Pawan Jury BhilwaraRj
सबूत भगतो के लिए --
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क्या सोनिया गाँधी को आज तक किसी अदालत ने भ्रष्टाचार के आरोप में सजा दी है ? क्या मायावती , केजरीवाल , मुलायम , ममता , चिदमबरम को सजा हुयी है ? क्या इनके भ्रष्टाचार के खिलाफ किसी के पास कोई सबूत है ? यदि है तो सबूत यहां रखिये। सबूत दीजिये कि मनमोहन ने पैसा खाया था। सबूत दीजिये जवाहर लाल गाज़ी भ्र्ष्ट था। यदि आपके पास हो तो इनके द्वारा ली गयी घूस की रसीदें भी दिखाइए !!
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मेरा मानना है कि उपरोक्त वर्णित सभी नेता सर से पाँव तक भ्रष्टाचार में लिप्त थे। मुझे इसके लिए किसी रसीद या सबूत की जरूरत नहीं है। कॉमन सेन्स और कॉमन नॉलेज से यह बात स्थापित है कि ये सभी भ्रष्ट थे। क्योंकि हमने एवं जनता ने इनका शासन देखा है। यहां तक कि केजरीवाल भी भ्रष्ट है। बल्कि वह सबसे ज्यादा भ्रष्ट है। दुरात्मा अन्ना एवं महादुरात्मा गांधी बह सिर से लेकर पाँव तक भ्र्ष्ट था। केजरीवाल पॉवर एवं फेम करप्ट ( शक्ति एवं ख्याति लोलुप ) है , जबकि अन्ना और मोहन ख्याति लोलुप थे। और ख्याति हासिल करने के लिए ये लोग किसी हद तक गिर जाते है।
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तो बिंदु यह है कि उपरोक्त सभी लोग बिना किसी सबूत के भ्रष्ट है , तो मोदी साहेब कौन से देवदूत है कि उनके किसी भी भ्रष्टाचार की बात करने पर मोदी भगत लिखित में सबूत मांगने चले आते है ? और मोदी साहेब के इन्ही भगतो से जब सोनिया-राहुल-सिब्बल के खिलाफ सबूत माँगा जाता है तो इनका मुंह घोड़े जैसा लटक जाता है। मतलब ये लोग बुरा मानकर मुहं फुला लेते है।
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पूरा देश जान रहा है कि विधायक कम होने के बावजूद मोदी साहेब ने कर्नाटक में सरकार बनाने का जो दावा किया है वह हॉर्स ट्रेंडिंग बिना संभव नहीं है !! जब बिकना होता है तो बीजेपी के विधायक / सांसद पैसा लेकर बिकते आये है, और जब सरकार बनानी होती है तो पैसा देकर विधायको को खरीदते आये है।
दर्जनों उदाहरण मौजूद है। और इसमें कोई गलत बात भी नहीं है। अब सरकार बनानी है तो पैसा तो देना ही पड़ेगा न। दूसरी पार्टी के विधायक क्या मुफ्त में बीजेपी की सरकार बनवायेंगे ? लेकिन अब भी मोदी भगत यह साबित करने में लगे है कि हम बिना किसी खरीद फरोख्त के सरकार बना रहे है !! मतलब एक हद होती है।
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इस बारे में हमारा प्रस्ताव है कि राईट टू रिकॉल मुख्यमंत्री क़ानून लागू किया जाना चाहिए। प्रत्यक्ष चुनाव होने से जनता सीधे मुख्यमंत्री को चुन सकेगी और विधायको की खरीद फरोख्त बंद हो जायेगी। कहने की जरुरत नहीं है कि संघ के सभी कार्यकर्ता इस क़ानून का विरोध कर रहे है। मोदी साहेब , सोनिया एवं केजरीवाल भी इस कानून का विरोध कर रहे है। क्यों वे इसका विरोध कर रहे है ? यदि आप इन नेताओं के भगत नहीं है तो आपको बताने की जरूरत नहीं है कि इस कानून के आने से इन नेताओं की पार्टियो की एवं इनके कार्यकर्ताओ की कमाई बंद हो जायेगी।
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