Pawan Jury BhilwaraRj
जिताऊ उम्मीदवार को वोट देने के चक्कर में ज्यादातर लोग अपना वोट खराब कर देते है !! और कैसे इससे बचा जा सकता है ?
.
वोटिंग में सबसे बड़ा फेक्टर है - व्यक्ति उसे वोट देना चाहता है, जिसके जीतने की सम्भावना हो। यदि किसी प्रत्याशी के जीतने की सम्भावना न हो तो व्यक्ति उसे वोट देना पसंद नहीं करता। क्योंकि उसे "लगता" है कि हारने वाले उम्मीदवार को वोट देने से उसका वोट खराब हो जाएगा। इस वजह से ज्यादातर वोटर बड़ी पार्टियों से असंतुष्ट होने के बावजूद इन बड़ी पार्टियों से चिपके रहते है। जब किसी बड़ी पार्टी से उनका मोहभंग हो जाता है तो वे फिर से किसी बड़ी पार्टी का आश्रय ले लेते है।
.
दूसरी तरफ , ये बड़ी पार्टियाँ भी जानती है कि मतदाता सिर्फ बड़ी पार्टियों को ही वोट देने वाले है , अत: वे खुद को सुरक्षित महसूस करते है और प्रजाहित के मुद्दों की अवहेलना करते है। वे जानते है कि घूम फिर कर मतदाता गिनी चुनी स्थापित पार्टियों को ही वोट करने वाले है।
.
इस तरह यह एक दुश्चक्र बन जाता है, और मतदाता एक बदतर एजेंडे वाली पार्टी को सिर्फ इसीलिए वोट करते चले जाते है , क्योंकि उनके जीतने की सम्भावना है। इस तरह ज्यादातर मतदाता अपना वोट खराब न करने के चक्कर में एक बदतर एजेंडे वाली पार्टी को वोट देकर अपना वोट खराब कर देते है।
.
समाधान - यदि आपके क्षेत्र में किसी उम्मीदवार ने बेहतर एजेंडे प्रस्तुत किया है तो उसके जीतने की सम्भावना नगण्य होने के बावजूद अमुक उम्मीदवार को वोट करें। यदि किसी अच्छे एजेंडे को ज्यादा वोट मिलेंगे तो वह एजेंडा ज्यादा चर्चा में आएगा , तथा अन्य लोग भी उस एजेंडे का समर्थन करने लगेंगे। और तब एक बिंदु ऐसा आएगा जब बड़ी पार्टियाँ इस अच्छे एजेंडे को अपने घोषणा पत्र में शामिल करने के लिए बाध्य हो जायेगी। इस तरह आपका 1 वोट किसी अच्छे एजेंडे को आगे बढाने में काम आ सकता है। जब आप अच्छे एजेंडे वाले किसी हारने वाले उम्मीदवार को वोट करते है तो आपका वोट अच्छे एजेंडे को आगे बढाता है , जबकि एक जिताऊ लेकिन बदतर उम्मीदवार को वोट देने से आपका वोट खराब हो जाता है।
.
मेरे विचार में राईट टू रिकॉल एवं जूरी सिस्टम कानूनों को लागू करवाना एक बहुत ही अच्छा एजेंडा है, और आप सभी को इसे आगे बढाने का प्रयास करना चाहिए। मैं पवन कुमार शर्मा राईट टू रिकॉल , जूरी सिस्टम क़ानूनो के प्रचार के लिए भीलवाड़ा विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी हूँ। यदि आप चाहते है कि अमेरिका के नागरिको की तरह भारत के नागरिको के पास भी "वोट वापस लेने का अधिकार" होना चाहिए तो मेरा समर्थन करें। मेरा एजेंडा एवं प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट्स देखने के लिए मेरी फेसबुक प्रोफाइल का कवर पेज क्लिक करें और डिस्क्रिप्शन देखें।
पवन कुमार शर्मा - भीलवाड़ा सीट से राईट टू रिकॉल ग्रुप की और से प्रत्याशी
चुनाव चिन्ह - प्रेशर कुकर
.
=======