Pawan Jury BhilwaraRj
हम रिकालिस्ट्स का मानना है कि ,यदि भारत के कार्यकर्ता राईट टू रिकॉल , जूरी सिस्टम , NHDMT , वेल्थ टेक्स , एमआरसीएम क़ानून ड्राफ्ट्स को गेजेट में प्रकाशित करवाने में असफल रहते है, तो यह तय है कि अमेरिका-ब्रिटेन की बहुराष्ट्रीय कम्पनियां जल्द ही हमारे सभी प्राकृतिक संसाधनों का अधिग्रहण करके भारत को एक विशाल फिलिपिन्स* में परिवर्तित कर देगी, और इस प्रक्रिया में करोड़ो की संख्या में धर्मान्तरण होंग। और यदि वे भारत को एक विशाल फिलिपिन्स में तब्दील नहीं कर पाए तो हमारी स्थिति और भी बदतर हो जायेगी, क्योंकि तब ज्यादातर से भी ज्यादा सम्भावना है कि वे भारत का इराकीकरण** करने में सफल हो जायेंगे ।
.
(*) फिलिपिन्स हो जाने से आशय - बहुराष्ट्रीय कम्पनियों ने फिलिपिन्स के सभी प्राकृतिक संसाधनो एवं राष्ट्रीय सम्पत्तियों का अधिग्रहण कर लिया , उनके विज्ञान-गणित की शिक्षा के ढाँचे को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया, उनकी सभी तकनीक के क्षेत्र की स्थानीय निर्माण इकाइयों को निगलकर उन्हें आयात पर निर्भर कर दिया, और वहां की पूरी की पूरी आबादी को इसाई धर्म में कन्वर्ट कर दिया। और इस प्रक्रिया में उन्हें एक भी गोली नहीं चलानी पड़ी !! और फिलिपिन्स की जनता को आज तक भी यह समझ नहीं आया है , कि उनके साथ ऐसा कैसे और कब हुआ !!!
.
(**) इराकीकरण हो जाने से आशय - यदि अमुक देश का नेता बहुराष्ट्रीय कम्पनियों को प्राकृतिक संसाधनों का अधिग्रहण करने , धर्मान्तरण करने औरविज्ञान-गणित का ढांचा तोड़ने में बाधा डाले तो बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के मालिक अमुक देश पर उसी तरह से सेना का इस्तेमाल करते है, जिस तरह उन्होंने ईराक पर किया !!
.
भारत तेजी से फिलिपिन्स बनने की दिशा में दौड़ लगा रहा है। इस प्रक्रिया को सिर्फ जूरी सिस्टम , हथियार बंद नागरिक समाज और राईट टू रिकॉल कानूनों को लागू करके ही रोका जा सकता है। अन्य कोई उपाय ही नहीं है। मैं पिछले 4 वर्षो से न तो टीवी देख रहा हूँ और न ही अखबार पढ़ रहा हूँ, और इसी वजह से मैं इस प्रक्रिया को देख पा रहा हूँ। जब तक आप टीवी और अख़बार से खुराक लेते रहेंगे तब तक आपको भी यह प्रक्रिया दिखाई नहीं देगी। टीवी एवं अखबार का नशा इतना गाढ़ा है कि फिलिपिन्स वाले आज भी टीवी ही देख रहे है , उन्हें पता ही नहीं चला कि कब मिशनरीज ने उनके पूरे देश को टेक ओवर कर लिया !! इराकियों के साथ उतना बुरा नहीं हुआ, क्योंकि वे यह देख पा रहे थे कि वे लुट रहे है।
.
मेरा सभी नागरिको / कार्यकर्ताओ से आग्रह है कि वे अपने क्षेत्र के उम्मीदवारों को राईट टू रिकॉल , जूरी सिस्टम एवं हथियार बंद नागरिक समाज कानूनों को अपने एजेंडे में शामिल करने को कहे।
.
मैंने प्रधानमंत्री , मुख्यमंत्री , एस पी , शिक्षा अधिकारी , सीबीआई निदेशक आदि को शामिल करते हुए लगभग 35 पदों के लिए राईट टू रिकॉल प्रक्रियाओ के ड्राफ्ट दिए है। मेरा दूसरा मुख्य मुद्दा जूरी सिस्टम है। यदि आप चाहते है कि भारत के नागरिको को अपने जिले के एसपी को चुनने एवं नौकरी से निकालने का अधिकार मिलना चाहिए तो मेरा समर्थन करें।
.
पवन कुमार शर्मा - राईट टू रिकॉल के लिए भीलवाड़ा विधानसभा से प्रत्याशी
चुनाव चिन्ह - प्रेशर कुकर
.
===============