Pawan Jury BhilwaraRj
4 जुलाई - कारगिल युद्ध में संघर्ष विराम की घोषणा इसी दिन की गयी थी । 30 जून को मोदी साहेब अमेरिका से रवाना हुए और 1 जुलाई को क्लिंटन ने नवाज़ शरीफ़ को वाशिंगटन तलब किया । 2 जुलाई को ही यह तय पा लिया गया था कि भारत पाकिस्तान को सेफ़ पेसेज देगा और पोईंट .5353 पाक के क़ब्ज़े में रहेगा ।
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लेकिन क्लिंटन चाहते थे कि यह विराम 4 जुलाई को घोषित किया जाए । वजह - 4 जुलाई अमेरिका का स्वतंत्रता दिवस था , और वे जश्न का मौक़ा गँवाना नही चाहते थे । रात 3 बजे क्लिंटन ने वाजपेयी को संघर्ष विराम की घोषणा करने के आदेश जारी किए । वाजपेयी ने 4 बजे जनरल को यह आदेश फोरवर्ड किया और प्रातः 6 बजे भारत ने संघर्ष विराम की घोषणा की ।
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कई क्षेत्रों में FDI की अनुमति देने से लेकर भविष्य में परमाणु परीक्षण / अनुसंधान न करने तक की कई शर्तें भारत ने मानी । इस तरह कारगिल युद्ध में भारत-पाक दोनो की हार हुयी और अमेरिका जीत गया ।
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अमेरिका ने तब से भारत की राजनीतिक-आर्थिक-सामरिक व्यवस्था पर जो पकड़ बनायी वह दिनो दिन और भी मजबूत होती जा रही है । राईट टू रिकॉल , जूरी सिस्टम , वेल्थ टेक्स और हथियारबंद नागरिक समाज जैसे कानूनो को लागू किए बिना इस शिंकजे से आज़ाद नही हुआ जा सकता है ।
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( सबूत भगत तथ्यों की पुष्टि के लिए गूगल करें , मुझसे लिंक उपलब्ध करवाने का आग्रह न करे )
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