> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2018-11-06

Pawan Jury BhilwaraRj

प्रस्तावित धन वापसी vs प्रस्तावित एम आर सी एम
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अकेला धन वापसी क़ानून सिर्फ़ 5-10 साल में पूरे देश और 90% भारतियों को को हमेशा के लिए कंगाल कर देने के लिए काफ़ी है !!

Rahul Mehta Gandhinagar LsCandidate:

#OpposeDhanVapasi , support #Minerals3
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hindi ; DhanVapasi ruins India, MRCM can stop it ; OpposeDhanVapasi
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youtube link ---- <https://www.youtube.com/watch?v=jAf3PnaGczI>;
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why DhanVapasi will ruin India, and how MRCM is only law-draft which can stop DhanVapasi -
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सबसे अधिक जरुरी कारण हैं कि क्यों मैं राजेश जैन द्वारा प्रस्तावित “धनवापसी” बिल को बेकार और फालतू मानता हूँ और क्यों <https://newindia.in/causes/Minerals3>; पर रखा Minerals3 कानून ड्राफ्ट उससे कई गुना अच्छा है ?
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(1) धनवापसी बिल सरकारी भू-खंडो को बेचने की बात करता हैं ना कि किराये से देने की !! राईट टू रिकॉल पार्टी का प्रस्ताव है कि इन भू-खंडो से मासिक किराया इकठ्ठा किया जाए और उसे प्रति 3 वर्ष में संशोधित किया जाए और लीज की अवधि 1 से 15 वर्ष तक हो सकती है और दर के मामलों में 30 वर्ष भी हो सकती है | तो हमारा प्रस्ताव महंगाई रहित है क्योंकि यदि महंगाई बढती है, तब किराया भी बढेगा !! और सरकार के पास शहरी क्षेत्रों में कुछ लाख एकड़ से ऊपर की जमीन भी है और यदि 5% भी प्रति साल बेचीं जाती है, तब जो कीमते मिलेगी वो बहुत कम होगी, लेकिन 20 वर्षों के बाद जब सभी जमीने बिक जाएँगी, तब जमीनों के मालिक संघ बना सकते हैं और कीमतों को 10 गुना बढ़ा सकते हैं !! MRCM=Minerals3 में, जमीन केवल लीज पर दी जाएगी और लीज खत्म होने पर उसे फिर लीज पर दिया जायेगा और किराया हर 3 वर्षों में संशोधित किया जायेगा तो इसलिए मुट्ठी भर कुधनिक मार्किट पर कब्ज़ा कर नहीं सकते |
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(2) इसी प्रकार, धनवापसी बिल खनिज खदानों को बेचने की बात करता है जबकि Minerals3 खनिज रोयल्टी को आम नागरिको और सेना में वितरित करने की बात करता हैं | और सरकारी माइनिंग कंपनियों और प्राइवेट माइनिंग कंपनियों के बीच कम्पटीशन बढ़ाकर, नागरिकों को ज्यादा से ज्यादा रोयल्टी प्राप्त हो सकती है | धनवापसी खनिज खदानों को बेचने की बात करता है | तो मान लेते है कि सभी खदाने नीलम कर दी जाती है | तब खदान मालिक आपस में संघ बनाकर खनिजो की आपूर्ति को घटा देंगे और इससे खनिजो की कीमते आसमान छू जाएँगी | जबकि Minerals3 में , नागरिक एक न्यूनतम राशी को कर सकते है जो बोली जीतने वाले को निकलना होगी और इस तरह खनिजो की आपूर्ति को बनावटी रूप से घटाया नहीं जा सकता |
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(3) धनवापसी बिल 5 से 7 सरकारी अंग बनाता है जो प्लॉट्स /माइंस का, नीलामी, वितरण आदि का डेटाबेस मैनेज करेंगे, लेकिन इन अंगों में किसी भी अधिकारी को भारतीय मतदाताओं द्वारा रिकॉल नहीं किया जा सकता और इस बिल के अन्दर किसी भी जूनियर या सीनियर अधिकारी के विरुद्ध जूरी सुनवाई का कोई प्रावधान नहीं है | तो भ्रष्टाचार चरम पर होगा जैसा कि आज है | जबकि Minerals3 में, शीर्ष अधिकारी वोटर्स के द्वारा रिकॉल किये जा सकते हैं और अन्य अधिकारीयों को जूरी सदस्य दंड दे सकते हैं | इसलिए MRCM=Minerals3 प्रशासन व्यवस्था में भ्रष्टाचार और हानिकारक सांठ-गांठ की सम्भावना बहुत कम है |
