अपराधी आसानी से पहचाने जा सकते है। यदि मुझे जूरी में जाने का अवसर मिलता है तो मैं इन्हे सार्वजनिक फांसी देने की अनुशंषा करूँगा।
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यदि हत्यारों में कोई अवयस्क (Juvenile) शामिल है तब भी उसके अवयस्क होने या न होने का फैसला का जूरी करेगी।
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पुलिस कर्मीयों की अकार्यकुशलता एवं लापरवाही के आरोप की सुनवाई भी जूरी ही करेगी।
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(2) नार्को टेस्ट इसमें कैसे मदद करेगा ?
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(2.1) इस हत्याकांड के पीछे प्रतिस्पर्धी धर्म या संप्रदाय के शीर्ष लोगो का हाथ हो सकता है। या कोई ऐसा व्यक्ति जिसकी अमुक साधुओ से निजी दुश्मनी थी। यदि जूरी के सामने इनका सार्वजनिक नार्को टेस्ट लिया जाएगा तो साजिशकर्ता के नाम उछलकर सामने आ जाएंगे।
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(2.2) नार्को टेस्ट का इंजेक्शन लगने के बाद हत्यारे यह खुलासा कर सकते हैं कि उनके कपड़े, लाठियाँ वगेरह कहाँ हैं। लाठियां, हत्यारो के कपडे उन पर मौजूद खून के धब्बे एवं फिंगर प्रिंट आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत का काम करेंगे। यदि मामला जूरी के सामने जाता है तो 2 से 3 हफ्तों में इन्हे सजा हो जायेगी। यदि ये हाई जूरी में अपील के लिए जाते है तब 4 हफ्ते और जोड़ लीजिये। तब भी 3 महीने के भीतर इन्हे फांसी हो जायेगी।
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(2.3) यह तथ्य कि -- "इस तरह के जघन्य अपराधों में अब सार्वजानिक नार्को टेस्ट किया जाता है", अन्य लोगो को इस तरह के अपराध करने से हतोत्साहित करेगा, और अपराध में कमी आएगी। हम पिछले 15 वर्षो से कह रहे है कि इस तरह के जघन्य अपराधों में जूरी द्वारा सार्वजनिक नार्को टेस्ट लिया जाना चाहिए। यदि कार्यकर्ताओ ने इस मांग को गंभीरता से लिया होता तो ऐसी कई हत्याएं रोकी जा सकती थी।
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(3) हमेशा की तरह पेड मीडिया पार्टियों, पेड मीडिया नेताओं एवं उनके समर्थको का स्टेंड है कि -- चाहे जो हो जाए लेकिन यह मामला भी जज ही सुनेगा !! और इन हत्यारों का जूरी द्वारा सार्वजनिक नार्को टेस्ट किसी भी सूरत में नहीं किया जाना चाहिए !!
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यदि आप कहेंगे कि जज भ्रष्ट है, तो वे कहेंगे कि हमें ईमानदार जजों की भर्ती करनी चाहिए। और जब आप उनसे पूछेंगे कि ईमानदार जजों को छांटने की प्रक्रिया क्या है, तो वे आपको कोई जवाब नहीं देंगे !! कुल मिलाकर वे चाहते है, कि आप जजों पर भरोसा करो !!
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और कुछ अति राष्ट्रवादी कार्यकताओ का यहाँ तक कहना है कि बिना किसी ट्रायल के हत्यारों का एनकाउंटर कर दिया जाए !! ( ताकि हत्याकांड की योजना बनाने वाले मास्टरमाइंड को बचाया जा सके !!)
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(4) इस मामले की सुनवाई जूरी द्वारा करने के आदेश पीएम भी दे सकते है और महाराष्ट्र के सीएम भी दे सकते है।
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यदि आप चाहते है कि मामले की सुनवाई जज ही करे तो आपको पीएम या सीएम से कुछ भी कहने की जरूरत नहीं है, आप अपनी सोशल मीडिया वाल पर इस घटना की निंदा / आलोचना/ विश्लेषण आदि करने के लिए कुछ भी लिखते रह सकते है। क्योंकि तब मामले की सुनवाई जज ही करेगा, और वे सालों तक मामला लटकाकर रखेंगे, और इससे पॉलिटिकल माइलेज लेने की कोशिश भी करेंगे।
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और यदि आप हत्यारों का जूरी द्वारा सार्वजनिक नार्को टेस्ट लिए जाने का समर्थन करते है तो पीएम या सीएम को यह ट्विट भेज भी सकते है, और नहीं भी भेज सकते है :
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@PmoIndia , प्रधानमंत्री जी, कृपया पालघर में साधुओ की हत्या के आरोपियों का जूरी द्वारा सार्वजनिक नार्को टेस्ट का आदेश तत्काल रूप से जारी करें - #NarcotestByJuryOnPalgharAccused
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मेरे द्वारा भेजा गया ट्विट - <https://twitter.com/PawanJury/status/1252175963854643200>;
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घटना का 1 मिनिट का वीडियो. (वीडियो विचलित करने वाला है, कृपया देखने न देखने का निर्णय लेने के लिए अपने विवेक का इस्तेमाल करें -- <https://twitter.com/Kumar_7500/status/1252018152545955843?fbclid=IwAR1Ts7vTW1_Dzvo1DG1iJC5niD-DvWGWBRHPgFOWU8xh6rosAQw28Al9SbE>;
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