Pawan Jury BhilwaraRj
मोदी साहेब ने कश्मीर का पुनर्गठन करने के लिए जम्मू कश्मीर की विधानसभा की अनुमति नहीं ली है। उन्होंने केंद्र सरकार के प्रतिनिधि ( राज्यपाल ) की अनुमति से इस बिल का अनुमोदन कराया है। सुप्रीम कोर्ट के जज इस पॉइंट को स्टेंड बनाकर इस बिल को खारिज कर सकते है। वैसे सुप्रीम कोर्ट के जजों को इस पॉइंट की भी जरूरत नहीं है। उनके पास पूरा संविधान पड़ा है, किसी भी अनुच्छेद का हवाला देकर वे इस क़ानून को उड़ा सकते है।
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इसीलिए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को यह पोस्टकार्ड भेजा गया है कि, इस आदेश के विरोध में कोई याचिका स्वीकार न करें !!
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