Pawan Jury BhilwaraRj
ट्रम्प ने मोदी साहेब से कहा है कि वे अफगानिस्तान में भारत की सेना भेजें।
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तालिबान से हमारा कोई लेना देना नहीं है, और तालिबान ने भारत पर कभी हमला नहीं किया है। हमें तालिबान और अमेरिका की लड़ाई में नहीं कूदना चाहिए।
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अमेरिका पिछले 10 साल से तालिबान में लड़ाई लड़कर थक चुका है, और उसे अफगानिस्तान से अपनी फौजे खींचनी पड़ रही है। अब अमेरिका यह तौक भारत के गले डाल देना चाहता है, ताकि हम यह लड़ाई लड़ते रहे। इससे पहले रूस भी 10 साल तक अफगानिस्तान में मार खा कर जा चुका है। अफगानिस्तान को आज तक कोई मुल्क कंट्रोल में नहीं ले सका है। जो भी उनकी चपेट में आया है, उसे जूते ही खाने को मिले है। यह ऐसी लड़ाई है जिसमे आपको कुछ नहीं मिलता, सिर्फ घाटा होता है।
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भारत को ऐसी कोई हरकत नहीं करनी चाहिए कि तालिबान अपने जिहाद की लिस्ट में भारत का नाम ऊपर सरका ले। क्योंकि हमारी हैसियत तालिबान से लड़ने की नहीं है। हम फौज से लड़ सकते है। लेकिन मरने पर आमादा कसाब जैसे लोगो के पागल झुण्ड से लड़ने का हमारे पास कोई सेट अप नहीं है। ये कितनी संख्या में किधर से भारत में घुसेंगे और धमाके कर के किधर गुम हो जायेंगे हमें पता भी न चलेगा।
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मतलब यह काफी गंभीर समस्या है। यदि हमने इसमें अपना सिर दे दिया तो फिर निकालने का मौका नहीं मिलेगा। पाकिस्तान+तालिबान+अन्य मुजाहिदीन समूह इकट्ठे होकर कश्मीर एवं अन्य सीमावर्ती इलाको में जो लड़ाई शुरू करेंगे उसे लड़ते लड़ते हम थक जायेंगे।
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(1) पीएम को यह ट्विट भेजिए :
#NoIndianArmyOutsideIndia , #IgnoreTrumpRequestToSendIndianSoldiersInAfghanistan
प्रधानमंत्री जी, कृपया भारत के सैनिको को भारत से बाहर लड़ाइयाँ लड़ने न भेजे।
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(2) और आने वाली 5 तारीख को पोस्टकार्ड भी लिखें।
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