Pawan Jury BhilwaraRj
Gopal Dhakad NimbaheraRj:
चुनाव में जीतना बड़ी बात हो सकती है,लेकिन चुनाव हारने के बाद फिर से अपनी विचारधारा को लेकर दुबारा कोशिश करना बड़ा साहस का काम होता है। इस चित्र में जो व्यक्ति है उसे पिछले पांच सालों से जानता हूं जो हर छोटे बड़े चुनाव में इलेक्शन लड़ता है और अकेले ही अपना प्रचार करता है और ऐसे ही पेम्फलेट बाँटता है। इनका हार जाना स्वाभाविक सा लगता है क्योंकि इतनी बड़ी और पैसों से लैस पार्टीयों के आगे टिक पाना नामुमकिन सा है लेकिन इनका चुनाव लड़ना भारत के सविधान की जीत को हर बार सुनिश्चित करता है। लोगो से पता चला की पिछले चुनाव में इनको लगभग 1200 वोट मिले इसका मतलब है कि 1200 से लोगो इनको सुना और इनके मुद्दों को अपनी सहमति दी ये अपने आप में बहुत बड़ी बात है।
आज फिर से इनसे मुलाकात ऑटोस्टेण्ड पर हुई जहां ये प्रतिनिधि अपना पेम्फलेट अकेले ही बांट रहा था ,और लोगो से कह रहा था आप वोट चाहे जिसे भी दें लेकिन एक बार इसको जरूर पढ़ें।
जबतक ऐसे व्यक्ति समाज में है आप निश्चिन्त रहिये प्रजातंत्र सुरक्षित है।
राकेश सूरी
चुनाव चिन्ह- बैटरी टॉर्च
मुख्य मुद्दा-राइट टू रिकॉल=वोट वापस लेने का अधिकार