Pawan Jury BhilwaraRj
My Letters to Pm रजिस्टर : अध्याय 4 , पेज नंबर 034 , तारीख 11-6-2019
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शीर्षक - Pm-Cm को भेजे गए पत्रों की फोटो कॉपी
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इस अध्याय में उन चिट्ठियों की फोटो कॉपी रखी जाती है, जो पत्र मैं Pm-Cm को भेजता हूँ। इस तरह यह अध्याय सबसे महत्तवपूर्ण है और इसी के लिए इस रजिस्टर को बनाया गया है। यदि आप Pm को चिट्ठी भेज रहे है किन्तु इसकी फोटो कॉपी सहेज कर नहीं रख रहे है, तो यह चिट्ठी भेजना नहीं बल्कि चिट्ठी को लेटर बॉक्स में फेंक कर आने के समान है।
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यदि आप खुद ही अपनी चिट्ठी के प्रति गंभीर नहीं है तो आप Pm से कैसे उम्मीद कर सकते है कि वह आपकी चिट्ठी को गंभीरता से ले !!
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पेज नं - 035
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1. #Redo रिडो : सरकारी स्कूलों, सरकारी अस्पतालों, थानों एवं अदालतों में सुधार लाने के लिए इस प्रस्तावित अधिसूचना पूरा ड्राफ्ट Pm को भेजा गया। भेजने की तारीख : 5-6-2019
Pm को भेजी गयी इस चिट्ठी में कुल 4 पेज ( 8 पृष्ठ ) है। इस चिट्ठी के सभी 8 पृष्ठ पेज नंबर _______ पर देखें जा सकते है। इस क़ानून का पीडीऍफ़ यहाँ से डाउनलोड करें -
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पेज नं 036
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2. #RajivDixitJuryTrial : राजिव भाई दीक्षित के संदिग्ध हत्यारों का जूरी ट्रायल। यह पोस्टकार्ड 23-1-2019 को भेजा गया था। यह चिट्ठी "postcard sent to Pm" शीर्षक से बनाए गए फेसबुक एल्बम पर भी देखी जा सकती है।
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आजादी बचाओ आन्दोलन के प्रणेता श्री राजिव दीक्षित जी की हत्या 30 नवम्बर 2010 को भिलाई ( छत्तीसगढ़ ) में कर दी गयी थी। मैंने Pm को चिट्ठी भेजकर मांग की है कि, संदिग्ध हत्यारों को चिन्हित करने और उन्हें सजा देने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य की मतदाता सूचियों में से लॉटरी द्वारा 500 नागरिको का चयन करके जूरी मंडल का गठन किया जाए।
यह जूरी संदिग्धों का नारको टेस्ट भी ले सकेगी।
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राजिव भाई के फर्जी समर्थको की पहचान : सोशल मीडिया पर राजिव भाई की हत्या की जांच की मांग करने वाले बहुत से छद्म समर्थक मौजूद है। इन छद्म समर्थको की पहचान यह है कि ये सभी राजिव भाई के संदिग्ध हत्यारों के जूरी ट्रायल एवं नारको टेस्ट लिए जाने का सिर्फ जबानी समर्थन करते है, किन्तु इस बारे में Pm चिट्ठी भेजने का हमेशा विरोध करते है। इनका मूल उद्देश्य राजीव भाई के नाम पर अपना चूरन, चटनी, पापड़, अचार बेचना एवं राजिव भाई के व्याख्यानों का इस्तेमाल करके ख्याति पाना है।
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पेज नं 037
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3. #Repatriation : डॉलर पुनर्भरण समझौता रद्द करना - यह चिट्ठी 23-1-2019 को भेजी गयी थी।
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भारत सरकार ने इस तरह का समझौता किया हुआ है कि जो भी विदेशी कम्पनियां भारत में रुपयों के रूप में मुनाफा कमाती है, भारत सरकार कमाए गए इन रुपयों के बदले में डॉलर चुकाने के लिए बाध्य है !!
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उदाहरण के लिए यदि कोका कोला या मैगी भारत में अपना सामान बेचकर यदि 70 करोड़ रूपये बनाती है तो RBI उन्हें क़ानूनी रूप से 1 करोड़ डॉलर देने के लिए बाध्य है। इसी तरह जब भी आप कोई विदेशी वस्तु खरीदते है तो भारत पर डॉलर चुकाने का बोझ भी बढ़ जाता है। मैंने Pm को चिट्ठी भेजकर इस समझौते को रद्द करने को कहा है। इसके बाद हम विदेशी कम्पनियों को उतने ही डॉलर चुकायेंगे जितना डॉलर वे RBI में जमा कराती है। मुनाफे में कमाए गए रुपयों के एवज में हम डॉलर नहीं चुकायेंगे।
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फुटनोट : उल्लेखनीय है कि जब चीन ने WTO एग्रीमेंट साइन किया तो उसने विदेशियों द्वारा चीन में कमाए गए येन ( चीनी मुद्रा ) के बदले में डॉलर चुकाने का समझौता करने से इंकार कर दिया था।
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पेज नं 038
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4. #LeaveWTO : विश्व व्यापार संगठन के साथ किये गए एग्रीमेंट को रद्द करने के लिए यह चिट्ठी 22-1-2019 को भेजी गयी।
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विश्व व्यापार संगठन = W.T.O. बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मालिको द्वारा संचालित किये जाने वाला संगठन है। भारत ने यह समझौता 1991-92 में किया था। इस संघठन का उद्देश्य विकासशील देशो पर ऐसी नीतियाँ थोपना है जिससे बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मालिक खनिज संसाधनों एवं राष्ट्रीय सम्पत्तियों का अधिग्रहण कर सके। इस समझौते की आड़ में बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मालिक भारत के प्राकृतिक संसाधनों का तेजी से अधिग्रहण कर रहे है।
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W.T.O. एग्रीमेंट के फर्जी विरोधियो की पहचान : W.T.O. एग्रीमेंट के फर्जी विरोधी सोशल मीडिया में दिन में 4 पोस्ट इस एग्रीमेंट के खिलाफ लिखेंगे और WTO एग्रीमेंट को कोसेंगे। किन्तु ये लोग Pm को चिट्ठी लिखकर WTO एग्रीमेंट रद्द करने के लिए कभी भी नहीं कहते है।
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