Pawan Jury BhilwaraRj
Kg Kadam:
अभी कुछ सालों तक और चुनाव हमारे लिए "रोमांच" और लड़ने वालों के लिए "व्यवसाय मात्र" बना रहेगा.. बाद में वक्त के साथ स्थितियां बदल जायेगी.. तब फिर नेता की नही जनता की पकड़ मजबूत होगी.. फिलहाल राजनीति का लालच सिर्फ सरकारी खजाने का भण्डार और कमीशन की मोटी रकम के कारण है.. उपर से नेता होने का अहंकारी भाव .. समाज में इज्जत.. दो चार लोगों से घिरे रहना.. वगैरहा वगैरहा ये सब कारण व्यक्तिगत स्वार्थ से भरे है.. साथ लगे कार्यकर्ता महज इस लोभ में रहते कि कभी कुछ काम होगा तो ये निकलवा लेगें.. गलत भी हुआ तो साथ देगें.. गाडी छुड़वा देगें .. प्लॉट दिलवा देंगे .. आदि ..सबके छोटे छोटे स्वार्थ तो होते ही है.. बड़े कार्यकर्ता बड़े लालच की उम्मीद में साथ लगते है..जैसे बड़ा कोई पद वगैरहा .. जो इस तरह के नेताऔ के करीब नहीं होते यानी आम आदमी .. उन्हैं हाथ छोडे जाते है.. वोट हमें दीजिए ..ताकि हम आपके विकास के लिए मिले पैसौ को डकार सकें ..कमीशन कमीशन खेल सकें ..
ये सच्चाई है.. शहरी मतदाता थोडा समझदार हुआ है.. लेकिन गांवो में अशिक्षा का भरपुर फायदा इन नेताऔ ने उठाया है..
इस गंभीर समस्या का समाधान भी है .. मगर उस पर विचार करने हेतु दिल आसानी से मानेगा नहीं .. लेकिन ये विचार शुरू हो चुका है.. भगतसिंह से लेकर राजीव जी दीक्षित जैसे राष्ट्र प्रेमी लोग इसके समर्थक रहे है.. जैसे विदेशों में ये सिस्टम लागू है वहां कोई नेता, अधिकारी कुछ गलत करता है तो जनता जब चाहे उसे हटा सकती है.. इस सिस्टम को "राईट टू रिकाॅल " कहते है.. हमारे यहाँ भी.. भ्रष्टाचार , कमिशन, घोटाले, मनमानी, आदि कई समस्याएं है.. इसके समाधान हेतु हम विचार कर सकते है.. करना भी चाहिए .. नेताऔ को चिन्तित होने की जरूरत नहीं वे योग्य होगे तो जनता चुन लेगी.. गलत करेंगे तो फिर हटा भी लेगी.. ये पैसे देकर टिकट खरिदने का चक्कर खत्म.. फिर सही व्यक्ति ही चुना जायेगा ..
अभी ये सब बातें चाहे सामान्य लगे ..लोग नजर अन्दाजा करे पर आने वाले वक्त में ये सब जरूर होगा.. नयी पीढी शिक्षित हो रही है वे अच्छे बुरे का आकलन जरूर करेगी.. अधिक जानकारी के लिए भीलवाड़ा में एक्टिव राईट टू रिकाॅल के सदस्य आपको सब समझा सकते है..