> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2020-03-25

Pawan Jury BhilwaraRj

2016 की ख़बर - सरकार सार्वजानिक क्षेत्र की दवा निर्माता कंपनियों को बंद कर रही है, ताकि भारतीय दवा बाजार की निर्भरता विदेशियों एवं निजी क्षेत्र पर बढ़े !!
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चिकित्सा एवं दवाओं की कीमतें कई गुना बढ़ाने का सबसे आसान तरीका यह है कि इस क्षेत्र को पूरी तरह से निजी कम्पनियो के हवाले कर दो। पेड मीडिया पार्टियां (कांग्रेस-संघ-आपा) और पेड मीडिया द्वारा खड़े किये गए नेता (सोनिया-मोदी-केजरीवाल) हमेशा से इस दिशा में ही काम कर रहे है, जिससे दवा निर्माण करने वाली सरकारी कंपनियां ज्यादा से ज्यादा बंद हो या उन्हें प्राइवेट कर दिया जाए।
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पेड मिडिया पार्टियों द्वारा लिए गए ऐसे कई फैसलों में से एक खबर यह देखिये - <https://www.thehindubusinessline.com/companies/psu-drugmaker-hindustan-antibiotics-hopes-to-regain-health-post-250-crore-vrs/article28077781.ece/amp/?fbclid=IwAR2CN6GLbKl8NecqlxUrdLDII94EJIu6onXXVrGGJ8RsQsYIoQpZ1bQ2IzI>;
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केंद्र ने 2016 में चार सरकारी कंपनियों का विनिवेश या बंद करने का निर्णय लिया था। कंपनियों के नाम -- हिंदुस्तान एंटी बायोटिक , बंगाल केमिकल्स फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड , इंडियन ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड और राजस्थान ड्रग्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड।
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प्रथम दो की बिक्री के लिए सामर्थ्य ख़रीददार खोजे जाएंगे जबकि अंतिम दो को पूर्णत: बंद किया जायेगा।
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