> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2020-02-24

Pawan Jury BhilwaraRj

भारत में सर्वाधिक भिन्न प्रकार का राजनैतिक दल कौनसा है?
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वैसे लगभग सभी पार्टियों के नेता / कार्यकर्ता यह मानते है कि उनकी पार्टी सबसे भिन्न है। लेकिन RRP = Right To Recall Party जिस तरीके से काम करती है, मेरे विचार में यह भारत की सबसे अलग तरह की पार्टी है। यह पार्टी अच्छी है या बुरी है, यह बहस की बात है। लेकिन यह तय है कि स्वतंत्रता के बाद से अब तक जितनी भी पार्टियां हुयी है, यह उन सभी से बिलकुल अलग है।
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निचे मैंने RRP के संचालन, कार्य करने के तरीके एवं एजेंडे के बारे में कुछ मुख्य बिन्दुओ के बारे में बताया है, जो इसे भारत की अन्य राजनैतिक पार्टियों से अलग करते है।
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(1) पार्टी का फंड मैनेजमेंट :
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अन्य पार्टियों के उलट यह पार्टी केंद्रीय स्तर पर कोई पैसा इकट्ठा नहीं करती है। कोई बैंक एकाउंट भी नहीं है। RRP नकद में कोई चंदा भी नहीं लेती। बैंक एकाउंट नहीं होने के कारण पार्टी केन्द्रीय स्तर पर पैसो का कोई लेन देन नहीं करती है। यदि चुनाव आयोग आगे चलकर कोई ऐसा नियम बना देता है कि पार्टी को खाता खोलना अनिवार्य हो जाए तो बात अलग है।
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—यह पहला अंतर है। और पैसे को लेकर यह पार्टी एकदम अलग है।
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(2) प्रत्याशी द्वारा पैसा लेने का तरीका :
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यदि कोई व्यक्ति पार्टी के टिकेट पर चुनाव लड़ता है तो पार्टी न तो किसी भी रूप में उसे कोई आर्थिक सहायता देती है, और न ही किसी भी रूप में कोई आर्थिक सहायता लेती है। उम्मीदवार को खुद ही जमानत राशि देनी होती है, और खुद ही प्रचार के लिए पैसा जुटाना होता है। यदि कोई व्यक्ति किसी प्रत्याशी को कोई आर्थिक सहयोग देना चाहते है तो स्थानीय स्तर पर जो कार्यकर्ता पार्टी की और से चुनाव लड़ते है उन्हें सहयोग कर सकते है।
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यदि कोई प्रत्याशी RRP की तरफ से चुनाव लड़ता है तो वह उम्मीदवारी दाखिल करने के बाद एक इलेक्शन एकाउंट खुलवाता है, और इस खाते को सार्वजनिक कर देता है। जो भी व्यक्ति अमुक प्रत्याशी को आर्थिक सहयोग करना चाहता है वह इस पर्सनल-इलेक्शन एकाउंट में अपनी जिम्मेदारी पर पैसा देगा, और प्रत्याशी खुद की जिम्मेदारी पर पैसा लेगा।
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इलेक्शन ख़त्म होने के बाद प्रत्याशी को इस खाते का स्टेटमेंट सार्वजनिक करना होता है। इलेक्शन ख़त्म होने के 1 महीने के भीतर यह एकाउंट बंद कर दिया जाता है, और हिसाब सार्वजनिक कर दिया जाता है। पार्टी का इस पर्सनल एकाउंट से कोई ताल्लुक नहीं होता है, यदि कोई प्रत्याशी इसमें से रुपया खा गया है तो पार्टी की कोई जिम्मेदारी नहीं होती। इसमें पार्टी का नियम है कि -- नागरिक खुद की जिम्मेदारी पर प्रत्याशी को पैसा देवे।
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—यह दूसरा बड़ा अंतर है। इस पार्टी एवं इसके उम्मीदवार के बीच पैसो का लेन देन करने का कोई सिस्टम नहीं है।
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(3) पार्टी का संगठनात्मक ढांचा :
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पार्टी में सभी सदस्यों की हैसियत समान है, और सीनियर-जूनियर के आधार पर किसी भी व्यक्ति को कोई भी अतिरिक्त तवज्जो नहीं दी जाती। पार्टी या पार्टी के पदाधिकारीयों द्वारा सिर्फ सुझाव जारी किये जाते है, निर्देश नहीं। पार्टी द्वारा जारी सुझावो को पार्टी सदस्य मान भी सकते है, और नहीं भी मान सकते है। पार्टी का कोई सदस्य किसी भी अन्य सदस्य को कोई भी निर्देश नहीं दे सकता। सिर्फ सुझाव दे सकता है।
