Pawan Jury BhilwaraRj
भारत में इस समय कोई भी पार्टी या उम्मीदवार नहीं है जो राईट टू रिकॉल, जूरी सिस्टम कानूनों का समर्थन करता हो। मोदी साहेब चुनाव जीतेंगे तब भी ऍफ़ डी आई आएगी और राहुल गांधी जीतेंगे तब भी ऍफ़ डी आई आएगी। मेरे नजरिये में यदि भारत में ऍफ़ डी आई आती रही और जूरी सिस्टम / राईट टू रिकॉल क़ानून न आये तो भारत या तो फिलिपिन्स बन जाएगा या इसका इराकीकरण हो जायेगा।
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तो मेरा सभी छोटे छोटे कार्यकर्ताओं से आग्रह है कि वे सबसे पहले यह फैसला करें कि उन्हें भारत में जूरी सिस्टम, राईट टू रिकॉल, वेल्थ टेक्स चाहिए या नहीं। यदि उन्हें ये क़ानून नहीं चाहिए तो वे मोदी साहेब, राहुल गांधी या अरविन्द केजरीवाल तीनो में से किसी भी वोट दें मेरे लिए एक ही बात है।
लेकिन यदि वे देश में राईट टू रिकॉल, जूरी सिस्टम, वेल्थ टेक्स क़ानून चाहते है तो उन्हें खुद चुनाव लड़ना शुरू करना चाहिए। जब तक छोटे छोटे कार्यकर्ता जूरी सिस्टम, राईट टू रिकॉल कानूनों के मुद्दे पर चुनाव लड़ना शुरू नहीं करेंगे तब तक इन कानूनों की मांग आगे नहीं बढ़ेगी।
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