> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2020-03-20

Pawan Jury BhilwaraRj

(A) Covid-19 से बचाव के लिए निम्न तथ्यों को ध्यान में रखें :
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(1) कोरोना वाइरस शरीर में मुख्यतया 3 मार्गो से प्रवेश करता है :
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(a) मुँह
(b) नाक
(c) आँख
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(2) नमी, सतह एवं तापमान के आधार पर यह वातावरण में कुछ घंटो से कुछ दिनों तक जिन्दा रह सकता है। सामान्यतया यह वातावरण में 12 से 14 घंटे तक सक्रीय रहता है और क्रमिक रूप से कमजोर होता जाता है।
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(3) इस वायरस पर लिपिड प्रोटीन का खोल है, जो इसे सुरक्षा प्रदान करता है। साबुन / सेनेटाईजर / क्लीनिंग लिक्विड इस आवरण को तोड़ देता है, और सुरक्षा आवरण टूटने के बाद वायरस विघटित होना शुरू हो जाता है।
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(4) यदि संक्रमित व्यक्ति खांसता, छींकता है तो वायरस संक्रमित व्यक्ति के शरीर से निकलकर वातावरण में आ जाता है और जब आपका शरीर इस वातावरण / सतह के सम्पर्क में आता है तो यह आपके शरीर पर सवार हो जाता है। बदन की सतह पर आने के बाद यदि किसी तरह ( हाथ से चेहरा छूना आदि ) यह आपके चहरे तक पहुँच जाता है तो ज्यादातर सम्भावना है तो यह आपके शरीर में प्रवेश कर जायेगा।
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(5) Covid 19 के कोई विशेष लक्षण नहीं है, और इसीलिए यह खतरनाक है। संक्रमित व्यक्ति में सर्दी-जुकाम, खांसी, हल्के बुखार के सामान्य लक्षण प्रकट होते है। लक्षण सामने आने की सीमा 2 सप्ताह है।
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(B) संक्रमण से बचने के लिए निम्नलिखित सावधानीयां बरतें
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(1) जब आप दूध की थेली ले तो इसे धो लें और साथ ही उसी समय अपने हाथ भी साबुन से धोएं।
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(2) संभव हो तो समाचार पत्र लेना बंद करें।
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(3) कोरियर के लिए एक अलग ट्रे रखें। कूरियर को कम से कम 24 घंटे बाद छुएँ।
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(4) परिवार के सदस्यों को निर्देश दें कि वे मुख्य दरवाजे को न छुएं। जब भी घर में प्रवेश करें अन्य चीजों को छूने से पहले तुरंत अच्छी तरह से अपने हाथ धोएं। इसके बाद सेनेटाईजर / क्लीनिंग लिक्विड से मुख्य दरवाजे के हेंडल एवं डोर बेल स्विच को पोंछें।
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(5) यदि आप खब्बू ( Lefty ) है तो दरवाजे आदि खोलने के लिए दाएं हाथ का अन्यथा बाएं का इस्तेमाल करें।
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(6) जब आप घर से बाहर को तो रुमाल / मास्क चेहरे में लगाए ताकि आदतन आपका हाथ चेहरे को न छुए।
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(7) जहां तक संभव हो स्विगी, अमेजन आदि से बचें।
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(8) सभी फलों और सब्जियों को घर लाने के बाद अच्छी तरह से धोएं।
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(9) रिमोट, फोन और की-बोर्ड आदि के संक्रमित होने की सम्भावना सबसे अधिक है। सेनेटाईजर / क्लीनिंग लिक्विड द्वारा उन्हें दिन में कम से कम एक बार साफ करें।
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(10) घर या ऑफिस में अक्सर हाथ धोएं। हर घंटे में कम से कम एक बार।
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(11) जहां तक संभव हो सार्वजनिक परिवहन से बचें। यहां तक कि ओला और उबेर का उपयोग सिर्फ तब करें जब या बेहद जरुरी हो।
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(12) जिम, स्विमिंग पूल, ट्यूशन, डांस / म्यूजिक क्लास , व्यायाम शालाओं आदि जैसे स्थान जहां सतह संपर्क या वायु-जनित संदूषण की दर अधिक होने की सम्भावना है, से बचें।
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(13) ऑफिस, शोपिंग आदि से लौटते ही अपने हाथ-पैर अच्छी तरह धोएं।
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(14) सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि चेहरे पर कहीं भी हाथ न लगाएं। बच्चों और माता-पिता को भी इस बारे में सूचित करें।
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(15) वरिष्ठ नागरिकों को सैर आदि पर जाने से रोकें।
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(16) मेल मिलाप के दौरान व्यक्तियों से 2 मीटर की दूरी रखें।
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(17) अपनी वसीयत बनाये।
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(18) पैनिक कम करने के लिए पेड मीडिया का सेवन कम करें।
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(C) भारत में Covid 19 कब ज्यादा नुकसान पहुंचाएगा ?
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(1) सलंग्न चित्र में लाल रंग से दर्शाया गया हिस्सा उस स्थिति को दर्शाता है जब रखरखाव के लिए समुचित कदम नहीं उठाये गए। इस स्थिति में संक्रमण बेहद तेजी से फैलता है, और संक्रमितो की संख्या में तेजी से वृद्धी होने के कारण “चिकित्सीय ढांचे पर बोझ” काफी बढ़ जाता है। रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ने के कारण सभी को इलाज नहीं मिल पाता इलाज के अभाव में और मौतों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता है !!
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(2) हरा वक्र दर्शाता है कि, संक्रमितो की संख्या ज्यादा होने के बावजूद चूंकि संक्रमण की दर समय के अनुपात में कम है, अत: सभी को चिकित्सीय सहायता मिल जाती है, और अपेक्षाकृत कम जाने जाती है। दुसरे शब्दों में, यदि सभी नागरिक बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाते है तो चिकित्सीय ढांचा चरमराता नहीं है, नुकसान कम होता है।
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Covid 19 सबसे पहले फेफड़ो को संक्रमित करेगा, और रोगी को सांस लेने में तकलीफ होगी। अत: इलाज के प्राथमिक चरण में संक्रमित व्यक्ति को आक्सीजन सपोर्ट की जरूरत होती है। भारत ऑक्सीजन कन्संट्रेटर (मशीनरी जो वातावरण से आक्सीजन खींचकर उन्हें संपीड़ित करती है) नहीं बनाता, अत: हमें इसे बड़े पैमाने पर आयात करना पड़ सकता है। टेस्टिंग किट के लिए भी हम आयात पर निर्भर है। और यदि हमारे पास ये दोनों उपलब्ध भी हो तो हमारे पास इतनी बड़ी आबादी को ट्रीटमेंट देने का मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं है। अभी तक न तो इसकी कोई वैक्सीन खोजी गयी है और न ही दवाई। मतलब एक पॉइंट के बाद प्रशासन इस भार को संभालने सक्षम नहीं है, और इसीलिए नागरिको की जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
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(D) Covid 19 कितना मारक है ?
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(1) यदि 100 व्यक्ति इससे संक्रमित होते है तो ज्यादातर से भी ज्यादातर सम्भावना है कि लगभग 80% लोगो के लिए यह बिना किसी चिकित्सीय सहायता के भी जानलेवा साबित नहीं होगा।
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(1.1) 80% संक्रमण : - मामूली लक्षण ( प्रतिरोधक क्षमता बनने की सम्भावना ज्यादा )
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(1.2) 15% संक्रमण: - गंभीर (ऑक्सीजन की आवश्यकता )
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(1.3) 5% संक्रमण: - महत्वपूर्ण ( वेंटिलेशन की आवश्यकता )