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(4) नीलामी करवाने वाले अधिकारी किसी भूमि के प्लॉट्स और खदानों का आकार बहुत बड़ा बना सकते हैं और इस वजह से कुछ लोग ही बोली लगा पाएंगे और इस तरह कुल प्राप्त बोलियाँ कम होगी | Minerals3 में, नागरिक ऐसे अधिकारीयों को पद से हटा सकते हैं और उनके स्थान पर किसी अच्छे व्यक्ति को पदासीन कर सकते हैं | तो Minerals3 के अंदर बड़े प्लॉट्स बनाकर कुधनिको को लाभ पहुचाना काफी मुश्किल है जबकि धनवापसी में ये बहुत ज्यादा होगा |
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(5) कुछ फर्जी रिकालिस्टस ने हमारे द्वारा प्रस्तावित MRCM= Minerals3 प्रस्ताव को पूरा कॉपी किया है और उसमे कुछ 2-3 सुन्दर से खंड जोड़े हैं जैसे कि “अधिकारी एक अच्छी वेबसाइट बनाये” और कुछ फालतू के शब्द जैसे “नागरिक प्रमाणिक” जोड़ दिए हैं और कुछ टेक्नोलॉजी शब्द जैसे “पोर्टल” आदि जोड़ दिए हैं !! वे दावा कर रहे हैं कि उनका MRCM का संस्करण(वर्जन) बहुत बेहतर है क्योंकि सिर्फ उसमे “अधिकारी एक अच्छी वेबसाइट बनाये” जैसे खंड हैं !! और आगे उनका दावा राईट टू रिकॉल पार्टी द्वारा प्रस्तावित मूल MRCM ड्राफ्ट भारत में तबाही ला देगा क्योंकि उसमे वेबसाइट का क्लॉज़ नहीं है !! ये केवल रिकालिस्ट को गुमराह करने के लिए किया जा रहा है और धनवापसी जैसे प्रस्तावों को लाने में सहायता देने के लिए है | MRCM में भारत के मतदाता बहुमत का प्रयोग कर किसी भी शीर्ष अधिकारी को रिकॉल/ रिप्लेस कर सकते है और जूरी सदस्य स्टाफ पर आर्थिक दंड लगा सकते हैं अथवा नौकरी से निकाल सकते हैं अथवा कारावास की सजा दे सकते हैं | इसलिए शीर्ष अधिकारी और उनका स्टाफ एक अच्छी वेबसाइट बनाने के लिए भरसक प्रयास करेंगे और इसलिए हमने किसी “अच्छी वेबसाइट” जैसे फालतू क्लॉज़ को नहीं रखा है | इसी प्रकार, 10 से भी ज्यादा ऐसे भ्रामक प्रस्ताव जोड़े जा सकते हैं जैसे कि अधिकारी शिकायत पर 15 दिनों में कार्यवाही करे, अधिकारी समय पर ऑफिस आयें और ना जाने क्या क्या | इसलिए हमारे विचार में, ऐसे प्रस्ताव किसी कानून ड्राफ्ट में भ्रामक है |
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(6) बहुत से फर्जी रिकालिस्ट नए कार्यकर्ताओं को फ़ोन करते हैं और कहते हैं “कृपया इस निजी फ़ोन नंबर पर एस.एम.एस. भेजें, इस निजी वेबसाइट पर रजिस्टर करवाएं, किसी प्राइवेट ऑफिस या ईमेल पर अपनी वोटर आई डी की फोटोकॉपी या स्कैन कॉपी भेजें और अन्य लोगो से भी यही सब करने को कहें” और ऐसा करने से MRCM भारत में आ जायेगा !! सतर्क रहें – ये सिर्फ आपके उद्देश्यों और भावनाओ का इस्तेमाल अपनी प्राइवेट वेबसाइट के प्रचार प्रसार के लिए कर रहें हैं और उन्हें किसी भी राईट टू रिकॉल ड्राफ्ट या MRCM कानून में कोई दिलचस्पी नहीं है !!
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इसलिए धनवापसी केवल समय की बर्बादी और बकवास है | कृपया सभी को बताये कि क्यों MRCM=Minerals3 ज्यादा बेहतर प्रस्ताव है |
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यदि आप Minerals3 का समर्थन करते हैं तो कृपया Minerals3 पेटीशन को केंद्र सरकार की वेबसाइट <https://newindia.in/causes/Minerals3>; पर जाकर वोट करें और साथ में ये ट्वीट भी भेजें-- "@PmoIndia #Minerals3 <https://newindia.in/Minerals3>; "
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