Pawan Jury BhilwaraRj
संघ द्वारा अचानक से राम मंदिर निर्माण के लिए क़ानून और अध्यादेश लाने की मांग होने लगी है। लेकिन ड्राफ्ट अब तक नदारद है !!
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भाजपा के शीर्ष नेता श्री मोहन भागवत ने सबसे पहले मंदिर निर्माण के लिए क़ानून बनाने की मांग की और अब संघ के कई नेता भी अपने अपने तरीके से अध्यादेश लाने की बात कर रहे है। लेकिन अब तक इन्होने अपना ड्राफ्ट सार्वजनिक नहीं किया है !!
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हम पिछले 5 साल से संघ के नेताओ और कार्यकर्ताओ को बार बार कह रहे है कि यदि राम मंदिर निर्माण करना है तो उसके लिए गैजेट नोटिफिकेशन निकालना पड़ेगा , और जब तक हमारे पास इसका ड्राफ्ट नहीं है तब तक राम मंदिर निर्माण के लिए क़ानून नहीं बन सकता। और जब उनसे ड्राफ्ट माँगा जाता है तो संघ के अलग अलग कार्यकर्ताओ से अलग अलग जवाब मिलते है। कोई कहता है अभी ड्राफ्ट बन रहा है , कोई कहता है अभी ड्राफ्ट लिखने का राईट टाइम नहीं आया , कभी कहते है बस एक दो हफ्ते में दे देंगे आदि आदि। और जब हमने मंदिर निर्माण का ड्राफ्ट लिखकर उन्हें दिया तो उन्होंने नयी लाइन ले ली -- वे कहने लगे कि, ड्राफ्ट से क्या होगा हम बिना ड्राफ्ट ही मंदिर बना देंगे , और वैसे भी अभी मामला सुप्रीम कोर्ट में है और राज्यसभा में भी बहुमत नहीं है, आदि आदि।
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और अब चुनाव करीब आने पर जब भागवत जी ने सरकार से क़ानून लाने की मांग की तो हमने कहा कि यही बात हम पिछले 5 साल से कह रहे थे और आप हमे बेवकूफ बता रहे थे। और इस तरफ हमें बेवकूफ बताकर आपने पूरे 5 वर्ष व्यतीत कर लिए। अब जब आप भी कानून लाने की बात कर रहे है तो अब तो कम से कम क़ानून का ड्राफ्ट दीजिये। जब तक आप ड्राफ्ट सार्वजनिक नहीं करेंगे तब तक हमें कैसे मालूम होगा कि आप जो क़ानून लाने वाले है उससे मंदिर निर्माण संभव होगा या नहीं। लेकिन अब तक संघ की तरफ से कोई भी ड्राफ्ट सामने नहीं आया है।
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मेरा सभी कार्यकर्ताओ से आग्रह है कि वे संघ=बीजेपी के स्वयसेवकों से उस क़ानून का ड्राफ्ट देने के लिए कहे जिसकी मांग श्री मोहन भागवत कर रहे है। लोकसभा चुनाव में सिर्फ 3 माह शेष है। यदि संघ के नेता इन 3 महीनो में भी मंदिर निर्माण का ड्राफ्ट नहीं देते तो यह तय है कि वे फिर से नारे लगाकर मंदिर के नाम पर वोट इकट्ठे करने की योजना बना रहे है। अत: कृपया उनसे मंदिर निर्माण के लिए आवश्यक क़ानून का ड्राफ्ट मांगे।
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और यदि वे फिर से पुराने लाइन लेते है , यानी मामला सुप्रीम कोर्ट में है , राज्य सभा में बहुमत नहीं है, आदि जवाब देते है तो उनसे कहिये कि जब मंदिर अदालत के आदेश से ही बनना है तो फिर आपको हम मंदिर बनाने के लिए वोट क्यों दें !!
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हमारे द्वारा प्रस्तावित क़ानून ड्राफ्ट इस लिंक पर देखा जा सकता है -- <https://www.facebook.com/ProposedLawsHindi/posts/838551942989668>
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