Pawan Jury BhilwaraRj
पोकरण-2 असफल रहा था -- ऐसे परीक्षणों में असफलता अप्रत्याशित नहीं है। लेकिन हमारी साथ ट्रेजेडी यह है कि -- हमनें इसे सुधारने के लिए फिर कभी कोई परिक्षण नहीं किया !!!
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न्यूज लिंक -- <https://goo.gl/m4JkJS>
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पोकरण-2 में तीन परिक्षण किये गए थे। लेकिन फिशन और लोइल्ड डिवाइस के परिक्षण हम 1974 में ही सफलता पूर्वक कर चुके थे। पोकरण-2 में मुख्य परिक्षण थर्मो न्यूक्लियर ( हाइड्रोजन बम ) डिवाइस का था। लेकिन यह असफल रहा। किन्तु सरकार ने देश की जनता को यह बताया कि हाइड्रोजन बम का विस्फोट कामयाब था।
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हमें अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम फिर से शुरू करना चाहिए। अमेरिका ने 1050 , रूस ने 750 और चीन ने 50 से ज्यादा परिक्षण किये है। लेकिन भारत ने सिर्फ 2 !!! और सबसे चिंताजनक बात यह है कि हमने अब तक एक भी असली टेस्ट ( वातावरणीय परिक्षण ) नहीं किया है। चीन ने 23 वातावरणीय परिक्षण किये है !!
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