> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2019-02-06

Pawan Jury BhilwaraRj

#Eiar5 की कुंजी
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घुसपैठियों को निकालने और शरणार्थियों को शरण देने के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट का सारांश
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भारत में लगभग 2 से 3 करोड़ बांग्लादेशी घुसपेठिये अवैध रूप से रह रहे है और इनके पास आधार कार्ड , राशन कार्ड, लाइसेंस, बिजली-पानी के बिल आदि सभी दस्तावेज है। मतदाता सूचियों में भी इनके नाम दर्ज है। ये घुसपेठिये पिछले कई वर्ष से निरंतर भारत में आकर मुख्यतया पूर्वोत्तर वे बसते जा रहे है। इससे धार्मिक जनसँख्या का संतुलन बिगड़ रहा है। चीन, पाकिस्तान, एवं सउदी अरब का समर्थन हासिल होने के कारण ये घुसपेठिये भारत की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। यदि इन्हें पडोसी देश हथियारों की मदद पहुँचाने लगेंगे तो भारत को एक भीषण गृह युद्ध का सामना करना पड़ सकता है। निचे जिस कानूनी ड्राफ्ट का सारांश दिया गया है वह पूरे देश में फैले इन घुसपेठियो को चिन्हित करने और इन्हें देश से बाहर निकालने की व्यवस्था करता है।

( टिपण्णी : इस ड्राफ्ट में दो विशेषताएँ है - (A) शीर्ष अधिकारी को नौकरी से निकालने का अधिकार नागरिको के पास होगा , ताकि उसे दबाया या ख़रीदा न जा सके। घुसपेठियो की सुनवाई एवं दंड देने की शक्ति नागरिको की जूरी के पास होगी, जज के पास नहीं। )
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(1) प्रधानमंत्री घुसपैठियों के अनुसन्धान के लिए एक राष्ट्रीय रजिस्ट्रार की नियुक्ति करेंगे, जिसे राष्ट्रीय रजिस्ट्रार ( NR ) कहा जाएगा | राष्ट्रीय रजिस्ट्रार संबंधित कार्य करने के लिए राज्य रजिस्ट्रारों , जिला रजिस्ट्रारों तथा अन्य अधिकारियों की नियुक्ति करेगा। भारत के मतदाताओं के पास "राईट टू रिकॉल राष्ट्रीय रजिस्ट्रार" की प्रक्रिया होगी, जिससे वे इसे बदल सकेंगे।

(2) प्रधानमंत्री दूरसंचार विभाग को आदेश करेंगे कि वह NR दूरसंचार विभाग से पिछले 2 वर्षों में बांग्लादेश से किये गए और बांग्लादेश को किये गए सभी फ़ोन कॉल्स की सूची प्राप्त करेगा एवं इसकी सहायता से बांग्लादेशी संदिग्धों की सूची बनाएगा |
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(3) कोई भी भारतीय नागरिक निजी या सार्वजनिक रूप से बांग्लादेशी संदिग्धों की सूची दे सकता है, और उसे ये सूची संदेह के आधार पर घटते क्रम में बनानी होगी। यदि सूची में 20% से भी कम त्रुटियाँ हुई, तब राष्ट्रीय रजिस्ट्रार उस व्यक्ति की इच्छानुसार उसे निजी या सार्वजनिक रूप से पारितोषिक दे सकता है।
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(4) NR अपने विवेक और प्राप्त की गयी श्रेष्ठतम सूचनाओं के आधार पर भारत के प्रत्येक जिले में बांग्लादेशियों की अनुमानित संख्या बताएगा |
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(5) NR बांग्लादेश में एजेंटों की नियुक्ति करेगा। NR अपने एजेंटों से भारत में रह रहे संदिग्धों के बांग्लादेश में निवास कर रहे रक्त संबंधियों के ब्लड ग्रुप और डीएनए नमूनों की जानकारी जुटाने के लिए कहेगा।
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(6) NR संदिग्धों के नाम, चित्र और अन्य जानकारी सरकारी वेबसाइट पर रख सकता है, और उनके बांग्लादेशी संबंधियों के नाम और अन्य जानकारी देने के लिए सभी से निवेदन भी कर सकता है।
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(7) प्रत्येक संदिग्ध की सुनवाई के लिए राष्ट्रीय रजिस्ट्रार 30 से 55 वर्ष की आयु के मध्य के 100 मतदाताओं को 5 विभिन्न जिलो से चुनेगा | प्रथम जिला वह होगा जो उस जिले से सबसे निकट है, जहाँ से संदिग्ध पकड़ा गया है और जहाँ बांग्लादेशी जनसँख्या 10% से कम भी है। जूरी मंडल को आरोपी का सार्वजनिक रूप से पॉलीग्राफ टेस्ट, ब्रैनमैपिंग और / या सार्वजनिक नार्को टेस्ट लेने का अधिकार होगा। जूरी मंडल बहुमत से घुसपेठिये को सजा देने के बारे में फैसला करेगा।
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पूरा ड्राफ्ट इस लिंक पर देखें - <https://newindia.in/causes/eiar5>;
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