Pawan Jury BhilwaraRj
Gopal Dhakad ChittorgarhRj:
दुनियाभर की 90 से 95% अफ़ीम अफगानिस्तान में पैदा होती है। हमारा देश भी अफ़ीम की खेती के लिए उपयुक्त है किन्तु यहाँ की शरणार्थी सरकार हमको अफ़ीम की खेती नहीं करने देती।
यदि अफ़ीम की खेती की आज़ादी हो तो:
1. दुनियाभर के बाजार में हमारा हिस्सा काफ़ी ज्यादा होगा जिससे हमारा व्यापार घाटा कम होगा।
2.दारू की बिक्री खत्म हो जाएगी जिससे पूंजीवादियों के द्वारा होने वाली लूट कम हो जाएगी। पिछले साल हमारे देश में अकेले अंग्रेजी दारू का कारोबार 67 मीलियन का था,और यह पैसा राॅयल्टी के रूप में देश से बाहर जाता है, अगर यह पैसा देश के किसान-मजदूर को मिले तो कितनी खुशहाली आयेगी ।
3.अफ़ीम के नियंत्रित सेवन से हमारे कामगारों की कार्यक्षमता में जबरदस्त इजाफ़ा होगा।
4.अफ़ीम पोषित तथाकथित इस्लामिक आतंकवाद में जबरदस्त कमी आएगी।
5.प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में होने वाली किसान आत्महत्या बन्द हो जाएंगी।
6.हमारे देश की दर्दनिवारक दवा दुनियाभर को निर्यात हो सकेगी जिनकी जरूरत दिनोदिन बढ़ते कैंसर की वजह से बढ़ती ही जाएगी।
कुल मिलाकर सारा देश खुशहाल होकर पुनः सोने की चिड़िया बन जाएगा।
Win win for whole of India
जोहार
सबका साथ सबका विकास।।