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RRP भारत की एक मात्र पार्टी है जिसमें पार्टी का अध्यक्ष पार्टी के सदस्यों द्वारा सीधे मतदान द्वारा चुना जाता है, और पार्टी के सदस्य किसी भी समय इन्हें निकालने के लिए मताधिकार का प्रयोग कर सकते है। पार्टी का कोई भी सदस्य अध्यक्ष बनने के लिए उम्मीदवारी कर सकता है, और चुनाव जीत कर पार्टी का अध्यक्ष बन सकता है।
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—पार्टी अध्यक्ष को निकालने का अधिकार पार्टी के सामान्य सदस्यों के पास होना तीसरा बड़ा अंतर है। ऐसा भारत की किसी भी पार्टी में नहीं होता है।
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(1.1) पार्टी के मतदाता सदस्यों को पीएम को उन कानूनों को गैजेट में छापने के निर्देश भेजने होते है जिनका वह समर्थन करता है। इससे सदस्य को पॉइंट्स मिलते है। इन पॉइंट्स के आधार पर मेंबर का मतदान भार बढ़ता है। अभी पॉइंट सिस्टम पूरी तरह से बना नहीं है, इसे बनाया जा रहा है। निचे पॉइंट्स जनरेट होने का एक संभावित विवरण दिया गया है, जो कि अंतिम नहीं है।
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(1.1.1) पोस्टकार्ड भेजने और इसकी फोटो कॉपी रखने पर 1 पॉइंट
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(1.1.2) FBCPBA का 1 पॉइंट्स प्रति सप्ताह
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(1.1.3) my letter to pm रजिस्टर बनाने के लिए 10 पॉइंट्स
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(1.1.4) पार्षद / सरपंच का चुनाव लड़ने पर 100 पॉइंट्स

(1.1.5) विधायक का चुनाव लड़ने पर 400 पॉइंट्स

(1.1.1) सांसद का चुनाव लड़ने के लिए 1000 पॉइंट्स

चुनावी प्रत्याशी को दान देने पर प्रत्याशी को जो वोट मिलते है, उसके हिसाब से प्रत्याशी को अतिरिक्त पॉइंट्स मिलते है। प्रत्याशी अपने दान दाताओं को इन पॉइंट्स में आनुपातिक रूप से पॉइंट्स ट्रांसफर कर सकता है। इसके अलावा विज्ञापन देने एवं विज्ञापनों के लिए अनुदान देने के लिए भी पॉइंट्स मिलते है।
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(4) पार्टी की सदस्यता एवं निष्कासन :
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सदस्यता : पार्टी की सदस्यता नि:शुल्क एवं स्वैच्छिक है। कोई भी व्यक्ति खुद को बिना किसी से पूछे RRP का सदस्य घोषित कर सकता है, और किसी भी समय RRP की सदस्यता स्वैच्छिक रूप से छोड़ सकता है। खुद को RRP का मेंबर कहने के साथ ही उसे पार्टी से सम्बंधित सभी मामलो में बोलने और पार्टी की और से व पार्टी के लिए काम करने के राइट्स मिल जाते है।
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निष्कासन : एक बार सदस्य बनने के बाद पार्टी सदस्य को किसी भी तरह से निष्काषित नहीं कर सकती है। पार्टी के पास अनुशासन सम्बन्धी कार्यवाही करने के भी कोई अधिकार नहीं है। यदि कोई सदस्य पार्टी के टिकेट पर लड़ रहे उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार करता है, या किसी अन्य पार्टी की तरफ से चुनाव लड़ता है, या पार्टी के राष्ट्रिय अध्यक्ष आदि के खिलाफ किसी भी स्तर की आलोचना या खुला विरोध करते है, तब भी किसी भी सदस्य को पार्टी से निकाला नही जा सकता। जो व्यक्ति पार्टी में सदस्य बन गया वह खुद इस्तीफा देगा तो ही पार्टी से निकाला जाएगा।
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—सभी पार्टियों में निष्कासन के नियम होते है। लेकिन इस पार्टी में नहीं है।
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(5) पार्टी की मीटिंग एवं बैठके :
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पार्टी राष्ट्रिय एवं राज्य स्तर पर कभी कोई मीटिंग आयोजित नहीं करती है। सभी लोगो को अपने स्तर पर एक इकाई के रूप में काम करना होता है। टीम वर्क का सिस्टम यहाँ नहीं है। पार्टी कोई भी नीति बनाकर कार्यकर्ताओ को नहीं देती, न ही कोई रणनीति या पार्टी लाइन देती है। प्रत्येक सदस्य को प्रचार के लिए खुद ही नीति बनानी होती है, और खुद ही काम करना होता है।
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5.1. स्थानीय स्तर पर मीटिंग : पार्टी के कार्यकर्ता आपसी संवाद के लिए कोई मीटिंग वगेरह करना चाहते है तो वे स्थानीय स्तर पर मीटिंग वगेरह रख सकते है। स्थानीय स्तर की इस मीटिंग के लिए नियम एकदम स्पष्ट एवं अपरिवर्तनीय है :
