Pawan Jury BhilwaraRj
जब कोंग्रेस शासन में थी एवं स्त्री के खिलाफ अपराध होते थे तो मोदी साहेब इस आशय की बात कहते थे कि सरकार निकम्मी है , एवं बीजेपी के सत्ता में आते ही इस तरह के अपराध जादुई ढंग से ख़त्म हो जायेंगे। तब हम नागरिको को लगातार यह सूचना दे रहे थे कि कानूनों में व्यवस्थागत सुधार लाये बिना इस तरह के अपराधो को रोका जाना संभव नहीं है। हम तब भी बीजेपी से यह पूछ रहे थे कि , यदि आप सत्ता में आये तो पुलिस एवं जजों का भ्रष्टाचार कम करने के लिए जिन कानूनों को लागू करेंगे उनके ड्राफ्ट दीजिये।
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लेकिन मोदी साहेब के अंध भगतो एवं संघ के स्वयंसेवक नागरिको को लगातार यह विश्वास दिलाने की कोशिश कर रहे थे कि, मोदी साहेब जादूगर है !! अत: उनके पीएम बनते ही ऐसे अपराध जादुई तरीके से गायब हो जायेंगे। आज उन्हें सत्ता में आये 4 वर्ष हो चुके है। और भारत के प्रत्येक नागरिक को पता है कि जजों एवं पुलिस प्रशासन में जो भ्रष्टाचार कोंग्रेस के कार्यकाल में था , उसमे रत्ती भर भी कमी नहीं आयी है। और इसी वजह से स्त्रीयो के खिलाफ अपराधो में भी वृद्धि हुयी है। और अब राहुल गांधी केंडल मार्च निकाल कर नागरिको को यह विश्वास दिलाने की कोशिश कर रहे है कि , ऐसे हादसों का उपाय यह है कि इण्डिया गेट पर जाकर कई दर्जन मोमबत्तियां फूंक की जाए !!! जैसे जैसे मोम जलेगा वैसे वैसे जजों एवं पुलिस के भ्रष्टाचार में कमी आएगी !! जब कोंग्रेस सत्ता में थी तब यही जादूगरी बीजेपी के नेता एवं कार्यकर्ता दिखा रहे थे !!
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मोमबत्तियां जलाने , अनशन करने , उपवास करने और संवेदना जताने से इस तरह के हादसों को रोका नहीं जा सकता। इसके लिए हमें पुलिस एवं जजों का भ्रष्टाचार कम करने के लिए आवश्यक क़ानून लागू करने होंगे। शेष सभी कौतुक समय काटने एवं खुद को ज्यादा फिक्रमंद दिखाने के पैंतरे है।
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जो कार्यकर्ता स्त्री अपराधो में कमी लाना चाहते है उन्हें सबसे पहले या समझना होगा कि सोनिया-मोदी-केजरीवाल एवं उनके अंध भगत उन सभी कानूनों का विरोध कर रहे है जिससे पुलिस एवं जजों के भ्रस्टाचार में कमी आये। यदि आप पुलिस एवं जजों के भ्रष्टाचार को कम करना चाहते है तो राईट टू रिकॉल पुलिस प्रमुख , राईट टू रिकॉल जज एवं ज्यूरी सिस्टम कानूनों की मांग करें। इन कानूनों के प्रस्तावित ड्राफ्ट देखने के लिए मेरी कवर पिक्चर पर क्लिक करें एवं डिस्क्रिप्शन देखें।
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