Pawan Jury BhilwaraRj
देश के कई बुद्धिजीवियों को , पत्रकारों को, संपादको को , अर्थशास्त्रियो आदि को अचानक से यह ज्ञान प्राप्त हो गया है कि नोटबंदी से तो अर्थव्यवस्था को बहुत नुकसान हो गया है , और यह एक गलती थी !! इनमे से ज्यादातर लोग नोटबंदी के समय या तो खामोश थे या फिर इसका समर्थन कर रहे थे।
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पहली बात तो ये कि ये लोग तब भी यह बात अच्छी तरह से जानते थे कि नोटबंदी एक घोटाला है , जिससे भारत की राष्ट्रवादी पार्टी ने सिर्फ महीने भर में ही हजारो करोड़ रूपये बनाये है , और नोटबंदी से अर्थव्यवस्था गर्त में चली जायेगी। लेकिन तब इन्हें चुप रहने के लिए कहा गया था तो ये चुप बैठे थे , या बोल भी रहे थे तो नोट बंदी के समर्थन में बोल रहे थे। और अब चूंकि जनता के सामने यह बात खुलकर आ चुकी है कि मोदी साहेब ने नोट बंदी को देश भक्ति से जोड़कर पूरे देश को मामू बना दिया है , तो अब ये लोग नोट बंदी के फायदे गिनाने की जगह इस बात को ढकने की कोशिश कर रहे है कि यह एक घोटाला था। वे इस घोटाले को एक गलती या चूक साबित करना चाहते है !!!
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राईट टू रिकॉल ग्रुप ने नोटबंदी के दौरान ही जनता को यह जानकारी देना शुरू कर दी थी कि नोटबंदी एक घोटाला है और राष्ट्रवादी लोग इस घोटाले से हजारो करोड़ बना रहे है , और नोटबंदी देश की अर्थव्यवस्था को हर लिहाज से नुकसान ही पहुंचाएगी। हमने नागरिको तक ये जानकारी पहुँचाने के लिए दैनिक भास्कर में पूरे पृष्ठ का विज्ञापन भी दिया था। इस विज्ञापन की विषय वस्तु और इस लिंक पर देखें जा सकते है --- <https://www.facebook.com/photo.php?fbid=1132775560174012&set=a.778193075632264.1073741827.100003247365514&type=3&theater>
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