> Facebook Archive | Pawan Jury BhilwaraRj | 2018-05-09

Pawan Jury BhilwaraRj

(B020) Weaponization of we the commons
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प्रत्येक भारतीय के लिए बन्दुक रखना अनिवार्य किया जाए
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अमेरिका के 50% से ज्यादा पुरुषो एवं 25% महिलाओ के पास बन्दुक होना सबसे बड़ी वजह है कि भारत के उलट अमेरिका के नेता एवं धनिक वहां के आम नागरिको की बात गंभीरता से सुनते है और उनकी समस्याओ का समाधान करने की दिशा में काम करते है। भारत में 0.5% लोगो के पास भी बंदूके नहीं है , और न ही वे बंदूके जुटा सकते है, जबकि अमेरिका में यदि शेष नागरिक बन्दुक खरीदना चाहे तो सिर्फ सप्ताह भर में अमेरिका के 100% नागरिको के पास बंदूके होगी !! इस तरह जरूरत पड़ने पर बंदूके अमेरिकीयो की पहुँच में है। सरकार उन्हें रोक नहीं सकती !! आम अमेरिकी की पास बन्दुक होना और उनकी पहुंच बंदूकों तक होना सबसे बड़ी वजह है कि आज तक अमेरिकी धनिक एवं राजनेता वहां पर ज्यूरी सिस्टम , राईट टू रिकॉल पुलिस प्रमुख, राइट टू रिकॉल जज आदि क़ानून प्रक्रियाओं को निलंबित करने का साहस नहीं कर सके है। और अमेरिकियों के पास बंदूक होने के कारण ही अमेरिकी धनिक एवं नेता जीएसटी एवं ई-वे बिल जैसे क़ानून थोपने की हिम्मत नहीं जुटा सके।
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अमेरिका का प्रशासन भारत की तुलना में बेहतर काम करता है क्योंकि वहां के नागरिको के पास -- a) राईट टू रिकॉल , b) जूरी सिस्टम , c) जीएसटी का न होना , d) वेल्थ टेक्स का होना , e) मल्टी इलेक्शन और f) जनमत संग्रह आदि प्रक्रियाएं है।
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अमेरिकी धनिक इन प्रक्रियाओं को खत्म करना चाहते है। लेकिन अमेरिकी धनिको को ऐसा करने से कौनसी चीज रोक देती है ? वजह सिर्फ यह है कि , अमेरिकी नागरिको के पास बंदूके है एवं वे बन्दुक का महत्त्व समझते है।
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तो मेरे विचार में हम रिकालिस्ट को भारतीय नागरिको को यह सूचना देनी चाहिए कि , अमेरिका का प्रशासन हमसे बेहतर है क्योंकि -- वहां के 50% नागरिको के पास बंदूके है 90% अमेरिकी बन्दुक का महत्त्व समझते है।
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जबकि भारत में हमारे पास सोनिया-मोदी-केजरीवाल जैसे नेता, संघ-कांग्रेस-आपा के कार्यकर्ता और अर्थव्यवस्था , राजनीति विज्ञान, इतिहास आदि के क्षेत्र में काम करने वाले ऐसे कपटी बुद्धिजीवियों की गेंग है जो भारत के नागरिको को बन्दुक रखने का अधिकार देने का विरोध करती है। उनका कहना है कि -- सिर्फ खुद उनको छोड़कर भारत के अन्य आम नागरिक गंवार है और उन्हें बन्दुक रखने की छूट नहीं दी जानी चाहिए।
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हम राइट टू रिकॉल पार्टी के कार्यकर्ता भारत में इस मुद्दे पर जनमत संग्रह करवाने की प्रक्रिया लाने पर काम कर रहे है , ताकि भारत के नागरिक स्वयं यह तय कर सके कि क्या प्रत्येक भारतीय को बन्दुक रखने का अधिकार होना चाहिए या नहीं। इस जनमत संग्रह में मेरा वोट "हाँ" होगा। लेकिन सोनिया-मोदी-केजरीवाल का कहना है कि इस मुद्दे पर कोई जनमत संग्रह नहीं किया जाना चाहिए, और भारतीयों को हथियार विहीन ही रखा जाना चाहिए।
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मेरा सभी कार्यकर्ताओ से आग्रह है कि ,कृपया वे अपनी फेसबुक वॉल पर एक एल्बम "(B020) Weaponization of we the commons" शीर्षक से बनाये , एवं इस एल्बम में इस विषय से सम्बंधित पोस्ट रखे।
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