> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2019-05-04

Pawan Jury BhilwaraRj

भोपाल लोकसभा क्षेत्र से राईट टू रिकॉल पार्टी के प्रत्याशी पियूष जी जैन

Piyush Jain:

मैं पियूष जैन भोपाल लोकसभा क्षेत्र से राईट टू रिकॉल पार्टी का उम्मीदवार हूँ | बेरोजगारी कम करने और देश की अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए मेरा प्रस्ताव है --जी.एस.टी पूर्ण रूप से हटाना और इसके स्थान पर संपत्ति कर लागू करवाना
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1. क्यों मुझे जीएसटी हटवाना है --- जीएसटी (GST) छोटी इकाईयों का कत्लखाना है। दुसरे विश्वयुद्ध के बाद अपनी अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा करने के लिए बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मालिको ने 1950 में इस कत्लखाने की ड्राफ्टिंग की थी। इसे इस तरह ड्राफ्ट किया गया है, कि यह बड़ी कम्पनियों को अतिरिक्त फायदा पहुंचा कर छोटी इकाईयों को बाजार से बाहर कर देता है। फिर जिन भी देशो में बहुराष्ट्रीय कम्पनियां गयी वहां उन्होंने जीएसटी लागू करवाया। और जहाँ जहाँ जीएसटी लागू हुआ वहां छोटी इकाईयों का कारोबार बड़ी कम्पनियों के हिस्से में चला गया। वैट जीएसटी का छोटा भाई है, और यह भी बड़ी इकाईयों को अतिरिक्त लाभ देता है। भारत में ऍफ़ डी आई आने के बाद पहले वेट आया, और अब वे जीएसटी लेकर आये है। पर छोटी कम्पनियों को खत्म करने में जीएसटी हर लिहाज से वेट का बाप है।
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2. कैसे वेल्थ टैक्स बेरोजगारी कम करेगा
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आज भारत में कारोबार करने या निर्माण करने के लिए सबसे बड़ी चुनौती जमीन की ऊँची कीमते है। वेल्थ टेक्स आने ने धनिक वर्ग द्वारा संग्रहित की गयी अकार्यशील भूमि पर उन्हें कर चुकाना होगा। इससे उन्हें नुक्सान होगा और वे कर से बचने के लिए इस भूमि का व्यावसायिक उपयोग करने लगेंगे या फिर इन्हे रिहाईश या व्यावसायिक उद्देश्य के लिए बेच देंगे। इससे बाजार में जमीन की आपूर्ति बढ़ेगी और जमीन सस्ती हो जायेगी। देश में जमीनों के दाम 5 से 10 गुना तक गिर जाएंगे। जमीने सस्ती होने से व्यापार करना एवं निर्माण इकाइयां लगाना आसान हो जायेगा और वस्तुओ की निर्माण लागत गिरेगी। बड़े पैमाने पर छोटी और मझौली इकाइयों की स्थापना से रोजगार का सृजन होगा, महंगाई घटेगी, प्रतिस्पर्धा बढ़ने से निर्माण की गुणवत्ता में सुधार आएगा और भारत का निर्माण उद्योग तकनिकी रूप से ज्यादा विकास करेगा। तकनिकी गुणवत्ता हासिल करने से भारत आधुनिक स्वदेशी हथियारों के उत्पादन की क्षमता जुटा लेगा और हमारी सेना आत्मनिर्भर और मजबूत होगी।

