Pawan Jury BhilwaraRj
चीन ने 23 जनवरी 2020 को वुहान में लॉकडाउन कर दिया था। हमें पता था कि यह वायरस भारत में भी आएगा। और 100% आएगा !!
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हमारे पास नागरिको को संभावित लॉकडाउन के बारे में सूचित करने के लिए 60 दिन का समय था।
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हमारे पास फैसला लेने एवं योजना बनाने के लिए 60 दिन थे कि हमें लॉकडाउन करना है या नहीं करना है, या किस अवधि के लिए किस क्रम में करना है। और हमें वायरस की मारक क्षमता के बारे में भी जानकारी थी !!
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इस बात पर बहस हो सकती है, कि हमें 60 दिन पहले ही नागरिको को इस बारे में सूचित / डराना चाहिए था या नहीं। लेकिन इतना तय है कि हमारे पास सूचित करने या न करने के लिए 60 दिनों का वक्त था !!
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और हमारे पास दक्षिण कोरिया जैसे देशों के आंकड़ो का अध्ययन करके निष्कर्ष निकालने का भी वक्त था कि किस उम्र के लोगो पर यह वायरस ज्यादा असर दिखा रहा है, या यह किस स्थिति में ज्यादा मारक है। और इन नतीजो के आधार पर नागरिको को सूचित किया जा सकता था।
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दुसरे शब्दों में, पीएम के पास कई हफ्तों तक यह विकल्प मौजूद था कि वे लॉकडाउन की घोषणा में नोटबंदी की तरह एडवेंचर डालना चाहते है या नहीं।
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