Pawan Jury BhilwaraRj
मोदी साहेब का मास्टर स्ट्रोक -- भारत सरकार ने जिओ इंस्टीट्युट को IoE ( IoE = institute of excellence) का दर्जा दिया !!!
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लेकिन मौजूदा नीति के अनुसार -- निजी कोलेज वगेरह को सरकारी अनुदान नहीं दिए जा सकते। क्योंकि जिओ ने अभी तक अपना बैंक एकाउंट नहीं खुलवाया है !! हम देखेंगे कि "जैसे ही श्याम प्लेटफोर्म पर पहुंचा वैसे ही रेलगाड़ी चल दी" कि तर्ज पर जिओ द्वारा बेंक एकाउंट खुलवाते ही सरकार कि यह नीति बदल जायेगी।
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एक बार एक व्यक्ति ने किसी संत से पूछा था की -- "यदि ईश्वर मौजूद है तो मुझे वह दिखाई क्यों नहीं देता" ? संत ने जवाव दिया , "दूध खट्टा हुए बिना कितनी देर तक टिका रह सकता है। लगभग एक दिन। लेकिन यदि आप इसका दही जमा दे तो अगले 2-3 दिन तक इसका सेवन किया जा सकता है। बटर बनाने पर यह लगभग सप्ताह भर तक खराब नहीं होगा और यदि आप इससे घी बना लेते है तो इसे सालों तक खाया जा सकता है। तो इस तरह दूध में वर्षो तक टिके रहने का गुण है , लेकिन क्या आप इसे देख सकते है ?
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तो जिओ के पास आज छात्र नहीं है , शिक्षक नहीं है और यहाँ तक कि इमारत भी नहीं है। लेकिन यह तय है कि आने वाले समय में जिओ के पास एक विशाल इमारत , नोबेल पुरूस्कार प्राप्त महान शिक्षक और अति मेधावी छात्र होंगे। यह विश्वनीय है कि मुकेश भाई भी रोकेफेलर एवं रोथ्स्चाइल्ड कि तरह IoE के लिए नोबेल कमिटी को सेट कर सकते है।
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तो किसी व्यक्ति में यह काबिलियत होनी चाहिए कि वह एक बीज में पूरा पेड़ देख सके। और ऐसे किसी बीज को बीज न कहकर सीधे पेड़ कह कर संबोधित करने के लिए और भी ज्यादा असाधारण मेधा कि जरूरत होती है। और सौभाग्य से हमारे पास ऐसा प्रधानमंत्री है जो ऐसी ईश्वरीय मेधा से प्लावित है।
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और मुकेश भाई ने मोदी साहेब को इसके एवज में जो तर्क दिया वह भी एकदम वाजिब था -- "अगर आप ऐसे बी ए का तमगा ले सकते है तो मेरा कोलेज IoE का स्टेट्स क्यों न पा सकता" !!
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कुल मिलाकर बिना इमारतो, बिना शिक्षको एवं बिना छात्रों के किसी कोलेज के लिए असाधारण संस्थान का दर्जा हासिल कर लेना वाकई में एक असाधारण उपलब्धि है। और यह कहने कि जरूरत नहीं कि ऐसा मास्टर स्ट्रोक सिर्फ मोदी साहेब कि लगा सकते है।
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