> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2018-08-31

Pawan Jury BhilwaraRj

पहली बार जातीय जनगणना !!
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1931 की जनगणना के अनुसार ओबीसी की आबादी 52% है . वीपी सिंह आबादी के अनुपात में ओबीसी को 52% आरक्षण देना चाहते थे किन्तु सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ओबीसी को 27% आरक्षण दिया गया। तब से आज तक जातीय जनगणना नहीं की गयी है। बीजेपी के नेता जातीय जनगणना का यह कहकर विरोध करते आये है कि इससे जातीय आधारित राजनीती को बढ़ावा मिलेगा। बहरहाल , मोदी साहेब ने 2021 की जनगणना में ओबीसी के आंकड़े जुटाने का आदेश दिया है। यदि यह आंकड़े सामने आते है तो देश में जातीय आधारित राजनीति का एक नया अध्याय शुरू होगा !! जाति के आधार पर राजनीति करने के मामले में मोदी साहेब अपने सभी पूर्ववर्तियों को पछाड़ देने का संकल्प लिए हुए है !!!
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आरक्षण आबादी के अनुपात में दिया जाता है। क्यों न देश की सभी जातियों की जनगणना की जाए और जिस जाति की जितनी आबादी है , उस जाति को उसी अनुपात में आरक्षण दे दिया जाए। उदाहरण के लिए यदि राजपूत कुल आबादी का 10% है तो उन्हें 10% एवं पटेल यदि 7% है तो उन्हें 7% आरक्षण दिया जा सकेगा। इस तरह 100% आबादी को जातिय आधार पर 100% दिया जा सकता है। इससे झगडे की वजह ही समाप्त हो जायेगी। सभी को आरक्षण। प्रत्येक जाति का कोटा तय हो जाएगा है , और कोई किसी के कोटे में हस्तक्षेप न कर सकेगा।
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यह हमारा प्रस्ताव नहीं है। किन्तु यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो हम इसका विरोध नहीं करते।
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