Pawan Jury BhilwaraRj
Ishwar Choudhary BhilwaraRj:
दीपावली के अवसर पर लोकतांत्रिक आचरण करने के लिए भारतीयों को बहुत बहुत बधाई।
लोकतांत्रिक आचरण:- किसी भी जगह लोकतांत्रिक तरीके से किया जाने वाला आचरण, अर्थात बहुमत से किया जाने वाला कार्य चाहे अल्पमत वालों के लिए वह कितना ही गलत, गैरकानूनी क्यों न हो।
दीपावली के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट ने प्रदुषण का हवाला देते हुए आतिशबाजी का वक़्त निर्धारित किया था तथा पुलिस को इस आदेश का पालन करवाने के निर्देश भी दिए थे।
लेकिन भारतीय लोगों ने किसी समय सीमा में न बंधकर जमकर आतिशबाजी की व सभी आदेश व निर्देशों के पन्नों को आतिशबाजी में स्वाहा कर दिया।
यही असल लोकतंत्र की परिभाषा है, कोई सरकार, कोई कोर्ट, कोई पर्यावरणविद, कोई संस्था बहुमत के निर्णय से ऊपर नहीं है। लोग बहुमत में जो सोचें जो करें वही लोकतंत्र है इसे ही कल जनता ने साबित किया।
और सिर्फ यही राइट टू रिकॉल ग्रुप की मांग है कि कोई भी फैसला करने का अधिकार लोगों (बहुमत) के पास हो। किसी अमुक पद पर व्यक्ति को बैठाने और हटाने का अधिकार, किसी भी घटना या नियम को सही या गलत करार देने का अधिकार, आतिशबाजी करने ना करने का अधिकार, मंदिर बनाने न बनाने का अधिकार, आरक्षण बनाए रखने या हटाने का अधिकार, गरीब बने रहने या अमीर बनने का अधिकार, आधार बनवाने या न बनवाने का अधिकार, सोना रखने या मंदिर में दान करने का अधिकार, अपराधी को सज़ा देने निर्दोष को बरी करने का अधिकार आदि।
राइट टू रिकॉल ग्रुप को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से समर्थन देने के लिए भारतीय जनता का आभार।