Pawan Jury BhilwaraRj
भारत को राईट टू रिकॉल एवं ज्यूरी सिस्टम क़ानूनो की जरूरत क्यों है ?
भारत में बहुराष्ट्रीय कम्पनियो एवं मिशनरीज का प्रभुत्व बढ़ता जा रहा है। मेरे मेरे विचार में, यदि ये क़ानून लागू नहीं किये गये तो भारत में विज्ञान-गणित की शिक्षा का स्तर गिरता जाएगा , बड़े पैमाने पर गरीबी आएगी, बेरोजगारी बढ़ेगी , हम इंजीनियरिंग के क्षेत्र में पिछड जायेंगे , स्थनीय निर्माण इकाइयां या तो बंद हो जायेगी या विदेशी इनका अधिग्रहण कर लेंगे , हमारी सेना आयातित हथियारों पर निर्भर होकर और भी कमजोर हो जायेगी और भारत में बड़े पैमाने पर इसाई धर्म में धर्मान्तरण होंगे। इन कानूनों के अभाव में हमारी भारत कुछ ही वर्षो में बहुराष्ट्रीय कंपनियों का एक उपनिवेश बन कर रह जाएगा। यह स्वाभाविक प्रक्रिया है। यदि कोई उपाय नहीं किया गया तो इसे रोका नहीं जा सकता। क्योंकि इस प्रक्रिया को बढाने वाले क़ानून पहले से ही मौजूद है। और यदि इस दौरान हमारा सामना युद्ध से होता है , जिसकी सम्भावना बेहद ज्यादा है, तो भारत का इराकीकरण हो जाएगा। यदि ये क़ानून लागू नहीं किये गए तो ज्यादातर से भी ज्यादा सम्भावना है कि भारत को जातीय एवं धार्मिक आधार पर एक सिविल वॉर का सामना करना पड़ेगा जिसके नतीजे में भारत के भौगोलिक रूप से और भी विभाजित होने की संभावनाएं प्रबल है।
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पवन कुमार शर्मा - भीलवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से राइट टू रिकॉल के उम्मीदवार
चुनाव चिन्ह - प्रेशर कुकर
evm पर क्रमांक - 15
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