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(i) ऐसी मीटिंग सिर्फ महीने के दुसरे रविवार यानी 2nd Sunday को प्रात: 10 बजे ही की जा सकती है।
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(ii) यह मीटिंग अनिवार्य रूप से सार्वजनिक स्थल पर ही रखी जानी चाहिए। इसके लिए कार्यकर्ता कोई मंदिर / रेलवे-बस स्टेशन / शेड / पार्क परिसर आदि चुन सकते है।
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(iii) यदि एक बार कोई सार्वजानिक परिसर तय हो जाता है तो फिर उस स्थान को किसी भी सूरत में बदला नहीं जा सकता है। फिर वह स्थान हमेशा के लिए तय हो जाएगा ।
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(iv) दुसरे रविवार के अतिरिक्त अन्य दिनों में कार्यकर्ता निजी स्थलों पर मीटिंग वगेरह रख सकते है, किन्तु पार्टी की ऑफिशियल मीटिंग महीने के द्वितीय रविवार को सार्वजनिक स्थल पर ही होती है।
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—इस पार्टी का सेट अप ऐसा है कि इसकी मीटिंग वगैरह खुद होती है। अध्यक्ष या अन्य पदाधिकारी मीटिंग न तो बुला सकते है, और न ही किसी मीटिंग को रोक सकते है। अन्य सभी पार्टियों में मीटिंग वगैरह के बारे में आला अधिकारी तय करते है।
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(6) पार्टी का मुख्य प्रतिद्वंदी :
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RRP बुनियादी रूप से भारत की किसी भी पार्टी / नेता के खिलाफ नहीं है। RRP के कई सदस्य एवं कार्यकर्ता देश की विभिन्न राजनैतिक पार्टियों एवं संगठनो में भी जुड़े हुए है। RRP में काम करने के लिए उन्हें उन पार्टियों को छोड़ना नहीं होता है, अत: RRP का अन्य राजनैतिक दलों से कोई प्रतिरोध नहीं। RRP का मुख्य और एक मात्र प्रतिद्वंदी पेड मीडिया है। RRP के कार्यकर्ता सिर्फ पेड मीडिया के खिलाफ काम करते है। RRP के कार्यकर्ताओ का लक्ष्य पेड मीडिया को विदेशी कम्पनियों के नियंत्रण से मुक्त करवाना है।
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(7) प्रचार का विकेन्द्रित तरीका :
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पार्टी के कार्यकर्ता प्रचार के लिए विकेन्द्रित तरीको का प्रयोग करते है, अत: प्रचार में पेड मीडिया का इस्तेमाल नहीं किया जाता। पेड मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ विज्ञापन देने में किया जाता है। विकेन्द्रित तरीको में पर्चे बांटना, बैनर लगाना, नागरिक सभाएं करना, सोशल मीडिया आदि शामिल है।
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जब भी कोई व्यक्ति RRP के संपर्क में आता है तो सबसे पहले उसे पार्टी के सदस्य द्वारा लिखित में निम्नलिखित सूचना दी जाती है :
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"यदि आप RRP के बारे में किसी भी टीवी/ अख़बार आदि में कोई खबर/ सूचना /विश्लेष्ण आदि देखें और यदि यह विज्ञापन के रूप में नहीं है, तो हमारा सुझाव है कि इसे गंभीरता से न ले और इसकी साफ़ तौर पर अवहेलना करें। पार्टी के सदस्य अपनी गतिविधियों आदि के बारे में सूचनाएं प्रकाशित कराने के लिए समाचार पत्रों के दफ्तरों में जाकर लॉबीइंग नहीं करते है। अत: यदि पेड मीडिया RRP के बारे में अच्छी खबरें प्रकाशित करता है, तब भी इस पर ध्यान न दें। हम नागरिको तक पहुँचने और संवाद करने के लिए कार्यकर्ताओं के विकेन्द्रित नेटवर्क का ही इस्तेमाल करते है। हालांकि यह तरीका धीमा है, पर हम इसी तरीके में मानते है।"

—यह सबसे बड़ा एवं निर्णायक अंतर है जो इस पार्टी को एकदम अलग कर देता है। सभी पार्टियां प्रचार के लिए पेड मीडिया का इस्तेमाल करती है। किन्तु यह पार्टी अख़बारों / टीवी से दूरी बनाकर रखती है।
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(8) पार्टी का एजेंडा :