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वेल्थ टेक्स एक प्रगामी कर है। और इस वजह से ये न्यायपूर्ण है।
हमारा प्रस्ताव है कि सरकार को व्यक्ति द्वारा धारण की गयी वेल्थ पर टेक्स लेना चाहिए। हमारे प्रस्ताव के मुख्य बिंदु निम्न है :
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1. वेल्थ में मुख्य रूप से जमीन को शामिल किया गया है। इसके अलावा सोना, चांदी, महंगी धातुएं, हीरे एवं इसी प्रकार के कीमती पत्थर, महंगी कलाकृतियाँ , पेंटिंग्स, अंशपत्र, ऋण पत्र, बांड्स आदि शामिल है। वेल्थ टेक्स का मुख्य लक्ष्य जमीनों को कर के दायरे में लाना है। जमीन एवं फ्लेट में भूखंड, कृषि भूखंड, फ्लेट्स, इमारतें, कार्यालय, तथा किसी भूखंड पर निर्माण से प्राप्त हुआ स्वामित्व, अपार्टमेन्ट, बंगले, कार्यालय, गोदाम, इमारते, औद्योगिक शेड्स तथा इनमे किये गए सभी प्रकार के निर्माण शामिल है ।
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2.राष्ट्रीय स्तर पर वेल्थ टेक्स का संग्रहण एवं नेशनल वेल्थ टेक्स ऑफिसर करेगा। वेल्थ टेक्स ऑफिसर प्रजा के अधीन होगा। अर्थात देश के नागरिक इस अधिकारी को बहुमत का प्रयोग करके नौकरी से निकाल सकेंगे। इस प्रावधान के कारण वेल्थ टेक्स ऑफिसर धनिक वर्ग के साथ मिली भगत बनाकर जनता के साथ धांधली नहीं करेगा।
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3. प्रति व्यक्ति 25 वर्ग मीटर रिहाइश भूमि, 50 वर्ग मीटर निर्माण एवं 2 एकड़ कृषि भूमि कर मुक्त होगी। प्रति पुरुष 100 ग्राम स्वर्ण एवं प्रति महिला 500 ग्राम स्वर्ण कर मुक्त होगा। इससे अधिक भूमि या स्वर्ण आदि होने पर प्रत्येक व्यक्ति को धारण की गयी अतिरिक्त वेल्थ पर 1% सालाना टेक्स देना होगा। यदि व्यक्ति ने आयकर चुकाया है तो चुकाया गया आयकर देय वेल्थ टेक्स में घटा दिया जाएगा। 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिको को ये छूट 2 गुनी एवं 80 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिको के लिए ये छूटे चार गुना होगी। इससे उन नागरिको पर वेल्थ टेक्स नहीं आएगा, जिनके पास बेहद कम या जीवन यापन कर पाने जितनी ही वेल्थ है।
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4. सभी प्रकार के ट्रस्ट, सोसाईटीयां, सिमितियाँ, एनजीओ, न्यास, क्लब, राजनैतिक पार्टियाँ, धर्मार्ध संगठन, अस्पताल, स्कूल, मंदिर, मस्जिद, चर्च आदि सभी इकाइयां वेल्थ टेक्स के दायरे में होगी। किन्तु यदि कोई चेरिटेबल ट्रस्ट आदि चाहे तो जिन सदस्यों को वह सेवाए देता है प्रति सदस्य 500 रू सालाना की छूट प्राप्त कर सकता है। प्रत्येक नागरिक ऐसे 5 संगठनों को 500 रूपये की छूट दे सकता है। इस तरह जो संगठन वास्तविक अर्थो में सेवाए दे रहे है उन्हें सेवाग्राही सदस्य अपने हिस्से की छूट दे देंगे और उन पर प्रभावी वेल्थ टेक्स कम हो जाएगा। भारत में कुल 33 लाख एनजीओ है। इनमे से ज्यादातर संगठन सरकारी अनुदान में भूमि ग्रहण करते है और इन्हें अकार्यशील बना देते है। इसके अलावा धनिक वर्ग अपने धन को कर मुक्त करने के लिए ट्रस्ट खोल लेते है और इस ट्रस्ट के नाम पर जमीनों का संग्रहण करते है। इस प्रावधान से फर्जी संगठनों के भूमि संग्रहण करने की प्रवृति में कमी आएगी।

5. किसी भी प्रकार का विवाद होने की स्थिति में मामले की सुनवाई नागरिको की ज्यूरी करेगी। ज्यूरी मंडल का चयन मतदाता सूचियों में से रेंडमली किया जायेगा।