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(2) जोखिम :
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(2.1) बुजुर्ग आयु वर्ग
(2.2) पहले से अन्य व्याधियों से ग्रस्त व्यक्ति
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यहाँ सूचना नहीं बल्कि सतर्कता और लापरवाही निर्णायक है। रख रखाव के निर्देशों से सूचित होने के बावजूद यदि नागरिक सतर्कता नहीं बरतेंगे और लापरवाही से काम लेंगे तो Covid 19 के फैलने की सम्भावना बढती जायेगी।
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(E) इसे किसी लैब में बनाया गया है, या यह प्रकृति जन्य है ?
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जिस तरह की ताकत इस वायरस में है, उस आधार पर कहा जा सकता है कि यदि इसे लैब में बनाया गया है तो यह मेडिकल हिस्ट्री के लिए एक बहुत बड़ा ब्रेक थ्रू है। क्योंकि तमाम कोशिशो के बावजूद अब तक मानव ऐसा वायरस बनाने में सफल नहीं हुआ है जो खुले वातावरण में इतने लम्बे समय तक सर्वाइव कर सके। तो अभी तक के हिसाब से ज्यादातर सम्भावना यही है कि, यह चमगादड़ से ही मनुष्य में ट्रांसमिट हुआ है।
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बहरहाल, लैब में बनाया गया हो या प्रकृति जन्य हो, दोनों ही स्थितियों वास्तविकता यह है कि यह वाइरस जानलेवा है। शेष वक्त गुजरने के साथ साथ और भी सूचनाएं सामने आएगी और स्थिति ज्यादा स्पष्ट होगी।
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सार : यदि हम सामान्य रख रखाव का पालन करते है तो इसके प्रभाव को सीमित किया जा सकता है। यदि सतर्कता एवं अनुशासन नही बरता गया तो यह हावी हो सकता है।
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और पेड मीडियाकर्मीयों को अनसुना करें। क्योंकि वे यदि यह हावी नहीं भी होता है तो वे आपको यह विश्वास दिला देंगे कि यह हावी हो चुका है !!
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Credit : Dr Tejpal Katewa
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Covid 19 के बारे में अधिक जानकारी के लिए यह एल्बम देखें - <https://www.facebook.com/Kulwantyadv06/media_set?set=a.642705303157970&type=3>;
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<https://www.healthline.com/health/coronavirus-transmission>;
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