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RRP के कार्यकर्ता किसी भी प्रकार की घोषणाओं एवं अस्पष्ट वादों में नहीं मानते है, बल्कि सिर्फ कानून ड्राफ्ट में मानते है। अत: पार्टी के मेनिफेस्टो में सिर्फ क़ानून ड्राफ्ट है, और क़ानून ड्राफ्ट के अलावा कुछ नहीं है। राईट टू रिकॉल पार्टी किसी भी प्रकार की विचारधारा में भी नहीं मानती है, सिर्फ क़ानूनड्राफ्ट धारा में मानती है। पार्टी के कार्यकर्ताओ एवं पार्टी का मूल उद्देश्य इन क़ानून ड्राफ्ट्स की जानकारी नागरिको तक पहुँचाना है ताकि इन्हें गेजेट में छपवाने के लिए मांग खड़ी की जा सके।
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—भारत की किसी भी पार्टी के मेनिफेस्टो में आपको वादे के रूप में क़ानून ड्राफ्ट्स नहीं मिलेंगे। RRP के मेनिफेस्टो में देश की विभिन्न समस्याओ का समाधान करने वाले 100 से ज्यादा कानून ड्राफ्ट्स है।
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(9) RRP का मुख्य लक्ष्य :
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RRP के कार्यकर्ताओ का मुख्य लक्ष्य भारत की सेना को अमेरिका के बराबर ताकतवर बनाना है। RRP के सभी क़ानून ड्राफ्ट्स इसी आदर्श को सामने रखकर लिखे गए है।
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—भारत की किसी भी पार्टी के एजेंडे में स्वदेशी हथियारों का उत्पादन करके सेना को आत्मनिर्भर बनाने का बिंदु शामिल नहीं है।
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(10) RRP की कार्य शैली :
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RRP के कार्यकर्ता एवं सदस्य पार्टी के नाम का प्रचार नहीं करते है। वे सिर्फ क़ानून ड्राफ्ट का प्रचार करते है। पार्टी के कार्यकर्ताओ का उद्देश्य सिर्फ कानूनों की मांग आगे बढ़ाना है। यदि कोई नागरिक RRP द्वारा प्रस्तावित कानूनों से सहमत है तो वह खुद अपने संसाधनों से अमुक कानूनों का प्रचार करना शुरू कर देता है।
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व्यक्ति को इसके लिए खुद ही काम करना होता है। न तो पार्टी कभी किसी को कोई काम करने के लिए बताती है, और न ही उन्हें काम करने से रोकती है। RRP के सदस्य सार्वजनिक मंचो पर रेंडमली सूचनांए एवं क़ानून ड्राफ्ट्स रखते रहते है। जिसे इनमे रुचि होती है वह अपनी तरफ से काम करना शुरू कर देता है। बस इसी तरह से लोग खुद आते है और अपनी मर्जी से क़ानून ड्राफ्ट्स की मांग को आगे बढ़ाते रहते है।
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—RRP पूरी तरह से विकेन्द्रित तरीके से काम करती है। केंद्रीय नियंत्रण शून्य है। आम नागरिक ही इसे चलाते है। इस पार्टी में कोई भी बड़ा ( ब्रांडेड ) आदमी नहीं है। सभी छोटे छोटे लोग मिलकर अपने खर्चे से पार्टी चला रहे है। और कौन कार्यकर्ता कितना काम कर रहा है, इसका भी कोई हिसाब नहीं।
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सार रूप में इस पार्टी की निम्नलिखित चीजे इसे अन्य पार्टियों से अलग करती है :
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(a) इस पार्टी में नेता नहीं होते, सभी कार्यकर्ता होते है।
(b) यह पार्टी एकता एवं जाया अनुशासन में नहीं मानती है।
(c) टीम वर्क में नहीं मानती है। हर कार्यकर्ता को एकल सदस्यीय टीम के रूप में काम करना होता है।
(d) संगठन को बड़ा करने में भी नहीं मानती है।
(e) इस पार्टी के पास कोई विचारधारा भी नहीं है।
(f) इस पार्टी के पास केन्द्रीय स्तर पर कोई रणनीति नहीं है। हर कार्यकर्ता को खुद ही रणनीति बनाकर काम करना पड़ता है।
(g) केन्द्रीय स्तर पर पैसे का लेनदेन शून्य है।
(h) नागरिको तक पहुँचने के लिए मीडिया का इस्तेमाल नहीं करती है।
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अत: इस पार्टी के काम करने का ढंग भारत की मौजूदा सभी पार्टियों से एकदम भिन्न है।
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RRP द्वारा प्रस्तावित मुख्य क़ानून ड्राफ्ट्स : <https://drive.google.com/drive/folders/1254e-5YvhuQWzT8lz6krz7NBAMQHHxPv>;
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राज्यों के लिए ड्राफ्ट्स - <https://drive.google.com/drive/folders/1tLvPx0aSZ8sJuNDVboRzNh324rlOq4Li>;
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